कस्टम मिलिंग घोटाला : ED के हाथ लगे भूपेश के 350 पन्नों के दस्तावेज
समझें क्या है पूरा मामला
- ED ने शुरू की कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि मामले की जांच
- 40 रुपए से 120 रुपए बढ़ाने के फैसले की हो रही पड़ताल
- सरकार ने ED को सौंपे 350 पेज के प्रमाणित दस्तावेज
- नोटशीट से लेकर बैठकों के रिकॉर्ड तक खंगाल रही एजेंसी
- 140 करोड़ रुपए के कथित घोटाले से जुड़ा है मामला
छत्तीसगढ़ में धान की कस्टम मिलिंग से जुड़े मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय अब तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के फैसले की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रहा है।
मामला खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 का है। उस समय राइस मिलर्स को मिलने वाली विशेष प्रोत्साहन राशि को 40 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल किया गया था। इस फैसले को लेकर अब ED दस्तावेजों की जांच कर रही है।
सरकार ने ED को सौंपे फैसले से जुड़े रिकॉर्ड
ED की मांग के बाद राज्य सरकार ने प्रोत्साहन राशि बढ़ाने से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। इन दस्तावेजों में प्रस्ताव तैयार करने से लेकर अंतिम आदेश जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया शामिल है।
सरकार की ओर से करीब साढ़े तीन सौ पेज के प्रमाणित दस्तावेज जांच एजेंसी को दिए गए हैं। इनमें विभागीय नोटशीट, अधिकारियों की टिप्पणियां, बैठकों के रिकॉर्ड और संबंधित संगठनों के पत्र भी शामिल हैं।
जांच एजेंसी यह देख रही है कि प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का प्रस्ताव किस विभागीय स्तर पर तैयार हुआ था। इसके लिए किन अधिकारियों ने सुझाव दिए और किन परिस्थितियों में सरकार ने राशि बढ़ाने का फैसला लिया।
40 रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए हुई थी राशि
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में सरकार ने कस्टम मिलिंग करने वाले राइस मिलर्स को मिलने वाली विशेष प्रोत्साहन राशि में बड़ा बदलाव किया था।
पहले मिलर्स को 40 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जाती थी। बाद में इसे बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया। यानी प्रति क्विंटल 80 रुपए की अतिरिक्त बढ़ोतरी हुई थी।
तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सार्वजनिक मंच से प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की जानकारी दी थी। अब ED इसी निर्णय की प्रशासनिक प्रक्रिया की जांच कर रही है।
नोटशीट और बैठकों के रिकॉर्ड की जांच
जांच एजेंसी सिर्फ राशि बढ़ाने के आदेश तक सीमित नहीं है। ED यह भी पता लगा रही है कि प्रस्ताव तैयार होने के दौरान किन अधिकारियों और विभागों की भूमिका रही।
इसके लिए खाद्य विभाग से जुड़ी नोटशीट, अधिकारियों के बीच हुई चर्चा और बैठकों के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन सहित अन्य संगठनों की ओर से सरकार को दिए गए आवेदन और पत्र भी जांच के दायरे में हैं।
बढ़ी राशि में से 40 रुपए वसूली का आरोप
इस मामले में आरोप है कि प्रोत्साहन राशि बढ़ने के बाद कथित तौर पर मिलर्स से अतिरिक्त राशि की मांग की गई।जांच एजेंसियों के सामने आरोप है कि बढ़ी हुई 80 रुपए प्रति क्विंटल राशि में से 40 रुपए दो किस्तों में लिए जाने की बात सामने आई थी। इसमें 20-20 रुपए की दो किस्तों का उल्लेख किया गया है।
आरोप यह भी है कि कुछ मामलों में भुगतान प्रक्रिया को कथित वसूली से जोड़ा गया। जांच एजेंसियां इन्हीं आरोपों की सच्चाई दस्तावेजों और बयानों के आधार पर जांच रही हैं।
करीब 140 करोड़ रुपए के मामले की जांच
कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि से जुड़े मामले में करीब 140 करोड़ रुपए के कथित घोटाले की जांच चल रही है। मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) भी जांच कर रहे हैं। दोनों एजेंसियां भी अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। जांच के दौरान कई राइस मिलर्स के बयान दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कई लोगों पर दर्ज हो चुका है मामला
इस प्रकरण में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल, मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी और राइस मिलर रोशन चंद्राकर सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इसके अलावा अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा के खिलाफ भी जांच आगे बढ़ाई गई है। ED और EOW-ACB अब दस्तावेजों के साथ आरोपों और प्रशासनिक प्रक्रिया के बीच संबंधों की जांच कर रही हैं।
कैबिनेट फैसले में तय थी भुगतान प्रक्रिया
कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि के भुगतान को लेकर तत्कालीन सरकार ने प्रक्रिया भी तय की थी। इसके तहत प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत भुगतान कस्टम मिलिंग शुल्क के साथ किया जाना था। बाकी 50 प्रतिशत राशि केंद्रीय पूल के लिए तय धान की मात्रा जमा होने के बाद देने का प्रावधान था।
अब जांच एजेंसियां इसी पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रही हैं। ED यह समझने की कोशिश कर रही है कि राशि बढ़ाने का फैसला नियमों के अनुसार हुआ या इसमें किसी तरह की अनियमितता हुई। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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