मॉनिटर लिजर्ड को चखना बनाकर खा गए युवक, वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

Harrison Masih | Aug 27, 2026, 17:30 IST
बंगाल मॉनिटर लिजर्ड का शिकार
दंतेवाड़ा में शराब के साथ चखना बनाने के लिए युवकों ने गोह का शिकार कर लिया। वे उसे खा भी गए, और घटना का वीडियो बनाकर बनाकर Instagram पर डाल दिया। वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया और युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में तीन युवकों ने एक बंगाल मॉनिटर लिजर्ड यानी गोह को जंगल में पकड़ लिया। आरोप है कि युवकों ने इसे शराब के साथ चखना बनाने के लिए पकाया और खा गए। इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया।



एक युवक ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने तीनों युवकों को पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान हुंगा ओयाम (30), कोसा ओयामी (39) और नंदाराम ओयामी (36) के रूप में हुई है, जो खूंटेपाल गांव के रहने वाले हैं। मामला जिले के श्यामगिरी इलाके का है।



वन विभाग अब आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई कर रहा है।



इंस्टाग्राम पर पोस्ट हुआ था वीडियो

जानकारी के मुताबिक इंस्टाग्राम पर हुंगा ओयाम नाम की आईडी से यह वीडियो पोस्ट किया गया था। वीडियो में युवक मॉनिटर लिजार्ड को पकड़ते हुए दिखाई दे रहे थे। इसमें एक युवक कैमरे के सामने इसे शराब के साथ चखना बनाने की बात कहता नजर आया।



आरोप है कि इसके बाद मॉनिटर लिजार्ड के साथ क्रूरता की गई और बाद में इसे पकाकर खाने की बात सामने आई।



वन विभाग तक पहुंची जानकारी

बताया जा रहा है कि यह वीडियो वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंचने के बाद टीम एक्शन में आई। PCCF (Principal Chief Conservator of Forests) के निर्देश पर बचेली रेंजर प्रीतेश पांडेय और उनकी टीम ने श्यामगिरी क्षेत्र में युवकों की तलाश शुरू की।



टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को पकड़ लिया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि तीनों युवक बोर उत्खनन करने वाली गाड़ी में काम करते हैं।



3 से 4 महीने की थी मॉनिटर लिजार्ड की उम्र

वन विभाग के मुताबिक जिस मॉनिटर लिजार्ड का शिकार किया गया, उसकी उम्र करीब 3 से 4 महीने बताई जा रही है। इसके शिकार पर भी 3 से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।



यही सजा टाइगर या अन्य संरक्षित वन्यजीव के शिकार पर भी मिलती है, यानी कानून की नजर में इसे भी उतना ही गंभीर अपराध माना जाता है।



कई देशों में पाई जाती है यह प्रजाति

बंगाल मॉनिटर भारत के बड़े हिस्से में पाया जाता है। यह छत्तीसगढ़ के बस्तर में दुर्लभ माना जाता है। इसके अलावा इसकी मौजूदगी पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और पश्चिम व दक्षिण एशिया के कुछ अन्य हिस्सों में भी दर्ज की गई है।



यह जंगलों के अलावा झाड़ियों वाले क्षेत्रों, खेतों, सूखे और नम इलाकों जैसे कई तरह के प्राकृतिक आवासों में रह सकता है। बस्तर जैसे वन क्षेत्र इसके लिए उपयुक्त प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराते हैं, इसलिए यहां इसे देखे जाने की संभावना रहती है।



चार महीने में चौथा वन्यजीव शिकार मामला

दंतेवाड़ा जिले में पिछले 4-5 महीनों के भीतर बाघ, तेंदुआ, महाराष्ट्र के राजकीय पशु शेकरू और अब मॉनिटर लिजार्ड का शिकार किया जा चुका है। इन चारों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।



यह लगातार सामने आ रहे मामले इलाके में वन्यजीव तस्करी और शिकार पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित करते हैं।



अब आगे क्या

वन विभाग की टीम मामले की आगे जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत औपचारिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।



आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि इस तरह के मामलों को रोकने के लिए वन विभाग क्षेत्र में और क्या निगरानी व्यवस्था लागू करता है।



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