छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में अब सिर्फ देवभोग ब्रांड, बिना टेंडर होगी खरीदी

VINAY VERMA | Jul 03, 2026, 11:24 IST
सरकारी दफ्तरों में देवभोग उत्पादों की आपूर्ति के लिए कोई टेंडर नहीं
छत्तीसगढ़ सरकारी दफ्तरों में अब सिर्फ देवभोग उत्पाद खरीदे जाएंगे। बिना टेंडर खरीद होगी, निजी ब्रांड पर रोक लगी। आदेश न मानने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई।

छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय ऑफिसों में देवभोग ब्रांड के प्रोडक्ट लेना होगा। सरकार ने इस संबंध में विभागों, निगमों, मंडलों, सार्वजनिक उपक्रमों और नगरीय निकायों को आदेश दिया है। तर्क है कि सरकार ने प्रदेश के पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। लेकिन यह आदेश देवभोग ब्रांड को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा टेकओवर करने के बाद लिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ का NDDB में विलय किया गया है।



NDDB ने संभाली देवभोग की कमान

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने देवभोग ब्रांड का संचालन अपने हाथ में लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ का एनडीडीबी में विलय किया गया है। अब दूध उत्पादन बढ़ाने की जिम्मेदारी एनडीडीबी की होगी। जबकि वितरण का काम राज्य सरकार और सहकारी तंत्र संभालेगा।



बिना टेंडर होगी खरीद

सरकार ने खरीद प्रक्रिया भी आसान कर दी है। देवभोग उत्पादों के लिए अलग से टेंडर नहीं बुलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम के तहत विभाग सीधे सहकारी संस्था से खरीद सकेंगे। सरकार का तर्क है कि इससे समय बचेगा और खरीद प्रक्रिया तेज होगी।



सरकारी कार्यक्रमों में निजी ब्रांड पर रोक

आदेश के मुताबिक अब सरकारी बैठकों, वीआईपी दौरों, सेमिनार और अन्य आयोजनों में निजी कंपनियों के दूध, दही, मट्ठा, घी और मिठाइयों का उपयोग नहीं होगा। सभी विभागों को केवल देवभोग उत्पाद खरीदने होंगे। सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय डेयरी नेटवर्क को स्थायी बाजार मिलेगा।



छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में अब सिर्फ देवभोग


सभी विभागों पर लागू होगा आदेश

यह आदेश मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक लागू रहेगा। सभी विभाग, निगम, मंडल, सार्वजनिक उपक्रम, विकास प्राधिकरण, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को इसका पालन करना होगा। सरकारी बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी केवल देवभोग उत्पाद ही परोसे जाएंगे।



पशुपालकों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार का दावा है कि इस फैसले से हजारों पशुपालकों को लाभ होगा। देवभोग की मांग बढ़ेगी तो दूध की खरीदी भी बढ़ेगी। किसानों को नियमित बाजार मिलेगा। सहकारी समितियां मजबूत होंगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।



सहकारिता मॉडल पर रहेगा जोर

केद्रीय सरकार सहकारिता पर विशेष फोकस कर रही है। राज्यों को नई नीति लाने के लिए कहा गया है। साथ में गांव-गांव के लोगों को सहकारिता से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। NDDB का फोकस राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाना है। इसके लिए नए पशुपालकों को सहकारी समितियों से जोड़ा जाएगा। आधुनिक डेयरी प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बने।



लापरवाही पर होगी कार्रवाई

मुख्य सचिव के आदेश के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। आदेश की पावती भी मांगी गई है। यदि किसी विभाग ने निजी डेयरी ब्रांड के उत्पाद खरीदे, तो संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) और विभाग प्रमुख पर कार्रवाई होगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि आदेश का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ सरकार का नया आदेश क्या है?
    सरकारी दफ्तरों में अब सिर्फ देवभोग ब्रांड के उत्पाद खरीदे जाएंगे। निजी डेयरी ब्रांड पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश मुख्य सचिव ने जारी किया है।
  2. देवभोग उत्पादों की खरीद कैसे होगी?
    देवभोग उत्पादों के लिए अलग टेंडर नहीं बुलाया जाएगा। विभाग सीधे सहकारी संस्था से खरीद कर सकेंगे। इससे खरीद प्रक्रिया तेज और आसान होगी।
  3. आदेश न मानने पर क्या होगा?
    अगर कोई विभाग निजी ब्रांड खरीदता है तो डीडीओ और विभाग प्रमुख पर कार्रवाई होगी। सरकार ने आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा है। पावती भी अनिवार्य की गई है।

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