ACB का बड़ा एक्शन : सिंचाई विभाग का कर्मचारी 1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
Dhamtari। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने आरोपी को उस समय पकड़ा जब वह शिकायतकर्ता से नकद राशि स्वीकार कर रहा था। कार्रवाई के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय है।
पेंशन से जुड़े काम के बदले मांगी गई थी रकम
एसीबी सूत्रों के अनुसार मामला सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने एजेंसी को बताया था कि विभागीय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और लंबित कार्यों के निपटारे के बदले उससे पैसे मांगे जा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने प्रारंभिक जांच की। जांच में शिकायत के तथ्यों की पुष्टि होने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की गई।
बताया जा रहा है कि आरोपी कर्मचारी की पहचान लखेश्वर साहू के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने पेंशन से संबंधित फाइलों को आगे बढ़ाने और भुगतान प्रक्रिया में मदद करने के नाम पर एक लाख रुपए की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी एसीबी को दी जिसके बाद पूरा ऑपरेशन तैयार किया गया।
योजनाबद्ध तरीके से की गई कार्रवाई
एसीबी अधिकारियों ने शिकायत की पुष्टि होने के बाद शिकायतकर्ता को आवश्यक प्रक्रिया समझाई। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता आरोपी के संपर्क में रहा। जब राशि देने का समय तय हुआ तब एसीबी की टीम निगरानी में जुट गई।
जानकारी के मुताबिक लेनदेन आरोपी के निजी निवास पर होना था। शिकायतकर्ता जैसे ही निर्धारित राशि लेकर वहां पहुंचा और आरोपी ने पैसे स्वीकार किए वैसे ही पहले से तैनात एसीबी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। टीम ने मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए राशि और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए।
आरोपी से पूछताछ जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। एसीबी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत मांगने की यह घटना अकेली थी या इसके पीछे कोई व्यापक तंत्र काम कर रहा था। जांच अधिकारी आरोपी के विभागीय कामकाज और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अन्य कर्मचारियों और संबंधित पक्षों से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। एजेंसी का कहना है कि सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगने और लेने के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभागीय स्तर पर भी इस मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
विभाग में मचा हड़कंप
कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद सिंचाई विभाग में हलचल मच गया है। कर्मचारी और अधिकारी पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि पेंशन से जुड़े मामलों में आमतौर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी विभागीय प्रक्रियाओं पर निर्भर रहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत करना महत्वपूर्ण होता है। शिकायत मिलने पर जांच एजेंसियां कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर सकती हैं। एसीबी भी लगातार लोगों से अपील करती रही है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में काम के बदले रिश्वत मांगी जाए तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित एजेंसी को दें।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी
छत्तीसगढ़ में एसीबी समय-समय पर ट्रैप कार्रवाई कर रिश्वतखोरी के मामलों का खुलासा करती रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी। धमतरी की यह कार्रवाई भी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
जांच अभी जारी है और एसीबी आने वाले दिनों में मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर सकती है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।
FAQ
- आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सिंचाई विभाग के कर्मचारी लखेश्वर साहू को पेंशन प्रकरण से जुड़े काम के बदले रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी को शिकायत के आधार पर ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथ पकड़ा गया। - आरोपी ने कितनी रिश्वत मांगी थी?
आरोप है कि आरोपी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन फाइल आगे बढ़ाने और भुगतान प्रक्रिया तेज करने के नाम पर एक लाख रुपए की मांग की थी। शिकायतकर्ता की जानकारी के बाद एसीबी ने योजना बनाकर कार्रवाई की। - आगे क्या कार्रवाई की जा रही है?
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अब पूरे लेनदेन और विभागीय प्रक्रिया की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
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