डोंगरगांव को मिला नगर पालिका का दर्जा: विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार
राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव नगरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। राज्य सरकार ने डोंगरगांव नगर पंचायत का उन्नयन कर उसे नगर पालिका परिषद का दर्जा दे दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। इस फैसले के बाद डोंगरगांव में खुशी का माहौल है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।
नगर पंचायत से नगर पालिका बना डोंगरगांव
छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम के तहत जारी अधिसूचना के अनुसार डोंगरगांव अब नगर पंचायत नहीं बल्कि नगर पालिका परिषद के रूप में कार्य करेगा। सरकार का मानना है कि बढ़ती आबादी और शहरी जरूरतों को देखते हुए यह फैसला जरूरी था। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार डोंगरगांव की आबादी करीब 14 हजार 693 है और पिछले वर्षों में यहां शहरी विस्तार भी तेजी से हुआ है।
नगर पालिका का दर्जा मिलने से अब स्थानीय निकाय को अधिक वित्तीय संसाधन, विस्तारित प्रशासनिक अधिकार और विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
जनता की मांग पर लिया गया फैसला
सरकारी सूत्रों के अनुसार डोंगरगांव के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने कई बार क्षेत्र को नगर पालिका बनाने की मांग उठाई थी। यह मांग उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव तक भी पहुंची थी। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया पूरी कर शासन ने डोंगरगांव को नगर पालिका परिषद घोषित करने का निर्णय लिया।
राजनीतिक जानकार इसे सरकार द्वारा स्थानीय विकास को प्राथमिकता देने वाले फैसलों में शामिल कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में नई परियोजनाओं के लिए भी रास्ता आसान होगा।
सड़क, पानी और स्वच्छता परियोजनाओं को मिलेगा लाभ
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डोंगरगांव के विकास को नई गति मिलेगी। नगर पालिका बनने के बाद सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, उद्यान, सामुदायिक भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक योजनाएं स्वीकृत की जा सकेंगी।
उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न शहरी योजनाओं का लाभ भी अब अधिक प्रभावी तरीके से नगरवासियों तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और डोंगरगांव का नियोजित विकास संभव हो सकेगा।
क्या बोले स्थानीय जन प्रतिनिधि
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नगर पालिका बनने से विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी, नए संसाधन मिलेंगे और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। लंबे समय से प्रतीक्षित इस फैसले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
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