छत्तीसगढ़ में नगरीय विकास कार्यों को गति देने के लिए नया PWD SOR मंजूर

Umeshwari Baghel | Jun 21, 2026, 16:04 IST
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छग के शहरी निकायों में निर्माण कार्यों के लिए नई दरें लागू
छग के शहरी निकायों में निर्माण कार्यों के लिए नई दरें लागू

छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों में PWD की नई SOR दरें लागू कर दी हैं। अब भवन, सड़क और बिजली कार्यों के एस्टीमेट नए बाजार भाव पर बनेंगे। जीएसटी अलग रखने से पारदर्शिता बढ़ेगी और टेंडर प्रक्रिया तेज व प्रतिस्पर्धी होगी। विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। छत्तीसगढ़ के नगरीय विकास कार्यों को गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक और तकनीकी बदलाव किया है। अब प्रदेश के शहरी निकायों में भवन, सड़क और बिजली से जुड़े सभी निर्माण कार्य नए आर्थिक ढांचे के आधार पर आगे बढ़ेंगे।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा जारी नवीन दर अनुसूची (Schedule of Rates – SOR) को औपचारिक मंजूरी देते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

इस निर्णय के बाद अब नगर निगमों और नगर पालिकाओं में बनने वाले सभी विकास कार्यों के प्राक्कलन पुराने रेट की जगह संशोधित बाजार दरों के आधार पर तैयार किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस कदम से लंबे समय से रुके हुए निर्माण कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी और शहरी विकास योजनाएं फिर से सक्रिय हो सकेंगी।

नई दर अनुसूची से बदलेगा एस्टीमेट तैयार करने का तरीका

नए आदेश के लागू होने के बाद नगरीय निकायों में किसी भी सड़क, भवन या विद्युत निर्माण कार्य का एस्टीमेट अब पुराने मानकों पर आधारित नहीं रहेगा। इसके स्थान पर लोक निर्माण विभाग द्वारा संशोधित की गई दर सूची के अनुसार वास्तविक बाजार लागत को ध्यान में रखकर प्राक्कलन तैयार किया जाएगा।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब तक पुरानी दरों और वर्तमान बाजार मूल्य के बीच बड़ा अंतर होने के कारण कई परियोजनाएं या तो अटक जाती थीं या फिर टेंडर प्रक्रिया में अपेक्षित प्रतिस्पर्धा नहीं मिल पाती थी। नई व्यवस्था से यह असंतुलन काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।

जीएसटी मुक्त दरों से बढ़ेगी पारदर्शिता और स्पष्टता

नई दर अनुसूची की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें दरों को जीएसटी से अलग रखा गया है, जिससे बिलिंग और भुगतान प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और विवाद रहित होगी। पहले लागू दरों में जीएसटी शामिल होने के कारण ठेकेदारों और विभागीय एजेंसियों के बीच कई बार भुगतान और मूल्यांकन को लेकर असहमति की स्थिति बन जाती थी।

अब टैक्स को अलग रखने से प्रत्येक कार्य की वास्तविक लागत स्पष्ट रूप से सामने आएगी। विभाग का मानना है कि इससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यों के निष्पादन में भी तेजी आएगी।

भवन, सड़क और विद्युत कार्यों में हुआ बड़ा संशोधन

सरकार ने तीन प्रमुख निर्माण क्षेत्रों में नई दरें लागू की हैं, जिनमें भवन निर्माण कार्य, सड़क निर्माण और इलेक्ट्रिकल-मैकेनिकल कार्य शामिल हैं। भवन निर्माण के लिए 2015 के पुराने बेस रेट को संशोधित करते हुए नई दर संरचना तैयार की गई है, जिसे 2026 के मानकों के अनुरूप अपडेट किया गया है।

इसी तरह सड़क निर्माण कार्यों के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सड़क परियोजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। बिजली और मशीनरी से जुड़े कार्यों में भी दरों को वर्तमान तकनीकी आवश्यकताओं और बाजार लागत के अनुरूप संशोधित किया गया है, जिससे आधुनिक शहरी ढांचे के विकास को समर्थन मिलेगा।

विकास कार्यों में आएगी गति, टेंडर प्रक्रिया होगी प्रतिस्पर्धी

नए फैसले का सीधा असर नगरीय निकायों की विकास गति पर पड़ने की संभावना है। अब तक कई ठेकेदार पुरानी दरों के कारण टेंडर लेने से हिचकिचा रहे थे, जिससे कई परियोजनाएं लंबित थीं। नई दर व्यवस्था लागू होने के बाद ठेकेदारों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है

जिससे निविदा प्रक्रिया अधिक प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी बनेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जब एस्टीमेट वास्तविक लागत के करीब होंगे, तो परियोजनाओं के पूरा होने की संभावना भी बढ़ेगी और गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

शहरी बुनियादी ढांचे को मिलेगी नई रफ्तार

इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ शहरी बुनियादी ढांचे को मिलने वाला है। सड़क, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, पाइपलाइन और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य अब तेजी से पूरे किए जा सकेंगे।

कई नगरीय निकायों में लंबे समय से रुकी हुई परियोजनाएं इस नई दर प्रणाली के लागू होने के बाद फिर से शुरू हो सकती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि शहरी विकास को अधिक व्यवहारिक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।

IMP FACTS

PWD की नई SOR दरें अब सभी नगरीय निकायों में लागू
भवन, सड़क और बिजली कार्यों के एस्टीमेट नए बाजार रेट पर बनेंगे
दरों से GST अलग किया गया, जिससे बिलिंग में स्पष्टता बढ़ेगी
पुरानी दरों (2015/2020) को संशोधित कर 2026 के अनुसार अपडेट किया गया
टेंडर प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता बढ़ने की संभावना
रुके हुए निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद
ठेकेदारों की भागीदारी बढ़ने से विकास कार्यों में तेजी आएगी

प्रशासनिक दृष्टि से बड़ा सुधार

नगरीय प्रशासन विभाग के इस कदम को एक प्रशासनिक सुधार के रूप में भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल दर संशोधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे निर्माण तंत्र को अधिक आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर होगा, बल्कि वित्तीय अनुशासन और परियोजना प्रबंधन में भी सुधार देखने को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में लागू यह नई दर व्यवस्था आने वाले समय में शहरी विकास की दिशा और गति दोनों को प्रभावित कर सकती है। सरकार की कोशिश है कि विकास कार्य केवल योजनाओं तक सीमित न रहें, बल्कि वे समय पर और गुणवत्ता के साथ धरातल पर भी दिखाई दें।

FAQ

  1. नई SOR दरें किस पर लागू होंगी?
    यह दरें नगरीय निकायों में भवन, सड़क और बिजली निर्माण कार्यों के एस्टीमेट पर लागू होंगी।
  2. GST अलग रखने का क्या फायदा होगा?
    GST अलग होने से बिलिंग और भुगतान प्रक्रिया ज्यादा स्पष्ट और पारदर्शी बनेगी।
  3. इस फैसले से क्या बदलाव आएगा?
    टेंडर प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलेगी।

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