जीएसटी घोटाला : 5 महीने से फरार स्टील कारोबारी रायपुर में अरेस्ट

Aishwarya Dwivedi | Jun 16, 2026, 21:45 IST
Share
gst-scam-raipur-steel-businessman-arrested
gst-scam-raipur-steel-businessman-arrested

बिना माल खरीदे 6 करोड़ 93 लाख का फर्जी ITC क्लेम करने वाले स्टील कारोबारी हरीश वाधवानी को DGGI रायपुर ने गिरफ्तार किया। सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई।

वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (DGGI) की रायपुर जोनल यूनिट ने करोड़ों रुपए के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले में एक बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने करीब 6 करोड़ 93 लाख रुपए की टैक्स चोरी के मामले में 'ओम किरण इस्पात उद्योग' के पार्टनर हरीश वाधवानी को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कारोबारी पिछले 5 महीने से फरार चल रहा था।

सुप्रीम कोर्ट तक खारिज हुई अग्रिम जमानत

हरीश वाधवानी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। इस दौरान उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए निचली अदालत से लेकर देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) तक अग्रिम जमानत की याचिकाएं दायर कीं। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट सहित सभी अदालतों ने उसकी याचिकाएं खारिज कर दीं। कानूनी रास्ते बंद होने के बाद आखिरकार DGGI ने उसे धर दबोचा। उल्लेखनीय है कि करीब 5 महीने पहले हरीश के भाई संतोष वाधवानी को भी 14 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।

सिर्फ कागजों पर हुआ खेल

DGGI के एडिशनल डायरेक्टर जनरल सुजीत मलिक के नेतृत्व में हुई इस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच के अनुसार, 'ओम किरण इस्पात उद्योग' ने वास्तव में किसी माल (स्टील या कच्चे माल) की खरीद की ही नहीं थी। कंपनी ने केवल फर्जी बिलों (Fake Invoices) के आधार पर सरकार से लगभग 7 करोड़ रुपए का टैक्स लाभ (ITC) क्लेम कर लिया।

यह पूरा खेल ऐसी फर्जी कंपनियों के जरिए खेला गया जो केवल कागजों पर चल रही थीं, लेकिन जमीन पर उनका कोई अस्तित्व नहीं था। ओम किरण इस्पात उद्योग ने जिन व्यापारियों से बिल लिए थे, जांच में उन सभी के जीएसटी नंबर (GSTIN) पहले से ही रद्द या सस्पेंड पाए गए।

क्या होता है फर्जी ITC और फर्जी इनवॉइस?

फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) : जब कोई कारोबारी बिना कोई सामान या सेवा खरीदे, केवल फर्जी बिलों के दम पर टैक्स में छूट का दावा करता है, तो उसे फर्जी ITC कहा जाता है। इससे सीधे तौर पर सरकार के राजस्व को चपत लगती है।

फर्जी इनवॉइस और सजा : बिना माल की डिलीवरी किए केवल कागजी बिल बनाना और जारी करना जीएसटी कानून के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। इस तरह के मामलों में दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माने के साथ जेल की सजा का प्रावधान है।

बड़े नेटवर्क का अंदेशा, आगे भी होंगी गिरफ्तारियां

DGGI अधिकारियों का मानना है कि यह करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा सिर्फ एक या दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे फर्जी बिलिंग (Fake Billing) का एक बहुत बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। विभाग अब इस रैकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों और बोगस फर्मों की कुंडली खंगाल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े कारोबारियों की गिरफ्तारियां संभव हैं।

TIMELINE

  • 5 महीने पहले: हरीश वाधवानी का भाई संतोष वाधवानी 14 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी में गिरफ्तार हुआ। इसी दौरान हरीश वाधवानी फरार हो गया।
  • फरारी के 5 महीने: हरीश लगातार ठिकाने बदलता रहा और गिरफ्तारी से बचने के लिए निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अग्रिम जमानत की याचिकाएं लगाईं।
  • हाल ही में: सुप्रीम कोर्ट सहित सभी अदालतों से अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज हुईं।
  • अब (ताजा कार्रवाई): DGGI रायपुर की टीम ने ₹6.93 करोड़ के फर्जी ITC घोटाले में हरीश वाधवानी को रायपुर से गिरफ्तार किया।

निष्कर्ष

फर्जी कंपनियों और बिना माल खरीदे 6 करोड़ों 93 लाख का जीएसटी घोटाला लेना हरीश वाधवानी को भारी पड़ा। अदालतों से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद, DGGI रायपुर की मुस्तैदी से 5 महीने से फरार यह स्टील कारोबारी आखिरकार गिरफ्तार हुआ, जो बड़े टैक्स सिंडिकेट पर कड़ी चोट है।

FAQ

  1. DGGI का पूरा नाम क्या है और इसका मुख्य कार्य क्या है?
    उत्तर: DGGI का पूरा नाम Directorate General of GST Intelligence (वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय) है। यह केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के तहत एक प्रमुख खुफिया एजेंसी है, जो जीएसटी चोरी और बड़े कर घोटालों को रोकने और उनकी जांच करने का काम करती है।
  2. इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्या होता है?
    उत्तर: जब कोई व्यापारी अपने व्यवसाय के लिए कोई सामान या सेवा खरीदता है, तो उस पर चुकाए गए टैक्स को 'इनपुट टैक्स' कहते हैं। बाद में जब वह अपना तैयार माल बेचता है, तो ग्राहकों से वसूले गए टैक्स (आउटपुट टैक्स) में से इस इनपुट टैक्स को घटा लेता है। इसे ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) कहा जाता है।
  3. 'फर्जी आईटीसी' (Fake ITC) किसे कहते हैं?
    उत्तर: जब कोई कारोबारी वास्तव में कोई सामान या सेवा नहीं खरीदता, बल्कि केवल कागजों पर फर्जी बिल (Fake Invoices) बनवाकर सरकार से टैक्स छूट या रिफंड का दावा करता है, तो उसे फर्जी आईटीसी कहा जाता है। यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है।
  4. जीएसटी कानून के तहत फर्जी इनवॉइस (Fake Invoice) जारी करने पर क्या सजा है?
    उत्तर: बिना माल या सेवा की वास्तविक आपूर्ति के केवल बिल जारी करना जीएसटी कानून के तहत एक गंभीर और संज्ञेय (Cognizable) व गैर-जमानती अपराध है। टैक्स चोरी की राशि के आधार पर इसमें भारी जुर्माने के साथ 5 वर्ष तक की जेल की सजा का प्रावधान है।

यह खबरें भी पढ़ें...

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें: सोम डिस्टिलरीज पर GST विभाग की सख्ती

छत्तीसगढ़ में GST और रॉयल्टी के समान नियम, नई व्यवस्था लागू

अप्रैल 2026 में GST कलेक्शन 2.42 लाख करोड़ रुपए पहुंचा: इम्पोर्ट रेवेन्यू 25.8% उछला

27 करोड़ का GST घोटाला: DGGI ने पकड़ी फर्जी आईटीसी बिलिंग, मास्टरमाइंड निकला रोहित टन्ना

Tags:
  • रायपुर
  • DGGI
  • जीएसटी घोटाला
  • इनपुट टैक्स क्रेडिट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा