DPC तय करेगी PCCF की दौड़, रेस में सबसे आगे IFS ऑफिसर अरुण पांडे

VINAY VERMA | May 07, 2026, 10:07 IST
dpc-pccf-arun-pandey-leads
छत्तीसगढ़ वन विभाग में PCCF के चयन के लिए DPC की बैठक होगी । अरुण पांडे और कौशलेंद्र कुमार दावेदार हैं, और मुख्यमंत्री के स्तर पर अंतिम फैसला होगा।

छत्तीसगढ़ के वन महकमे में शीर्ष पद को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्य के नए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) और वन बल प्रमुख के चयन के लिए गुरुवार को विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की अहम बैठक होने जा रही है। यह बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी, जिसमें केंद्र सरकार के प्रतिनिधि की मौजूदगी भी रहेगी।



बैठक में संभावित नामों पर चर्चा के बाद पैनल तैयार किया जाएगा, लेकिन अंतिम फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर ही होगा। मौजूदा PCCF और वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में उनके रिटायरमेंट से पहले ही नए प्रमुख के चयन की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस बार चयन को लेकर प्रतिस्पर्धा कड़ी मानी जा रही है, हालांकि कुछ नाम पहले से ही चर्चा में हैं।



अरुण पांडे का नाम सबसे आगे

1994 बैच के IFS अधिकारी अरुण कुमार पांडे को इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। अंबिकापुर के मूल निवासी पांडे ने तीसरे प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की थी। अपने लंबे करियर में उन्होंने राजनांदगांव, कोरबा और जशपुर जैसे जिलों में डीएफओ के रूप में काम किया है। इसके अलावा वे इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अहम पदों पर भी रहे।



सीसीएफ के रूप में कांकेर, रायपुर और बिलासपुर सर्कल संभालने के बाद वर्तमान में वे पीसीएफ (डेवलपमेंट एंड प्लानिंग) की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इको टूरिज्म और क्लाइमेट चेंज के क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। राज्य में 146 इको टूरिज्म साइट्स की पहचान कराने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है। विभाग के भीतर उन्हें संतुलित, अनुभवी और विजन वाले अधिकारी के रूप में देखा जाता है।



कौशलेंद्र कुमार भी मजबूत दावेदार

दूसरी ओर 1992 बैच के IFS अधिकारी कौशलेंद्र कुमार भी पैनल में शामिल हैं। वर्तमान में उनके पास निगरानी एवं मूल्यांकन की जिम्मेदारी है। लघु वनोपज, बायोडायवर्सिटी और वन प्रबंधन में उनका अनुभव उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है। सूत्र बताते हैं कि वे भी विभागीय स्तर पर एक प्रभावी विकल्प के रूप में देखे जा रहे हैं।



DPC की बैठक अहम

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली DPC बैठक को निर्णायक माना जा रहा है। इसमें केंद्रीय अधिकारी के अलावा विभाग के ACS मनोज पिंगुआ और सचिव अमरनाथ प्रसाद भी रहेंगे। बैठक में वरिष्ठता, अनुभव, कार्यशैली और भविष्य की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए नामों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि बैठक के बाद एक पैनल तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा।



लगातार रिटायरमेंट से बदलाव का दौर

वन विभाग में आने वाले तीन महीनों में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिलेंगे। 31 मई को वी. श्रीनिवास राव के रिटायरमेंट के बाद जून में राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के डायरेक्टर तपेश झा और जुलाई में लघु वनोपज संघ के एमडी साहू भी सेवानिवृत्त होंगे।



ऐसे में PCCF का चयन सिर्फ एक पद भरना नहीं, बल्कि आने वाले समय में वन प्रबंधन, इको टूरिज्म और जलवायु रणनीति की दिशा तय करने वाला फैसला भी माना जा रहा है। अब नजर गुरुवार की DPC बैठक पर टिकी है, जहां से नए वन प्रमुख के नाम की तस्वीर लगभग साफ हो सकती है।



यह खबरें भी पढ़ें...

वन विभाग में घोटाला : DFO-SDO बचे, रेंजर सहित तीन नपे, वन विभाग की कैम्पा योजना में लाखों का फर्जीवाड़ा



तेंदूपत्ता संग्रहण; वनांचल में बरसेगी समृद्धि, वन विभाग ने पूरा किया तैयारियों का रोडमैप



R&D के काम पर कैंपा का कब्जा, वन विभाग की दो इकाइयों में बढ़ी तकरार



कूनो का चीता 18 दिन बाद फिर राजस्थान सीमा में घुसा, वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • वन विभाग
  • अंबिकापुर
  • DPC
  • टूरिज्म
  • वन्यजीव संरक्षण