रेड मारने गए डीएसपी की गाड़ी ले उड़ा चोर, सरेआम पुलिस की कट गई नाक, मुश्किल से पकड़ में आई बुलेरो
Raipur:छत्तीसगढ़ में अजब चोर और गजब पुलिस है। चोर अब पुलिस की गाड़ी ही चुराने लगे हैं। रेड मारने गई पुलिस की टीम की गाड़ी लेकर चोर भाग गया। यह गाड़ी डीएसपी की थी जो गांजा पकड़ने के लिए छापा मारने गए थे।
पुलिस के लिए ये बात थोड़ी शर्मनाक थी क्योंकि एक चोर पुलिस की नाक काटकर चला गया। अब सवाल उठ रहा है कि डीएसपी की गाड़ी ही सुरक्षित नहीं है तो फिर आम आदमी का क्या होगा।
अजब है पर सच है
Ambikapur News :छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए जानी जाती है
Ambikapur News in Hindi : (अंबिकापुर पुलिस)लेकिन इस बार एक आरोपी ने ऐसा कारनामा कर दिया कि खुद पुलिस ही असहज स्थिति में आ गई। गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम की गाड़ी को ही एक शातिर आरोपी लेकर फरार हो गया।
यह वाहन किसी आम पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि डीएसपी स्तर के अधिकारी का था। अंबिकापुर के सत्तीपारा इलाके में डीएसपी निशांत कुर्रे अपनी टीम के साथ गांजा पकड़ने के लिए छापामार कार्रवाई करने पहुंचे थे।
पुलिस टीम मौके पर कार्रवाई में व्यस्त थी, इसी दौरान एक आरोपी ने मौका पाकर डीएसपी की बोलेरो गाड़ी पर हाथ साफ कर दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि पुलिसकर्मियों को इसका पता तब चला, जब आरोपी वाहन लेकर काफी दूर निकल चुका था।
पुलिस में हड़कंप
इस घटना के सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एक ओर जहां पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी
वहीं दूसरी ओर उनकी अपनी गाड़ी चोरी हो जाना व्यवस्था की बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
सवाल उठने लगे कि जब पुलिस की गाड़ी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। हालांकि, इस पूरे मामले में एक अहम सुराग पुलिस के हाथ लगा, जिसने आरोपी तक पहुंचने में मदद की।
ऐसे पकड़ में आई डीएसपी की बुलेरो
दरअसल, चोरी हुई बोलेरो के अंदर डीएसपी का मोबाइल फोन रह गया था। पुलिस ने तुरंत उस मोबाइल की लोकेशन ट्रैक करना शुरू किया। तकनीकी मदद से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी का पीछा किया।
लोकेशन ट्रैक करते हुए पुलिस अंबिकापुर के राम मंदिर क्षेत्र तक पहुंची, जहां आरोपी वाहन समेत पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया
और चोरी हुई बोलेरो को भी बरामद कर लिया। आरोपी की पहचान मुकेश नामदेव के रूप में हुई है, जिसे अब हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही समय में आरोपी को पकड़ लिया
और वाहन भी बरामद कर लिया। लेकिन यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि यदि अपराधी इतने बेखौफ होकर पुलिस की गाड़ी तक चुरा सकते हैं
तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता और बढ़ाने की जरूरत है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसने इस वारदात को अंजाम देने की योजना कैसे बनाई।
साथ ही यह भी जांच का विषय है कि मौके पर सुरक्षा में चूक कैसे हुई। इस घटना ने न सिर्फ पुलिस विभाग को शर्मिंदगी में डाला है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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