स्वतंत्रता दिवस पर दुर्ग में बड़ी लापरवाही, सरपंच ने फहराया उल्टा ध्वज

Aishwarya Dwivedi | Aug 16, 2026, 12:57 IST
दुर्ग-आत्मानंद-स्कूल-ध्वजारोहण
दुर्ग के स्वामी आत्मानंद स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर सरपंच ने उल्टा तिरंगा फहरा दिया। राष्ट्रगान से ठीक पहले लोगों के टोकने पर गलती सुधारकर दोबारा सही तरीके से ध्वजारोहण किया गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी लापरवाही सामने आई है।
  • बोरी के स्वामी आत्मानंद स्कूल में ध्वजारोहण का कार्यक्रम रखा गया था।
  • मुख्य अतिथि सरपंच ने यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
  • लेकिन झंडा उल्टा फहरा दिया गया, जिस पर लोगों का ध्यान गया।
  • इसके बाद राष्ट्रगान से पहले गलती सुधारकर दोबारा ध्वजारोहण किया गया।

स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे का अपमान

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा था। हर तरफ देशभक्ति का माहौल बना हुआ था। इसी दौरान एक स्कूल में बड़ी चूक हो गई।



यह मामला बोरी स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल का है। इसे सेजेस (SAGES) स्कूल भी कहा जाता है। यहां 15 अगस्त को झंडा फहराने की तैयारी की गई थी।



सरपंच को बनाया गया था मुख्य अतिथि

स्कूल प्रशासन ने कार्यक्रम की पूरी तैयारी की थी। शिक्षक और कर्मचारी परिसर में मौजूद थे। ध्वजारोहण के लिए गांव के सरपंच को बुलाया गया था। सरपंच ने मंच पर पहुंचकर रस्सी खींची। तिरंगा ऊपर जाकर लहराने लगा। लेकिन किसी का ध्यान झंडे की दिशा पर नहीं गया।



लोगों की नजर पड़ते ही मच गया हड़कंप

वहां मौजूद ग्रामीणों ने ध्वज को ध्यान से देखा। तिरंगा पूरी तरह से उल्टा लगा हुआ था। केसरिया रंग नीचे और हरा रंग ऊपर दिख रहा था। लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी स्कूल के स्टाफ को दी। यह देखते ही कार्यक्रम में हड़कंप मच गया।



राष्ट्रगान से ठीक पहले रोकी गई प्रक्रिया

ध्वजारोहण के तुरंत बाद राष्ट्रगान शुरू होना था। उससे पहले ही लोगों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शिक्षकों ने स्थिति की गंभीरता को समझा। तत्काल राष्ट्रगान की प्रक्रिया को रोक दिया गया। कर्मचारियों ने जल्दी से झंडे को नीचे उतारा।



गलती सुधारकर दोबारा हुआ ध्वजारोहण

झंडे की डोरी को सीधा किया गया। केसरिया पट्टी को ऊपर रखकर सही से बांधा गया। इसके बाद सरपंच ने दोबारा ध्वजारोहण किया। फिर गरिमा के साथ राष्ट्रगान गाया गया। इसके बाद ही स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आगे बढ़ा।



राष्ट्रीय ध्वज फहराने के नियम

राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। झंडे का अपमान कानूनन अपराध माना जाता है। ध्वजारोहण से पहले डोरी की जांच जरूरी होती है। हर साल ऐसे कार्यक्रमों में विशेष सावधानी बरती जाती है। इसके बावजूद दुर्ग के इस स्कूल में यह लापरवाही हो गई।



घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज

इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। तैयारियों के समय झंडे की जांच क्यों नहीं हुई? लोगों के बीच इस बात की काफी चर्चा हो रही है। हालांकि समय रहते गलती सुधार ली गई। प्रशासन ने स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया।



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