दुर्ग अफीम कांड; बीजेपी नेता के भाई की दुकान पर चला बुलडोजर, 62 हजार किलो अफीम जब्त
NEWS IN SHORT
- दुर्ग में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध दुकान पर बुलडोजर चलाया
- दुकान अफीम की खेती के मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार के भाई बृजेश ताम्रकार की है
- पुलिस ने 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन से अफीम की फसल उखाड़कर 4 ट्रैक्टर में जब्त की
- बरामद अफीम का कुल वजन करीब 62 हजार किलो और कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपए
- मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, 2 आरोपी अभी फरार
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्र के ग्राम मोदा में अफीम खेती के मुख्य आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के भाई बृजेश ताम्रकार की अवैध दुकान पर बुलडोजर चलाया गया।
तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई की। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
बृजेश ताम्रकार की अवैध दुकान पर बुलडोजर
प्रशासन ने ग्राम मोदा में स्थित बृजेश ताम्रकार की अवैध दुकान को बुलडोजर से ढहा दिया। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर की गई।
अफीम खेती मामले में पहले ही पुलिस भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रशासन की इस कार्रवाई को मामले में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर उगाई गई थी अफीम
पुलिस जांच में सामने आया कि दुर्ग जिले के समोदा और झेनझरी गांव में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अफीम की अवैध खेती की गई थी।
पुलिस ने पूरी फसल उखाड़कर बोरी में भर ली और चार ट्रैक्टर में लोड कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। बरामद अफीम का कुल वजन लगभग 62 हजार किलो बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ 88 लाख रुपए आंकी गई है।
लगाए गए थे करंट वाले तार
जांच के दौरान यह भी पता चला कि अफीम के खेत (Durg Afeem Case) की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। शिवनाथ नदी की ओर लगी फेंसिंग में गेट के पास करंट वाले तार जोड़े गए थे ताकि कोई बाहरी व्यक्ति खेत में प्रवेश न कर सके।
इसके अलावा खेत के बाहर सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे, जिससे इस अवैध खेती की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कई दिनों तक चली कार्रवाई
पुलिस ने 6 मार्च को खेत में छापा मारकर कार्रवाई शुरू की थी। 10 मार्च तक अफीम के सभी पौधों को उखाड़कर बोरी में भर लिया गया।
फसल की मात्रा ज्यादा होने के कारण बुलडोजर का भी उपयोग किया गया। मनरेगा के मजदूरों की मदद से करीब 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में लगी पूरी फसल को हटाया गया।
अब पर्यावरण विभाग से अनुमति मिलने के बाद पैनल की मौजूदगी में पूरी अफीम फसल को नष्ट किया जाएगा।
तीन आरोपी गिरफ्तार, दो अभी फरार
इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
फरार आरोपियों के मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनकी लोकेशन ट्रेस करने में पुलिस को दिक्कत आ रही है। हालांकि पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भूपेश बघेल का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कल विधानसभा में इस मामले पर कहा कि दर्ज एफआईआर कमजोर तरीके से बनाई गई है और मुख्य आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है।
भूपेश बघेल ने कहा था कि विनायक ताम्रकार को बहुत प्रभावशाली आदमी बताया जाता है। वह बड़े अधिकारियों और मंत्रियों से जुड़ा हुआ माना जाता है। ऐसी खबरें हैं कि वह अक्सर मुख्यमंत्री के घर भी जाता रहता है। सवाल यह है कि यह प्रोजेक्ट BJP किसान मोर्चा का है या मंत्रियों का?”
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आगे क्या
अब पर्यावरण विभाग की अनुमति मिलने के बाद प्रशासन की मौजूदगी में जब्त अफीम की पूरी फसल को नष्ट किया जाएगा। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार तलाश कर रही है।
निष्कर्ष
दुर्ग में अफीम की अवैध खेती के मामले में प्रशासन की सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों के खिलाफ सरकार और पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है।