दुर्ग में मक्के की आड़ में अफीम की खेती, बीजेपी नेता सस्पेंड

दुर्ग जिले के समोदा और झेंझरी क्षेत्र में मक्के की फसल के बीच 5–6 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। भाजपा ने अपने किसान मोर्चा के नेता विनायक ताम्रकर को सस्पेंड कर दिया है।

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Rajesh Lahoti
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Durg. दुर्ग जिले के समोदा और झेंझरी क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीजेपी के किसान मोर्चे का नेता विनायक ताम्रकार मक्के की आड़ में अफीम की अवैध खेती कर रहा था। करीब 5 से 6 एकड़ जमीन में उगाई गई इस खेती ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में मौके से अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। भाजपा ने अपने किसान मोर्चा के नेता विनायक ताम्रकर को सस्पेंड कर दिया है। 

फोरेंसिक जांच में हुई पुष्टि

 मार्च को पुलिस को सूचना मिलने के बाद समोदा और झेंझरी क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां करीब डेढ़ एकड़ में अफीम के पौधे बरामद हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया।

टीम ने खेत में लगे पौधों की जांच की, जिसमें यह पुष्टि हुई कि मक्के की फसल के बीच मादक पदार्थ अफीम की खेती की जा रही थी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और अब पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।  

करोड़ों की फसल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अफीम की खेती को इस तरह लगाया गया था कि बाहर से देखने पर मक्के की सामान्य खेती लगे। करीब 5 से 6 एकड़ में फैली इस फसल की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है।

खेती को लेकर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जमीन विनायक ताम्रकार के परिवार की है। उससे नोटिस देकर पूछताछ की जा रही है। वहीं समोदा के सरपंच अरुण गौतम का दावा है कि यह खेती बृजेश ताम्रकार द्वारा की जा रही थी। सरपंच के मुताबिक उन्हें दो दिन पहले एक फोटो मिला था, जिसे इंटरनेट पर जांचने के बाद पता चला कि यह अफीम का पौधा है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।

मालिकाना हक की भी जांच

राजस्व विभाग के अनुसार खसरा नंबर 310, ग्राम झेंझरी की करीब 9 एकड़ जमीन मधुमति ताम्रकार और प्रीतिबाला ताम्रकार के नाम दर्ज है। इसी जमीन पर मक्के की फसल के साथ अफीम की मिश्रित खेती की जा रही थी।

कलेक्टर ने किया निरीक्षण

दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में अफीम की खेती की जानकारी मिली है और जमीन से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताया।

गिरफ्तारी अभी तक नहीं

फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुर्ग जिले में इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का यह पहला मामला माना जा रहा है।

FAQ

दुर्ग में अफीम की अवैध खेती का मामला क्या है?
दुर्ग जिले के समोदा और झेंझरी क्षेत्र में मक्के की फसल के बीच करीब 5 से 6 एकड़ जमीन में अवैध अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आया है। इसके बाद पुलिस ने खेत को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
अफीम की खेती किस जमीन पर हो रही थी?
जांच के अनुसार यह जमीन खसरा नंबर 310, ग्राम झेंझरी की करीब 9 एकड़ भूमि है, जो मधुमति ताम्रकार और प्रीतिबाला ताम्रकार के नाम दर्ज बताई जा रही है। वहीं गांव के सरपंच ने आरोप लगाया है कि यह खेती बृजेश ताम्रकार द्वारा की जा रही थी।
अफीम की खेती के क्या नुकसान हैं?
अफीम की अवैध खेती से नशे के कारोबार को बढ़ावा मिलता है, जिससे समाज में नशे की लत, अपराध और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। इसके अलावा बिना सरकारी अनुमति के अफीम की खेती करना कानूनन अपराध है, जिसमें कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान होता है।

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