RTE फंड का बड़ा खेल : फर्जी छात्र दिखाकर स्कूलों ने डकारे करोड़ों, कलेक्टर को NCPCR का नोटिस
NEWS IN SHORT
- दुर्ग में RTE फंड में गबन का मामला सामने आया है
- राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग ने कलेक्टर को नोटिस भेजा
- प्राइवेट स्कूलों ने फर्जी छात्र संख्या के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया
- 20 दिनों में जांच रिपोर्ट पेश करने का आयोग ने आदेश दिया है
- बिलासपुर हाई कोर्ट में RTE एडमिशन पर सुनवाई जारी है
NEWS IN DETAIL
Durg। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत गरीब बच्चों के लिए जारी किए जाने वाले फंड में बड़े पैमाने पर गबन की घटना सामने आई है। इस संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने दुर्ग कलेक्टर नोटिस जारी किया है और मामले की जांच रिपोर्ट 20 दिनों में पेश करने को कहा है।
प्राइवेट स्कूलों द्वारा फर्जी छात्र संख्या का मामला
शिकायत के अनुसार, कुछ प्राइवेट स्कूलों ने सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए फर्जी छात्र संख्या और दस्तावेजों में हेरफेर किया है। इस मामले में आरोप है कि स्कूलों ने RTE के तहत मिलने वाली मदद को गलत तरीके से हासिल किया। शिकायत ई-बाल निदान पोर्टल पर दस्तावेजी प्रमाण के साथ दर्ज की गई है। आयोग ने इसे गंभीरता से लिया और कलेक्टर को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की भूमिका
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) का गठन 2005 में हुआ था और यह बच्चों के अधिकारों का संरक्षण करने वाली प्रमुख संस्था है। आयोग का कार्य यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण, किशोर न्याय, और निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का पालन सुनिश्चित करना है। आयोग के पास सिविल न्यायालय की तरह शक्तियां हैं, जो वह जांच करते समय इस्तेमाल कर सकते हैं।
बिलासपुर हाई कोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई
इस मामले में RTE के तहत एडमिशन में गड़बड़ी को लेकर छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। भिलाई निवासी सीवी भगवंत राव और कांग्रेस नेता विकास तिवारी ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को नोटिस जारी करते हुए शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
यह मामला राज्यभर में शिक्षा के अधिकार के सही तरीके से लागू होने पर सवाल खड़े करता है, और इसे लेकर उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
FAQ
1 . RTE फंड में गबन का मामला क्या है?
दुर्ग जिले में प्राइवेट स्कूलों ने फर्जी छात्र संख्या और दस्तावेजों से RTE फंड का दुरुपयोग किया है।
2 . राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग ने किसे नोटिस भेजा?
आयोग ने दुर्ग कलेक्टर को नोटिस भेजा है और रिपोर्ट 20 दिनों में पेश करने को कहा है।
3 . क्या प्रमाण दिए गए हैं?
शिकायतकर्ता ने ई-बाल निदान पोर्टल पर दस्तावेजी प्रमाण पेश किए हैं।
4 . राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की भूमिका क्या है?
आयोग बच्चों के अधिकारों और RTE कानून के क्रियान्वयन की निगरानी करता है।
5 . बिलासपुर हाई कोर्ट में क्या चल रहा है?
कोर्ट में RTE एडमिशन में गड़बड़ी पर सुनवाई हो रही है, और विभाग को नोटिस जारी किया गया है।
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