अब ऑनलाइन मिलेगी फैसलों की ई-सर्टिफाइड कॉपी, न्याय मिलने में नहीं होगी देरी

Kanak Durga Jha | May 28, 2025, 10:33 IST
e-certified copies decision available online no delay getting justice
Chhattisgarh High Court : हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से फास्टर सेल, ई-सर्टिफाइड कॉपी और पांच जिलों में डिजिटाइजेशन सेंटर का उद्घाटन किया।

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से फास्टर सेल, ई-सर्टिफाइड कॉपी और पांच जिलों में डिजिटाइजेशन सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर सीजे ने कहा कि ई-सर्टिफाइड कॉपी प्लेटफॉर्म से अब आदेशों और निर्णयों की प्रमाणित प्रतियां ऑनलाइन मिलेंगी। इससे अधिवक्ताओं और पक्षकारों को दस्तावेज लेने के लिए यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के लिए भी लाभकारी है।



ये खबर भी पढ़िए...युवाओं को मिला सरकारी नौकरी का बड़ा मौका... खेल विभाग में सीधी भर्ती



कई जिलों में शुरू हुई सुविधा

डिजिटाइजेशन सेंटर धमतरी, कोण्डागांव, उत्तर बस्तर कांकर, बस्तर (जगदलपुर) और दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में शुरू किए गए हैं। फास्टर सेल के उद्‌घाटन पर उन्होंने बताया कि यह तकनीक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य जमानत के बाद रिहाई में देरी को रोकना है। फास्टर तकनीक से आदेशों की ई-प्रमाणित प्रतियां तुरंत संबंधित न्यायालयों और प्राधिकरणों तक पहुंचेंगी। इससे न्याय प्रणाली की दक्षता बढ़ेगी।



ये खबर भी पढ़िए...Monsoon 2025 : जोरदार बारिश के साथ मानसून की एंट्री... येलो अलर्ट जारी



इस मौके पर जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास, कम्प्यूटरइजेशन कमेटी के चेयरमैन और सदस्य जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी, जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु भी मौजूद रहे। धमतरी के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकुमार तिवारी ने स्वागत भाषण दिया। ककिर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार ध्रुव ने आभार जताया। रजिस्ट्रार जनरल सहित रजिस्ट्री के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।



ये खबर भी पढ़िए...केमिकल प्रोडक्शन में अब धांधली... एक ही पते पर कई फैक्ट्रियां



FAQ

  1. ई-सर्टिफाइड कॉपी प्लेटफॉर्म से अधिवक्ताओं और पक्षकारों को क्या सुविधा मिलेगी?
    ई-सर्टिफाइड कॉपी प्लेटफॉर्म से अधिवक्ताओं और पक्षकारों को आदेशों और निर्णयों की प्रमाणित प्रतियां ऑनलाइन प्राप्त होंगी, जिससे उन्हें दस्तावेज लेने के लिए अदालत या किसी कार्यालय में यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
  2. फास्टर सेल तकनीक की शुरुआत क्यों की गई है?
    फास्टर सेल तकनीक की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत इसलिए की गई है ताकि जमानत के बाद रिहाई में होने वाली देरी को रोका जा सके। इस तकनीक से आदेशों की ई-प्रमाणित प्रतियां तुरंत संबंधित न्यायालयों और प्राधिकरणों तक पहुंचाई जा सकेंगी।
  3. कौन-कौन से जिलों में डिजिटाइजेशन सेंटर शुरू किए गए हैं?
    डिजिटाइजेशन सेंटर धमतरी, कोण्डागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, बस्तर (जगदलपुर) और दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिलों में शुरू किए गए हैं।

ये खबर भी पढ़िए...छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 4 नए मेडिकल कॉलेज... 200 सीटें बढ़ेंगी



CG News | cg news update | cg news today | Bilaspur High Court | Bilaspur High Court big decision | bilaspur high court decision | Bilaspur High Court order



Tags:
  • CG News
  • Bilaspur High Court big decision
  • Bilaspur High Court order
  • Bilaspur High Court
  • bilaspur high court decision
  • cg news update
  • cg news today