रायपुर सहित 5 जिलों में ED का छापा, DMF घोटाले में ताबड़तोड़ एक्शन
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की। रायपुर, दुर्ग, धमतरी, कोरबा और अंबिकापुर में एक साथ 9 ठिकानों पर छापे पड़े। यह कार्रवाई जिला खनिज न्यास यानी DMF फंड घोटाले और भारतमाला सड़क परियोजना के भूमि अधिग्रहण मुआवजे में गड़बड़ी की जांच के तहत हुई। धमतरी में कारोबारी दीपेश गांधी और रायपुर में शाश्वत लुणावत के ठिकाने खंगाले गए। दस्तावेज, हार्ड डिस्क और मोबाइल जब्त किए जा रहे हैं।
5 जिलों में एक साथ दबिश
मंगलवार सुबह ED की टीमें प्रदेश के पांच जिलों में एक साथ उतरीं। रायपुर, दुर्ग, धमतरी, कोरबा और अंबिकापुर में यह कार्रवाई हुई। कुल नौ अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई। सुरक्षाबलों की मौजूदगी में ED के अधिकारी घंटों तक रिकॉर्ड खंगालते रहे।
धमतरी में दीपेश गांधी के ठिकाने खंगाले
धमतरी में कारोबारी दीपेश गांधी के व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर ED ने तड़के धावा बोला।
वहां से जमीनी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और मोबाइल जब्त किए गए। भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण और मुआवजे में बड़े पैमाने पर हेरफेर के सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
रायपुर में शाश्वत लुणावत के घर जांच
राजधानी रायपुर के वल्लभ नगर में कारोबारी शाश्वत लुणावत के निवास पर ED की पांच सदस्यीय टीम कई घंटों तक जांच करती रही। किशोर एग्रो से जुड़े लुणावत के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी हुई। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई DMF घोटाले की जांच से जुड़ी है।
DMF फंड में क्या हुई गड़बड़ी
दुर्ग और कोरबा जिलों में ED ने DMF फंड घोटाले से जुड़े संदिग्धों के यहां छापे मारे। ED मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जनहित कार्यों के लिए आरक्षित जिला खनिज न्यास निधि कहां और किन नियमों को ताक पर रखकर खर्च की गई। यह भी जांचा जा रहा है कि फंड का पैसा किन-किन खातों में ट्रांसफर हुआ।
अंबिकापुर में भी ED का एक्शन
अंबिकापुर में मानसून एग्रो के राजेश गुप्ता के यहां भी ED की टीम पहुंची। वहां बैंकिंग लेनदेन, टैक्स इनवॉइस और डिजिटल वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। रायपुर में प्रकाश सालुंगे के ठिकानों पर भी यही प्रक्रिया चली।
भारतमाला घोटाले में क्या हुआ
भारतमाला सड़क परियोजना (Bharatmala Project) के तहत जमीन अधिग्रहण में बड़े पैमाने पर मुआवजा घोटाले का आरोप है। जमीनों की कीमत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर मुआवजा बांटने के सबूत मिले हैं। इसी सिलसिले में धमतरी के दीपेश गांधी के ठिकाने मुख्य रूप से निशाने पर हैं।
आधिकारिक बयान अभी नहीं
ED की ओर से फिलहाल आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद खुलासे हो सकते हैं। प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई की चर्चा है।
FAQ
- DMF फंड क्या होता है?
जिला खनिज न्यास यानी DMF वह फंड है जो खनन से होने वाली आय का एक हिस्सा जिले के विकास कार्यों के लिए रखा जाता है। इसका उपयोग स्थानीय जनहित कार्यों के लिए होना चाहिए। इस मामले में इसी फंड के दुरुपयोग की जांच हो रही है। - DMF घोटाला क्या है?
DMF (जिला खनिज न्यास) घोटाला उन कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा मामला है, जिसमें आरोप है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए निर्धारित DMF फंड का गलत उपयोग किया गया। ED और अन्य जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। - भारतमाला घोटाला क्या है?
भारतमाला घोटाला, भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है। आरोप हैं कि कुछ स्थानों पर जमीनों की कीमत बढ़ाकर दिखाना, कृषि भूमि को छोटे टुकड़ों में बांटना, फर्जी नामांतरण और बैक-डेट दस्तावेज तैयार कर अधिक मुआवजा लिया गया।
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