CG Electricity Bill : सरकारी दफ्तरों पर 3432 करोड़ बकाया, चार किस्तों में वसूली

Aishwarya Dwivedi | Aug 14, 2026, 17:24 IST
सरकारी दफ़्तरों के लिए प्रीपेड बिजली बिल
छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों पर 3,432 करोड़ का बिजली बिल बकाया है। सरकार ने अगस्त 2026 से स्मार्ट प्री-पेड मीटर लागू कर पुराना बकाया चार किस्तों में वसूलने का फैसला किया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तरों पर बिजली का भारी बिल बकाया है।
  • यह बकाया आंकड़ा करीब 3432 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
  • शासन ने अब प्री-पेड स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।
  • पुराने बकाया का भुगतान चार समान किस्तों में किया जाएगा।
  • जरूरी नागरिक सेवाओं पर इस फैसले का कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सरकारी कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर

छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली बिल भुगतान में अनुशासन लाने का फैसला किया है। राज्य के सभी सरकारी बिजली कनेक्शनों को स्मार्ट मीटर से जोड़ा जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। अगस्त 2026 से विकासखंड स्तर के सरकारी दफ्तर इसमें शामिल होंगे। उच्च स्तरीय कार्यालयों को भी पहली पाली में ही शामिल किया जाएगा।



भारी बकाए के कारण लिया फैसला

राज्य में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बड़ा बकाया है। मार्च 2026 तक यह बकाया 2883.42 करोड़ रुपये था। जून 2026 तक यह देनदारी बढ़कर 3432.64 करोड़ रुपये हो गई।



इसी बढ़ते बकाए को रोकने के लिए नया नियम बनाया गया है। अब विभागों को पहले बिजली रिचार्ज कराना होगा।



लाखों कनेक्शन पर लगेंगे स्मार्ट मीटर

ऊर्जा विभाग ने राज्य के कुल कनेक्शनों के आंकड़े जारी किए हैं। 31 मई 2026 तक राज्य में 1,65,727 सरकारी कनेक्शन थे। इनमें से 1,43,800 कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लग चुके हैं।



बाकी 22,741 कनेक्शनों को प्री-पेड प्रणाली से तुरंत जोड़ा जाएगा। प्रथम चरण में विकासखंड और उच्च स्तरीय दफ्तर शामिल होंगे।



पुरानी व्यवस्था में क्या थी कमी

पहले सरकारी कार्यालयों में बिजली की खपत पहले होती थी। उसके बाद बिजली कंपनी बिल जारी करती थी। समय पर भुगतान न होने से कंपनी का घाटा बढ़ता गया।



नई व्यवस्था में पहले पैसा जमा करना होगा। इसके बाद ही बिजली का उपयोग संभव हो सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे फिजूलखर्ची पर रोक लगेगी।



पुराना बकाया चार किस्तों में चुकाएंगे

प्री-पेड व्यवस्था लागू होने से पुराना बकाया माफ नहीं होगा। 30 जून 2026 तक का बकाया चुकाना ही पड़ेगा। सरकार ने इसके लिए चार किस्तों का शेड्यूल तैयार किया है। जुलाई से सितंबर 2026 के बीच पहली किस्त दी जाएगी।



अक्टूबर से दिसंबर 2026 में दूसरी किस्त जमा होगी। जनवरी से मार्च 2027 में तीसरी किस्त देनी होगी। अंतिम और चौथी किस्त अप्रैल से जून 2027 में जमा होगी। सभी विभागों के बकाए का सत्यापन कराया जा रहा है।



नागरिक सेवाएं नहीं होंगी प्रभावित

सरकार ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी जारी की है। बिजली कटौती से जरूरी जनसुविधाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पेयजल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम पर असर नहीं पड़ना चाहिए।



स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता अभियान भी निर्बाध चलने चाहिए। तकनीकी समस्या आने पर नोडल अधिकारी तुरंत समाधान करेंगे। सीएसपीडीसीएल (CSPDCL – Chhattisgarh State Power Distribution Company Limited) के साथ तालमेल बनाया जाएगा।



हर महीने भेजी जाएगी रिपोर्ट

सभी नगरीय निकायों को हर महीने रिपोर्ट देनी होगी। प्रत्येक माह की 5 तारीख तक रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा। यह रिपोर्ट राज्य शहरी विकास अभिकरण को भेजी जाएगी।



रिपोर्ट में कुल कनेक्शन और रीचार्ज का विवरण रहेगा। यदि लापरवाही से बिजली कटी तो जिम्मेदारी तय होगी। संबंधित निकाय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।



निकायों को मिली विशेष जिम्मेदारी

नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नगर निगम और नगर पालिकाओं को सत्यापन करना होगा। प्रत्येक निकाय में एक प्री-पेड नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। यह अधिकारी रीचार्ज और भुगतान की निगरानी करेगा।



अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर कंपनी को देना होगा। अग्रिम रीचार्ज राशि हमेशा उपलब्ध रखनी होगी। हर कनेक्शन का डिजिटल रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। इसमें बीपी नंबर और बकाया राशि दर्ज रहेगी।



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