बिजली बिल में डूबे छत्तीसगढ़ सरकारी विभाग, निकायों पर सबसे ज्यादा बकाया
Aishwarya Dwivedi | Jul 26, 2026, 16:35 IST
छत्तीसगढ़ सरकार के विभागों पर बिजली बिल का बकाया
छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों पर 3 हजार 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है। सबसे बड़े बकायेदार नगरीय निकाय हैं। बढ़ते बकाये को रोकने के लिए सरकार अब अगस्त से प्रीपेड सिस्टम लागू करेगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया लगातार बढ़ रहा है।
- मौजूदा समय में यह आंकड़ा 3200 करोड़ रुपए को पार कर गया है।
- सबसे ज्यादा 1586 करोड़ का बकाया नगरीय निकाय विभाग पर है।
- सरकार अब अगस्त से सभी सरकारी कनेक्शनों को प्रीपेड करने जा रही है।
- तीन महीने का एडवांस बिल जमा करने के आदेश पर विभाग सुस्त हैं।
सालों पुरानी है यह समस्या
हैरानी की बात यह है कि हर सरकारी विभाग के पास अपने बिजली बिल के भुगतान के लिए अलग से फंड की व्यवस्था होती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी समय पर बिल जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाते हैं। बकाया राशि अरबों रुपये तक पहुंचने के बाद भी कभी इन विभागों की बिजली नहीं काटी जाती। इसी छूट का फायदा उठाकर विभाग लगातार ढिलाई बरत रहे हैं।
चार महीने में बढ़ा करोड़ों बकाया
पुराना बकाया और नया बिल मिलकर अब पावर कंपनी के लिए बड़ा वित्तीय संकट बन चुका है। अगर पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च 2025 में कुल बकाया 2444 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा मार्च 2026 में बढ़कर 2883 करोड़ रुपये हो गया। अब चालू सत्र में इसमें और ज्यादा तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
बिजली बिल में डूबे सरकारी विभाग
किस विभाग पर कितना कर्ज
अन्य प्रमुख विभागों में स्कूल शिक्षा विभाग पर 80 करोड़ रुपए और चिकित्सा विभाग पर 31 करोड़ रुपए का बिल बाकी है। इसके अलावा आदिम जाति कल्याण विभाग पर 28 करोड़, जल संसाधन पर 27 करोड़, गृह विभाग पर 26 करोड़, महिला एवं बाल विकास पर 26 करोड़ और आवास पर्यावरण विभाग पर 23 करोड़ रुपए बकाया हैं। लोक निर्माण, राजस्व, वन, कृषि और उच्च शिक्षा जैसे दर्जनों अन्य विभाग भी लाखों-करोड़ों के बकायेदार बने हुए हैं।
अगस्त से लागू होगी प्रीपेड व्यवस्था
हालांकि शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद सरकारी विभाग इस व्यवस्था को लेकर अब तक गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। शुरुआती तीन महीनों की समय सीमा बीत जाने के बाद भी किसी भी विभाग ने एडवांस पैसा जमा नहीं कराया है। अब योजना के मुताबिक अगस्त से सभी सरकारी कनेक्शनों को पूरी तरह प्रीपेड कर दिया जाएगा, जिससे फंड खत्म होते ही दफ्तरों की बत्ती अपने आप गुल हो जाएगी।
FAQ
- छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों पर कुल कितना बिजली बिल बकाया है?
उत्तर: मार्च 2026 तक सरकारी विभागों पर लगभग 2883 करोड़ रुपये का बकाया था। अगले चार महीनों में यह आंकड़ा बढ़कर 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। - सबसे ज्यादा बिजली बिल किस विभाग पर बकाया है?
उत्तर: सबसे अधिक बकाया नगरीय निकाय विभाग पर है। इस विभाग को पावर कंपनी को 1586 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। - बिजली बिल वसूलने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
उत्तर: सरकार ने सभी सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड करने का फैसला लिया है। इसके तहत विभागों को तीन महीने का एडवांस बिजली बिल जमा करना होगा।
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