सरकारी विभागों की फिजूलखर्ची पर सख्त एक्शन: लैपटॉप-कंप्यूटर की मनमानी खरीद पर लगी रोक

Aman Vaishnav | May 17, 2026, 07:44 IST
Share
state govt new rules buying computers laptops
state govt new rules buying computers laptops

राज्य सरकार ने आईटी सामान जैसे कंप्यूटर और लैपटॉप की मनमानी खरीद पर रोक लगा दी है। अब विभागों के लिए बजट की सीमा तय कर दी गई है इससे सरकारी पैसों के खेल को रोका जा सकेगा।

शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला...

  • राज्य सरकार ने कंप्यूटर और लैपटॉप की मनमानी खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
  • अब कोई भी सरकारी विभाग साल में एक करोड़ से ज्यादा के कंप्यूटर नहीं खरीदेगा।
  • बड़े प्रोजेक्ट के लिए सीनियर सेक्रेटरी की कमेटी से मंजूरी लेना अब जरूरी होगा।
  • पहले अधिकारी बजट को छोटे हिस्सों में बांटकर बिना अनुमति सामान खरीद लेते थे।
  • नए नियमों से सरकारी पैसों का दुरुपयोग रुकेगा और खरीद में पारदर्शिता आएगी।

सरकारी कंप्यूटर खरीद के नए नियम

राज्य सरकार ने सरकारी दफ्तरों में होने वाले खर्चों को लेकर एक बहुत ही बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी विभागों में कंप्यूटर, लैपटॉप और दूसरे महंगे आईटी सामान की मनमानी खरीद पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

पहले के समय में अलग-अलग सरकारी विभाग और उनके विभागाध्यक्ष बिना किसी तय सीमा या लिमिट के करोड़ों रुपए इन सामानों को खरीदने में खर्च कर रहे थे। अब ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।

वित्त विभाग ने सरकारी पैसों की इस बर्बादी को रोकने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों के आने के बाद अब कोई भी सरकारी विभाग साल भर में एक करोड़ रुपए से ज्यादा के कंप्यूटर, लैपटॉप या प्रिंटर नहीं खरीद पाएगा। सरकार के इस कदम से फिजूलखर्ची पर लगाम लगेगी और सरकारी पैसों का सही जगह इस्तेमाल हो सकेगा।

कारण बताने के बाद 20 करोड़ तक की मंजूरी

वहीं यदि नया प्रोजेक्ट शुरू हो या कोई नया विभाग बने और उपकरण लेने जरूरी हों, तो उसका कारण बताने के बाद सीनियर सेक्रेटरी की कमेटी 20 करोड़ रुपए तक की खरीद की मंजूरी देगी। यह कमेटी पहले सब कुछ जांच कर जरूरत और उपयोगिता देखकर ही हरी झंडी देगी।

खरीद में खेल चल रहा था

अभी तक कंप्यूटर और लैपटॉप की खरीद में बड़ा खेल चल रहा था। कई बड़े विभागों में यह तरीका बन गया था कि 20 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा के बड़े प्रोजेक्ट का पैसा सीधे एक साथ खर्च न किया जाए। इसके बजाय इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर खरीदारी की जाती थी।

नया नियम क्या कहता है

वित्त विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नए प्रोजेक्ट्स में खरीद पर पुराने नियम नहीं चलेंगे। साथ ही 20 करोड़ रुपए से ज्यादा के आईटी प्रोजेक्ट में कंप्यूटर तभी खरीदे जाएंगे जब सीनियर कमेटी की मंजूरी हो। सही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो। 20 करोड़ तक के प्रोजेक्ट में भी खरीद के लिए सक्षम वित्तीय समिति की मंजूरी लेना जरूरी होगा।

FAQ

  1. सरकारी विभागों में कंप्यूटर खरीद की नई सालाना सीमा क्या है?
    राज्य सरकार के नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी सरकारी विभाग एक वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक के कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर या अन्य आईटी उपकरण नहीं खरीद सकता है। यदि किसी विभाग को इससे अधिक मूल्य के उपकरणों की आवश्यकता होती है, तो उन्हें इसके लिए विशेष अनुमति प्रक्रिया से गुजरना होगा और उचित कारण बताना होगा।
  2. सरकार को कंप्यूटर खरीद के नियमों में बदलाव क्यों करना पड़ा?
    पहले विभागों में बड़े बजट को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर बिना वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के महंगे उपकरण खरीद लिए जाते थे। इस वित्तीय गड़बड़ी और फिजूलखर्ची को रोकने के लिए वित्त विभाग ने नियमों को सख्त किया है। अब सही टेंडर प्रक्रिया और सक्षम वित्तीय समिति की मंजूरी के बिना कोई भी बड़ी खरीद मुमकिन नहीं होगी।

ये खबरें भी पढ़िए...

20 मई को नहीं मिलेंगी दवाइयां! केमिस्टों ने हड़ताल का किया ऐलान

खतरे में एमपी के लाखों शिक्षकों की पेंशन: शिक्षा विभाग बोला- ये शिक्षक नहीं निकाय कर्मचारी हैं

मध्यप्रदेश न्यूज: 28 मौतों के बाद भी अस्पतालों में मिल रही अमानक दवाएं, जांच में 10 फेल

एमपी न्यूज: पुलिस को मिलेगा दोगुना इनाम, 50 हजार तक दे सकेंगे DGP, सीएम ने दी मंजूरी

Tags:
  • एमपी न्यूज
  • मध्यप्रदेश न्यूज
  • वित्त विभाग
  • राज्य सरकार
  • सरकारी विभाग
  • लैपटॉप
  • सरकारी दफ्तर
  • कंप्यूटर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब