रायपुर में 5 विभागों की भर्ती का झूठा आदेश जारी, विभागीय अफसरों के डिजिटल सिग्नेचर तक फर्जी

Arun Tiwari | Apr 24, 2026, 14:51 IST
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रायपुर में सामान्य प्रशासन विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र जारी हुआ, जिसमें डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग किया गया। पुलिस जांच कर रही है और प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

RAIPUR : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सामान्य प्रशासन विभाग के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। इस फर्जी आदेश में राज्य के पांच अहम विभागों परिवहन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और स्कूल शिक्षा में भर्ती की अनुशंसा दिखाई गई है। प्रारंभिक जांच में यह पूरा दस्तावेज फर्जी पाया गया है जिससे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है।



सचिव और उप सचिव के डिजिटल सिग्नेचर :

यह नियुक्ति आदेश 5 मार्च 2026 की तारीख में जारी बताया गया है। इसमें विभागीय सचिव रजत कुमार और उप सचिव शिव कुमार सिंह के ई-साइन डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल बेहद गंभीर मामला है क्योंकि इससे दस्तावेज के असली होने का भ्रम पैदा किया गया।



इस फर्जीवाड़े की शिकायत अनुभाग अधिकारी राजपाल बघेल ने दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि यह फर्जी नियुक्ति पत्र डाक के माध्यम से कई अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया जिसके चलते युवाओं में भ्रम और उम्मीद दोनों पैदा हो गई। कई उम्मीदवारों ने इसे असली आदेश मानकर आगे की प्रक्रिया की तैयारी भी शुरू कर दी थी।



ट्रेनिंग के बाद नियुक्ति :

फर्जी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि चयनित अभ्यर्थियों का पहले चरित्र सत्यापन किया जाएगा और उसके बाद प्रशिक्षण देकर नियुक्ति दी जाएगी। यह पूरा विवरण इस तरह से तैयार किया गया था कि दस्तावेज पूरी तरह असली लगे। हालांकि विभागीय जांच में स्पष्ट हो गया कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी है जिसका मकसद बेरोजगार युवाओं को गुमराह करना था।



राखी थाने में एफआईआर :

मामले की गंभीरता को देखते हुए राखी थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह आशंका सामने आई है कि इस फर्जीवाड़े में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है जिसे विभागीय प्रक्रियाओं और डिजिटल सिस्टम की जानकारी हो।





पुलिस अब तकनीकी पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है। डिजिटल सिग्नेचर के दुरुपयोग को लेकर साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि दस्तावेज कहां और कैसे तैयार किया गया। साथ ही जिन लोगों तक यह पत्र पहुंचा है उनसे भी जानकारी जुटाई जा रही है कि उन्हें यह पत्र किस माध्यम से मिला।



सभी विभागों में सतर्कता के निर्देश :

प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम लोगों और अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि किसी भी नियुक्ति पत्र या सरकारी आदेश की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जरूर करें। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



यह मामला न सिर्फ साइबर अपराध का उदाहरण है बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों का फायदा उठाकर ठगी की जा रही है। प्रशासन अब ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई करने के मूड में है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



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