लोग सेवा गारंटी पर वित्त विभाग सख्तः तय समय में मिलेंगी 14 सेवाएं

VINAY VERMA | Jun 22, 2026, 10:54 IST
लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2026
सरकार ने व्यवस्था में सुधार करते हुए वित्त विभाग की 14 महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शामिल कर दिया है। अब इन सेवाओं के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर दी गई है, जिससे पेंशन, भुगतान, सत्यापन और अन्य वित्तीय कार्य तेजी से पूरे होंगे।

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। वित्त विभाग की 14 महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शामिल किया गया है। अब इन सेवाओं के लिए समय-सीमा तय रहेगी। इससे नागरिकों और पेंशनरों को राहत मिलेगी। सरकार का लक्ष्य जवाबदेही बढ़ाना है।



फाइलों की देरी पर लगेगा अंकुश

सरकारी दफ्तरों में अक्सर फाइलें लंबे समय तक अटक जाती थीं। पेंशन, भुगतान और सत्यापन जैसे मामलों में लोगों को कई चक्कर लगाने पड़ते थे। नई व्यवस्था में हर सेवा के लिए कार्य दिवस तय किए गए हैं। इससे अनावश्यक देरी पर रोक लगेगी।



स्टाम्प सेवाओं को प्राथमिकता

वित्त विभाग ने देयकों के भुगतान के लिए तीन दिन की समय-सीमा तय की है। इसमें एसएनए स्पर्श से जुड़े भुगतान भी शामिल हैं। राशि जमा होने के बाद स्टाम्प पेपर भी तीन दिनों में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आम लोगों और विभागों को त्वरित सुविधा मिलेगी।



पेंशनरों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

पेंशन भुगतान शुरू करने की समय-सीमा सात दिन रखी गई है। यह अवधि पीपीओ मिलने के बाद लागू होगी। पेंशनरों के आवेदन भी सात से पंद्रह दिनों के भीतर निपटाए जाएंगे। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की परेशानी कम होगी।



पीपीओ जारी करने तय हुई सीमा

पेंशन भुगतान आदेश यानी पीपीओ जारी करने के लिए 30 दिन का समय निर्धारित किया गया है। पीपीओ ट्रांसफर के मामलों में 15 दिन की सीमा तय हुई है। पेंशन पुनरीक्षण भी 15 दिनों में किया जाएगा। इससे लंबित मामलों का तेजी से निपटारा संभव होगा।



सेवा लाभों का होगा टाइम पर वेरिफिकेशन

सैलरी वेरिफिकेशन के लिए 30 दिन का समय रखा गया है। संचालनालय स्तर पर भी यही समय-सीमा लागू होगी। पेंशन मामलों और सेवानिवृत्त हितलाभों के सत्यापन के लिए भी 30 दिन तय किए गए हैं। इससे कर्मचारियों के वित्तीय मामलों में स्पष्टता आएगी।



निवेशकों और एजेंटों को भी राहत

बचत योजनाओं से जुड़े निवेशकों के आवेदन सात दिनों में निपटाए जाएंगे। एजेंट नियुक्ति संबंधी आवेदन 30 दिनों में निराकृत होंगे। चालान की डुप्लीकेट प्रति तीन दिनों में उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वित्तीय प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित होंगी।



अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय

सरकार ने सेवा देने वाले अधिकारियों को भी चिन्हित किया है। जिला कोषालय अधिकारी, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी और संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारियों को पदाभिहित अधिकारी बनाया गया है। अब जिम्मेदारी तय होने से जवाबदेही भी बढ़ेगी।



समय पर काम नहीं हुआ तो कर सकेंगे अपील

यदि तय समय में सेवा नहीं मिलती है तो नागरिक अपील कर सकेंगे। इसके लिए अपीलीय प्राधिकारी की व्यवस्था की गई है। संबंधित अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। इससे लोगों को अधिकार आधारित सेवा मिलेगी।



सुशासन की दिशा में अहम कदम

सरकार का यह फैसला प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे सरकारी कामकाज में गति आएगी। पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी। सबसे बड़ी बात यह कि आम नागरिकों और पेंशनरों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में लोग सेवा गारंटी में क्या बदलाव किया गया है?
    छत्तीसगढ़ सरकार ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत वित्त विभाग की 14 महत्वपूर्ण सेवाओं को शामिल किया है। अब इन सेवाओं के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी गई है, जिससे पेंशन, भुगतान, सत्यापन और अन्य वित्तीय कार्य निर्धारित अवधि में पूरे किए जाएंगे और देरी पर रोक लगेगी।
  2. लोक सेवा गारंटी अधिनियम क्या है?
    लोक सेवा गारंटी अधिनियम एक ऐसा कानून है जिसके तहत सरकार नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं के लिए निश्चित समय-सीमा तय करती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग अपने काम जैसे प्रमाण पत्र, पेंशन, भुगतान और अन्य सरकारी सेवाएं समय पर प्राप्त कर सकें। यदि निर्धारित समय में सेवा नहीं मिलती है तो नागरिक अपील कर सकते हैं और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है।


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