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News In Short
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बंटवारे (साल 2000) के समय पेंशन वितरण पर शर्तें तय हुई थीं।
अब छत्तीसगढ़ सरकार ने पेंशन वितरण में गड़बड़ी के कारण मध्य प्रदेश से 10 हजार करोड़ की मांग की है।
मध्य प्रदेश सरकार एकमुश्त भुगतान की बजाय किस्तों में चुकाने की योजना बना रही है।
छत्तीसगढ़ ने पेंशनधारकों के महंगाई राहत (DR) को 55% से बढ़ाकर 58% किया है।
दोनों राज्यों के बीच 10 दिन में इस मामले पर अहम बैठक होने वाली है।
News in Detail
BHOPAL. पच्चीस साल पहले जब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का बंटवारा हुआ था, तब एक बड़ी वित्तीय शर्त रखी गई थी। अब वही बोझ मध्य प्रदेश पर आने वाला है।
हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने देखा कि पेंशन वितरण में गड़बड़ी हो रही थी। यह गड़बड़ी 10 हजार करोड़ रुपए की है। अब यह राशि मध्य प्रदेश सरकार को चुकानी होगी। वहीं, एमपी सरकार इस रकम को चुकाने के लिए योजना बना रही है। क्या है पूरा मामला...आइए समझते हैं
एकमुश्त भुगतान नहीं, किस्तों में होगा भुगतान
मध्य प्रदेश सरकार ने इस भारी वित्तीय बोझ को हल करने के लिए एक रास्ता ढूंढने की कोशिश की है। सरकार का कहना है कि इस पैसे को एक बार में न चुकाकर, दो से तीन साल के भीतर किस्तों में चुकाया जाए।
इस पर फरवरी 2026 में मध्य प्रदेश सरकार अपने वित्तीय बजट के जरिए कोई प्रस्ताव पेश कर सकती है।
जानें क्या थी बंटवारे की शर्त
वित्त अधिकारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बंटवारे के समय (साल 2000) एक शर्त तय हुई थी। इस शर्त के मुताबिक, पेंशन वितरण के दौरान हर एक रुपए में से 73.37 प्रतिशत मध्य प्रदेश देगा। साथ ही, शेष 26.63 प्रतिशत छत्तीसगढ़ को देना होगा। व
हीं, पेंशन वितरण में इस शर्त का पालन नहीं हुआ। अब यह गड़बड़ी अब पच्चीस साल बाद सामने आई है।
पेंशन वितरण में शामिल नहीं हो रहा एमपी का हिस्सा
सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल छत्तीसगढ़ सरकार पर खर्चों का दबाव बढ़ने लगा है। इस बीच, छत्तीसगढ़ के वित्त विभाग ने पेंशन वितरण की समीक्षा की थी। इसमें यह पता चला कि मध्य प्रदेश का हिस्सा पेंशन वितरण में शामिल नहीं किया गया था।
इसके बाद, मध्य प्रदेश को 10 हजार करोड़ की डिमांड भेजी गई। मध्य प्रदेश सरकार ने इसे सही पाया और अब इस पैसे को चुकाने के बारे में विचार कर रही है।
10 दिन में होने वाली अहम बैठक
दोनों राज्यों के बीच इस मामले को लेकर 10 दिन के भीतर एक अहम बैठक होनी है। बैठक में इस भारी रकम के भुगतान के बारे में फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, छत्तीसगढ़ में पेंशनधारकों की संख्या एक लाख से बढ़कर डेढ़ लाख हो गई है। इसका मतलब है कि यह भुगतान लगातार छत्तीसगढ़ के पेंशनधारकों को मिलेगा।
महंगाई राहत भी बनेगी चुनौती
छत्तीसगढ़ ने हाल ही में पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया है। अब मध्य प्रदेश को इस पर भी सहमति देनी होगी। अगर मध्य प्रदेश इसे मंजूरी देता है, तो उसे अपनी पेंशनर्स के DR में भी 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। ऐसे में, मध्य प्रदेश सरकार के सामने एक और वित्तीय चुनौती आ सकती है।
डिमांड का कर रहे हैं परीक्षण - अपर मुख्य सचिव
एमपी वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया है कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से राशि की मांग की गई है। इसका परीक्षण किया जा रहा है। शासन स्तर पर बाद में फैसला लिया जाएगा।
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