छत्तीसगढ़ के हमर लैब योजना में 550 करोड़ की गड़बड़ी, तीन कारोबारी गिरफ्तार
VINAY VERMA | Jan 19, 2026, 23:09 IST
CGMSC
छत्तीसगढ़ के हमर लैब योजना में 550 करोड़ का घोटाला हुआ। मामले में तीन कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया। मेडिकल उपकरणों और रिएजेंट्स की खरीद में अनियमितताएं पाई गईं।
RAIPUR. छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में EOW ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राज्य में जनता को मुफ्त डायग्नोस्टिक कराने के लिए शुरू की गई हमर लैब योजना के तहत हुआ था।
यह कार्रवाई मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर की गई है। तीनों को 19 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया। जहां से 27 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड मंजूर की गई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, हमर लैब योजना के तहत मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी की जानी थी। इसके लिए टेंडरिंग के माध्यम से मोक्षित कॉर्पोरेशन को निविदा प्राप्त हुई। विवेचना में सामने आया कि रिकॉर्डर्स एण्ड मेडिकेयर सिस्टम्स और श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निविदा में भाग लिया। दोनों ने मोक्षित कॉर्पोरेशन को सहयोग किया।
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जांच में यह भी खुलासा हुआ कि निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए तीनों फर्मों ने मिलकर खेल किया। टेंडर में केवल यहीं तीन फर्में शॉर्टलिस्ट हुईं और तीनों ने उत्पाद, पैक-साइज, रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स का विवरण एक समान पैटर्न में भरा। दरें भी एक ही क्रम में कोट की गईं, जिससे प्रतिस्पर्धा केवल औपचारिक रह गई।
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मिलीभगत के चलते मोक्षित कॉर्पोरेशन द्वारा CGMSC को रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति एमआरपी से तीन गुना तक अधिक कीमत पर की गई। जांच एजेंसी के मुताबिक इससे शासन को लगभग 550 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। EOW के अनुसार हमर लैब योजना में शासकीय धन के दुरुपयोग से संबंधित सभी पहलुओं की जांच जारी है।
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गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक कौशल, डायरेक्टर, रिकॉर्डर्स एण्ड मेडिकेयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमटेड पंचकुला शामिल हैं। राकेश जैन, प्रोप्राइटर, श्री शारदा इंडस्ट्रीज, रायपुर भी आरोपी हैं। प्रिंस जैन, लाईजनर, रिकॉर्डर्स एण्ड मेडिकेयर सिस्टम्स प्रा.लि. को भी गिरफ्तार किया गया है। प्रिंस जैन को मोक्षित कॉरपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा का जीजा बताया जा रहा है।
यह कार्रवाई मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर की गई है। तीनों को 19 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया। जहां से 27 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड मंजूर की गई है।
फर्जी दस्तावेज पर टेंडर
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कॉर्टेल बनाकर किया खेल
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