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NEWS IN SHORT
- CGMSC घोटाले में ईडी ने जेल में बंद शशांक चोपड़ा को 22 जनवरी तक कस्टोडियल रिमांड पर लिया।
- शशांक चोपड़ा को घोटाले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
- ईडी मनी ट्रेल और वित्तीय लेनदेन को लेकर गहन पूछताछ करेगी।
- शशांक चोपड़ा मोक्षित कॉर्पोरेशन का संचालक है।
- ईडी की कार्रवाई से घोटाले में शामिल अन्य लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
NEWS IN DETAIL
CGMSC घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी है। इस बहुचर्चित मामले में जेल में बंद शशांक चोपड़ा को 22 जनवरी तक कस्टोडियल रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। ईडी की इस कार्रवाई को घोटाले की जांच में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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मास्टरमाइंड बताकर पूछताछ
ईडी अधिकारियों के अनुसार, शशांक चौपड़ा मोक्षित कॉर्पोरेशन का संचालक है और CGMSC से जुड़े कई अहम टेंडरों और मेडिकल सप्लाई से सीधे तौर पर जुड़ा रहा है। जांच एजेंसी का दावा है कि वह पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड है और उसके जरिए ही कई वित्तीय लेनदेन हुए।
मनी ट्रेल पर ईडी का फोकस
ईडी की पूछताछ का मुख्य फोकस मनी ट्रेल पर है। सूत्रों के मुताबिक शशांक चोपड़ा से टेंडर प्रक्रिया, कमीशनखोरी, फर्जी सप्लाई, ओवररेटिंग और काले धन के नेटवर्क को लेकर विस्तार से सवाल किए जाएंगे। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घोटाले की रकम किन-किन खातों और माध्यमों से कहां भेजी गई।
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विशेष कोर्ट में पेशी, रिमांड की अनुमति
बुधवार को ईडी के अधिकारी और वकील विशेष कोर्ट पहुंचे, जहां शशांक चोपड़ा को पेश कर कस्टोडियल रिमांड की मांग की गई। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद अब ईडी को उससे सीधे पूछताछ का अवसर मिला है।
अन्य आरोपियों पर भी कस सकता है शिकंजा
सूत्रों का कहना है कि शशांक चोपड़ा से पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। इससे घोटाले में शामिल अफसरों, सप्लायर्स और बिचौलियों की भूमिका सामने आ सकती है और आगे और गिरफ्तारियां या समन जारी होने की संभावना है।
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Sootr Knowledge
- CGMSC राज्य में मेडिकल उपकरण और दवाओं की खरीद करता है।
- मोक्षित कॉर्पोरेशन CGMSC के प्रमुख सप्लायर्स में शामिल रही है।
- मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच ईडी करती है।
- कस्टोडियल रिमांड में आरोपी से सीधे पूछताछ की जाती है।
- CGMSC घोटाला राज्य के सबसे बड़े मेडिकल घोटालों में गिना जा रहा है।
IMP FACTS
- आरोपी: शशांक चोपड़ा
- संस्था: मोक्षित कॉर्पोरेशन
- जांच एजेंसी: प्रवर्तन निदेशालय (ED)
- रिमांड अवधि: 22 जनवरी तक
- जांच का फोकस: मनी ट्रेल और वित्तीय लेनदेन
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आगे क्या
- ईडी मनी ट्रेल से जुड़े नए सबूत जुटा सकती है।
- अन्य अफसरों और कारोबारियों को समन भेजे जा सकते हैं।
- जरूरत पड़ने पर आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
निष्कर्ष
CGMSC घोटाले में शशांक चौपड़ा की कस्टोडियल रिमांड से साफ है कि ईडी इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने के मूड में है। आने वाले दिनों में पूछताछ के दौरान बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है, जिससे यह घोटाला और भी गहराता नजर आ रहा है।
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