411 करोड़ का CGMSC घोटाला... हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
Kanak Durga Jha | Jun 20, 2025, 12:18 IST
411 crore CGMSC scam No relief from High Court
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की हमर लैब योजना में हुए 411 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी कारोबारी की जमानत अर्जी को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की हमर लैब योजना में हुए 411 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी कारोबारी की जमानत अर्जी को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह संगठित आर्थिक अपराध है, जिससे राज्य सरकार को 411 करोड़ रुपए के नुकसान होने की आशंका है।
आरोपी मोक्षित कंपनी के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा ने बंद सिस्टम वाले उपकरण सप्लाई कर एकाधिकार बनाया। उसे जमानत देने से भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन मिलेगा और समाज में गलत संदेश जाएगा।
ये खबर भी पढ़िए...Weather Update : छत्तीसगढ़ में सक्रिय हुआ मानसून, होगी भयंकर बारिश
दरअसल, साल 2021 में स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में हमर लैब योजना शुरू की थी, जिसके तहत मेडिकल उपकरणों और रीएजेंट की भारी मात्रा में खरीदी की। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बिना बजट और प्रशासनिक स्वीकृति के उपकरणों की अनावश्यक खरीद की।
ये खबर भी पढ़िए...छत्तीसगढ़ में कोरोना का खौफ जारी... बढ़े पॉजिटिव केस
जब यह घोटाला सामने आया, तब इसकी जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ी करने के कई गंभीर आरोप लगे। जिसके बाद इस मामले की जांच का जिम्मा एसीबी को दिया गया। एसीबी ने मामला दर्ज किया और छापेमारी की।
ये खबर भी पढ़िए...Kanker Naxal Attack : DRG जवानों ने नक्सलियों को घेरा, 2 नक्सली ढेर
FIR के अनुसार सप्लाई करने वाली कंपनियों में मोक्षित कॉर्पोरेशन, सीबी कॉर्पोरेशन, मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज आदि को अनुचित लाभ पहुंचाने की मंशा से उपकरण और रीजेंट वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक दर पर खरीदे गए।गड़बड़ी में EDTA ट्यूब 2352 रुपए पर खरीदी गई। जबकि ये मार्केट में 8.50 रुपए में उपलब्ध था। इसी तरह CBC मशीनें जो खुले बाजार में 5 लाख रुपए में उपलब्ध थीं, वह 17 लाख रुपए में खरीदी गई।
ये खबर भी पढ़िए...तोमर बंधुओं को देर रात निगम का नोटिस, जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग | बिलासपुर हाई कोर्ट | Bilaspur High Court | Bilaspur High Court big decision | bilaspur high court decision
आरोपी मोक्षित कंपनी के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा ने बंद सिस्टम वाले उपकरण सप्लाई कर एकाधिकार बनाया। उसे जमानत देने से भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन मिलेगा और समाज में गलत संदेश जाएगा।
ये खबर भी पढ़िए...Weather Update : छत्तीसगढ़ में सक्रिय हुआ मानसून, होगी भयंकर बारिश
ऐसे किया 411 करोड़ रुपए का घोटाला
ये खबर भी पढ़िए...छत्तीसगढ़ में कोरोना का खौफ जारी... बढ़े पॉजिटिव केस
जब यह घोटाला सामने आया, तब इसकी जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ी करने के कई गंभीर आरोप लगे। जिसके बाद इस मामले की जांच का जिम्मा एसीबी को दिया गया। एसीबी ने मामला दर्ज किया और छापेमारी की।
ये खबर भी पढ़िए...Kanker Naxal Attack : DRG जवानों ने नक्सलियों को घेरा, 2 नक्सली ढेर
कीमत से कई गुना अधिक दर पर खरीदे गए उपकरण
ये खबर भी पढ़िए...तोमर बंधुओं को देर रात निगम का नोटिस, जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग | बिलासपुर हाई कोर्ट | Bilaspur High Court | Bilaspur High Court big decision | bilaspur high court decision
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari