शराब घोटाला में पूर्व मुख्य सचिव से पूछताछ नहीं, जांच से आशीष श्रीवास्तव का नाम हटाया, भ्रष्टाचारियों को कौन बचा रहा?

VINAY VERMA | Jul 15, 2025, 12:06 IST
Former Chief Secretary not interrogated in liquor scam the sootr
छत्तीसगढ़ में 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर छत्तीसगढ़ सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह शराब घोटाले को लेकर कितनी गंभीर है लेकिन इसका दूसरा पहलू यह भी है कि अभी तक ऐसे अधिकारी से पूछताछ तक नहीं की गई है।

छत्तीसगढ़ में 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर छत्तीसगढ़ सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह शराब घोटाले को लेकर कितनी गंभीर है लेकिन इसका दूसरा पहलू यह भी है कि अभी तक ऐसे अधिकारी से पूछताछ तक नहीं की गई है जिसे शुरुआती समय में खुद भाजपा ही मास्टरमाइंड बता रही थी।



इतना ही नहीं ऐसे अधिकारी को जांच के दायरे से बाहर कर दिया गया, जिसके ऊपर शराब दुकानों के मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी थी। फ्लाइंग स्कवाड के अधिकारियों को अभयदान मिला हुआ है जबकि ED के अनुसार 6 लाख पेटी से अधिक अवैध शराब का ट्रांसपोटेशन हुआ। ऐसे में सवाल उठ रहा कि कही इसके पीछे का कारण इनका प्रभावशील होना तो नहीं।



ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट से अनवर ढेबर को नहीं मिली राहत,जमानत याचिका खारिज



विवेक ढांड से पूछताछ नहीं

शराब घोटाले के शुरुआरी दिनों में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड का नाम बड़ी जोरशोर से आया। खुद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस घोटाले का मास्टरमाइंड बताया था। जिसके पीछे का कारण अनिल टुटेजा का करीबी होना था। EOW ने अपनी जांच में इनका नाम भी शामिल किया था। लेकिन बड़ी बात यह है कि अभी तक न तो EOW ने और न ही ED ने इनसे पूछताछ की।



ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला में बड़ी कार्रवाई, 39 आबकारी अधिकारियों का तबादला



आशीष श्रीवास्तव का नाम ही गायब

शराब घोटाले को लेकर एक और अधिकारी आशीष श्रीवास्तव भी भाजपा के हिट लिस्ट में थे। ये पूरे प्रदेश के शराब दुकानों की मॉनिटरिंग में लगे सिस्टम के प्रभारी थे। होलोग्राम के जांच का भी जिम्मा इनके पास ही था। बताया जा रहा था इनके अनुसार ही लोगो को कार्यभार सौंपा जाता था। उस दौरान निचले स्तर की नियुक्तियां भी बिना इनकी स्वीकृति के नहीं होती थीं। कुछ दिनों तक इनसे पूछताछ भी हुई लेकिन अब जांच एजेंसियां इनके नाम का जिक्र तक नहीं करतीं।



ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला में 22 आबकारी अधिकारियों पर गिरी गाज, निलंबन के आदेश जारी



बीजेपी नेता भी कार्रवाई पर उठा चुके हैं सवाल

3200 करोड़ के शराब घोटाले को लेकर भाजपा नेता भी जांच एजेंसी ACB के कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। भाजपा कार्यालय मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने इस मामले में ACB के आचरण को “संदिग्ध और मनमाना” करार दिया था। नरेश गुप्ता के अनुसार ACB का मौजूदा रवैया संदेहास्पद है, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कुछ प्रभावशाली अधिकारियों को बचाने की तैयारी चल रही है।



ये खबर भी पढ़ें... 3200 करोड़ का शराब घोटाला, 31 आबकारी अधिकारियों ने लूटी 88 करोड़ की रकम, EOW ने खोला हिसाब



गुप्ता ने ट्वीट कर लिखा कि, “भूपेश बघेल के नेतृत्व में जो शराब घोटाला हुआ, उसके मूल में खुद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, निरंजनदास, एपी त्रिपाठी, टूटेजा, अनवर ढेबर और आबकारी विभाग के तमाम अधिकारी हैं।“


अधिकारियों को छोड़ने की तैयारी क्यों की जा रही है?



thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



शराब घोटाला जांच | शराब घोटाला छत्तीसगढ़ | आबकारी अधिकारी निलंबन | छत्तीसगढ़ ईडी शराब घोटाला | ईओडब्ल्यू शराब घोटाला | Chhattisgarh liquor scam | liquor scam investigation | Liquor Scam Chhattisgarh | excise officer suspension | ed liquor scam | eow liquor scam



Tags:
  • शराब घोटाला छत्तीसगढ़
  • Chhattisgarh liquor scam
  • छत्तीसगढ़ शराब घोटाला
  • Liquor Scam Chhattisgarh
  • छत्तीसगढ़ ईडी शराब घोटाला
  • शराब घोटाला जांच
  • आबकारी अधिकारी निलंबन
  • ईओडब्ल्यू शराब घोटाला
  • liquor scam investigation
  • excise officer suspension
  • ed liquor scam
  • eow liquor scam