व्यापारी मर्डर केस : अमित जोगी की बड़ी चेतावनी, होगी CBI जांच?
NEWS IN SHORT
- गौरेला पेंड्रा मरवाही: सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी की हत्या
- आरोपियों का अभी तक कोई सुराग नहीं, परिवार ने CBI जांच मांगी
- कातिलों के एनकाउंटर की मांग, व्यापारी सुरक्षा पर सवाल
- साप्ताहिक बाजार में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामी
- शस्त्र लाइसेंस और पुलिस तैनाती के लिए प्रशासन पर दबाव
NEWS IN DETAIL
Gaurela Pendra Marwahi। व्यापारी मर्डर केस : छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कोटमी बाजार में 26 मई 2026 को हुए ज्वेलरी व्यापारी प्रदीप सोनी हत्या मामले ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। व्यापारी अपने साप्ताहिक बाजार में सोने-चांदी के जेवर बेच रहे थे, तभी तीन नकाबपोश बदमाश बाइक पर आए और सीधे उन पर गोलियां चला दीं। घटना में गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी की अस्पताल में मृत्यु हो गई। बदमाश मौके से उनके पास रखे कीमती जेवर लूटकर फरार हो गए।
इस वारदात ने केवल व्यापारियों को ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी असुरक्षित महसूस कराया है। घटनास्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मी मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे स्थानीय सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल और परिवार की नाराजगी
हत्याकांड के छह दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई।
परिवार का कहना है कि स्थानीय पुलिस की कार्रवाई सुस्त और लापरवाह है। मृतक की बेटी का शोक और गुस्सा साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि उनके पिता के बेरहम हत्यारों को समाज में रहने का कोई हक नहीं होना चाहिए। परिवार ने आरोपियों के तत्काल एनकाउंटर की भी मांग की।
जेसीसीजे नेता अमित जोगी की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जेसीसीजे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अमित जोगी ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और मामला केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को नहीं सौंपा गया, तो पीड़ित परिवार उग्र आंदोलन करेगा। उन्होंने प्रशासन से कहा कि यह केवल एक स्थानीय सुरक्षा मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे व्यापारिक समुदाय की सुरक्षा का प्रश्न है।
पीड़ित परिवार की प्रमुख मांगें
1. एनकाउंटर की मांग
मृतक की बेटी और परिवार ने कहा कि हत्यारे समाज में नहीं रह सकते। उनका तत्काल एनकाउंटर किया जाना चाहिए।
2. व्यापारियों की सुरक्षा
ग्रामीण और साप्ताहिक बाजारों में सराफा व्यवसायियों को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
3. शस्त्र लाइसेंस की सुविधा
व्यापारियों को अपनी सुरक्षा के लिए हथियार का लाइसेंस आसानी से दिया जाए, ताकि वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
घटना का विस्तृत विवरण
प्रदीप सोनी, 50 वर्षीय ज्वेलरी व्यापारी, नियमित रूप से कोटमी बाजार में अपनी दुकान लगाते थे। 26 मई को तीन नकाबपोश बदमाश बाइक पर सवार होकर आए और सरेराह उन पर गोलियां चला दीं।
घटना इतनी तेजी से हुई कि कोई भी आसपास मौजूद व्यक्ति या सुरक्षा कर्मी तुरंत हस्तक्षेप नहीं कर सका। इस हमले में प्रदीप सोनी की गंभीर चोटें आईं, और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। बदमाश उनके पास रखे सोने-चांदी के जेवर लूटकर फरार हो गए।
इस घटना ने पूरे इलाके के व्यापारियों में डर और चिंता बढ़ा दी है। कई व्यापारी अब बाजार में जाने से डर रहे हैं और सुरक्षा की मांग उठा रहे हैं।
प्रशासन और राजनीतिक दबाव
पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि केवल न्याय की मांग ही नहीं, बल्कि व्यापारी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सुधार भी जरूरी है।
परिवार और जेसीसीजे का कहना है कि स्थानीय पुलिस इस मामले में असफल रही है, इसलिए उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से मामले की जाँच हो। ग्रामीण और साप्ताहिक बाजारों में पुलिस तैनाती बढ़ाई जाए।
आत्मरक्षा के लिए व्यापारियों को प्राथमिकता के आधार पर लाइसेंस दिया जाए। अमित जोगी ने कहा कि यदि प्रशासन इन मांगों को नजरअंदाज करता है, तो व्यापारी और परिवार उग्र आंदोलन करेंगे।
FAQ
- यह घटना कब हुई थी?
26 मई 2026 को कोटमी साप्ताहिक बाजार में गोलीकांड हुआ। - आरोपियों की गिरफ्तारी हुई क्या?
स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिली। - प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिली। - परिवार की प्रमुख मांगें क्या हैं?
एनकाउंटर, व्यापारी सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस प्रदान करना। - राजनीतिक प्रतिक्रिया कैसी रही?
जेसीसीजे नेता अमित जोगी ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी और CBI जांच की मांग की।
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