खाड़ी संकट में छत्तीसगढ़ियों की चिंता, साय सरकार ने दिल्ली में नोडल अफसर किया तैनात
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य टकराव ने खाड़ी क्षेत्र में हालात को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है। इस संघर्ष की वजह से वहां कामकाज या पर्यटन के सिलसिले में गए बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक फंस गए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के लोग भी शामिल हैं।
युद्ध के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित होने से उनकी वापसी मुश्किल हो गई है। ऐसे में भारत में बैठे उनके परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने पहल करते हुए संकट में फंसे अपने नागरिकों की मदद के लिए विशेष व्यवस्था की है।
दिल्ली में नोडल नियुक्त
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने खाड़ी देशों में फंसे लोगों की सहायता के लिए नोडल अफसर नियुक्त किया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात में समन्वय और त्वरित सहायता के लिए यह व्यवस्था जरूरी है।
इस नोडल अफसर के जरिए राज्य सरकार दिल्ली में मौजूद केंद्रीय एजेंसियों और विदेश मंत्रालय से संपर्क बनाए रखेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर छत्तीसगढ़ के नागरिकों को जल्द से जल्द मदद मिल सके।
लेखा अजगले को सौंपी गई जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने लेखा अजगले को इस पूरे मामले का नोडल अफसर बनाया है। सुश्री अजगले नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में आयुक्त कार्यालय में लॉयजन अधिकारी के रूप में पदस्थ हैं।
दिल्ली में पदस्थ होने की वजह से उन्हें केंद्र सरकार के मंत्रालयों और एजेंसियों से बेहतर समन्वय करने में आसानी होगी। सरकार को उम्मीद है कि उनकी नियुक्ति से संकट में फंसे लोगों की जानकारी जुटाने और मदद पहुंचाने की प्रक्रिया तेज होगी।
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परिजनों के लिए जारी किया गया संपर्क नंबर
सरकार ने नोडल अधिकारी की नियुक्ति के साथ ही उनका संपर्क नंबर भी जारी किया है। इससे खाड़ी देशों में फंसे लोगों के परिजन सीधे संपर्क कर सकेंगे और अपने रिश्तेदारों की जानकारी साझा कर सकेंगे।
राज्य सरकार ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में लोग इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसके जरिए फंसे हुए लोगों का विवरण एकत्र किया जाएगा और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय किया जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश
इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष को देखते हुए यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।
लेखा अजगले को न केवल सहायता उपलब्ध कराने बल्कि केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। जरूरत पड़ने पर वे राज्य सरकार को स्थिति की नियमित जानकारी भी देंगी।
10 दिन से जारी है सैन्य टकराव
दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर सैन्य हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
इस टकराव के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। कई देशों ने एहतियात के तौर पर हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है।
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हवाई सेवाओं पर सबसे बड़ा असर
युद्ध का सबसे ज्यादा असर हवाई सेवाओं पर देखने को मिल रहा है। खाड़ी देशों की कई उड़ानें रद्द या डायवर्ट कर दी गई हैं। इसके चलते वहां नौकरी, व्यापार या पर्यटन के लिए गए भारतीय नागरिक वापस नहीं लौट पा रहे हैं।
भारत सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर विशेष उड़ानों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकालने की योजना पर काम कर रही है।
सरकार ने भरोसा दिलाया, घबराने की जरूरत नहीं
छत्तीसगढ़ सरकार ने भी राज्य के नागरिकों और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया है कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। नोडल अफसर की नियुक्ति इसी दिशा में एक कदम है, ताकि किसी भी छत्तीसगढ़ी को मदद की जरूरत पड़े तो उसे तुरंत सहायता मिल सके।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी जानकारी के लिए अधिकृत माध्यमों से ही संपर्क करें।