बिना जनता की राय के नहीं होगी नीलामी, हसदेव नदी रेत खदान टेंडर पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
NEWS IN SHORT
- हसदेव नदी में रेत खनन टेंडर हाई कोर्ट ने रद्द किया
- बिना फाइनल रिपोर्ट के रेत नीलामी नहीं हो सकती
- ग्राम पंचायत हथनेवरा ने टेंडर को चुनौती दी
- हाई कोर्ट ने नई रिपोर्ट मंजूर कर टेंडर फिर से जारी करने की छूट दी
- अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई का निर्देश
NEWS IN DETAIL
Bilaspur। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने जांजगीर-चांपा जिले की हसदेव नदी में रेत खनन के लिए जारी टेंडर को रद्द कर दिया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि बिना फाइनल जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) के रेत नीलामी की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल ड्राफ्ट रिपोर्ट को वेबसाइट पर डाल देना पर्याप्त नहीं है।
जनता की राय लेना अनिवार्य
हाई कोर्ट ने कहा कि ड्राफ्ट रिपोर्ट पर जनता की राय लेना और उसके बाद कलेक्टर की मंजूरी लेना कानून के अनुसार जरूरी है। केवल ऑनलाइन अपलोड करने से प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जा सकती। ग्राम पंचायत हथनेवरा के सरपंच ने याचिका दायर कर टेंडर प्रक्रिया को चुनौती दी। उनका कहना था कि प्रशासन ने पांच साल पुरानी रिपोर्ट के आधार पर टेंडर जारी किया, जो अब वैध नहीं है।
पुरानी रिपोर्ट पर विवाद
सरपंच ने कहा कि 30 मार्च 2026 को जारी टेंडर गलत था क्योंकि जिले में कोई नई फाइनल रिपोर्ट मौजूद नहीं थी। प्रशासन ने पुराने डेटा के आधार पर बोली लगाने वाले ठेकेदार तय कर दिए थे।
राज्य सरकार का पक्ष
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि वर्ष 2025 की रिपोर्ट तैयार कर इंटरनेट पर डाल दी गई थी। सरकार ने चेतावनी दी कि टेंडर रद्द करने से सरकारी राजस्व को नुकसान होगा। लेकिन हाई कोर्ट ने पाया कि जिस रिपोर्ट का हवाला दिया गया, वह केवल ड्राफ्ट थी और सक्षम अधिकारी ने उसे अंतिम रूप से मंजूर नहीं किया।
कोर्ट का निर्णय और नई प्रक्रिया
हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि बिना फाइनल DSR के रेत खनन की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने हसदेव नदी के हथनेवरा क्षेत्र में रेत खनन का टेंडर रद्द कर दिया। साथ ही, राज्य सरकार को अनुमति दी गई है कि वह नई रिपोर्ट मंजूर कराकर नियमों के अनुसार टेंडर दोबारा जारी कर सकती है।
अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई
कोर्ट ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि इलाके में अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, सरकार और प्रशासन को कानून के अनुसार पूरी स्वतंत्रता दी गई है।
FAQ
- हाई कोर्ट ने हसदेव नदी का टेंडर क्यों रद्द किया?
कोर्ट ने कहा कि बिना फाइनल जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) के रेत नीलामी की अनुमति नहीं दी जा सकती। - क्या ड्राफ्ट रिपोर्ट डालना पर्याप्त है?
नहीं, केवल ड्राफ्ट रिपोर्ट वेबसाइट पर डालने से काम नहीं चलेगा। जनता की राय और कलेक्टर की मंजूरी जरूरी है। - किसने टेंडर को चुनौती दी थी?
ग्राम पंचायत हथनेवरा के सरपंच ने टेंडर प्रक्रिया को चुनौती दी और हाई कोर्ट में याचिका दायर की। - क्या सरकार को टेंडर दोबारा जारी करने की अनुमति है?
हां, हाई कोर्ट ने कहा कि नई फाइनल रिपोर्ट मंजूर कर के टेंडर नियमों के अनुसार दोबारा जारी किया जा सकता है। - अवैध रेत उत्खनन पर क्या कार्रवाई होगी?
कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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