CGPSC और D.El.Ed परीक्षा एक ही दिन! हाई कोर्ट ने दखल देने से किया इंकार

Umeshwari Baghel | Jun 04, 2026, 22:21 IST
Uma Verma (9)
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 8 जून 2026 को होने वाली CGPSC मेन्स और D.El.Ed. परीक्षा की तारीखें बदलने से साफ इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि छात्रों को परेशानी जरूर होगी, लेकिन उनके पास नवंबर 2026 में दूसरी परीक्षा में बैठने का मौका रहेगा।

NEWS IN SHORT

  • CGPSC मेन्स और D.El.Ed. परीक्षा 8 जून को एक साथ
  • हाई कोर्ट ने समय-सारणी में बदलाव से किया इंकार
  • छात्र अब 8 जून या नवंबर की परीक्षा में कर सकते हैं चयन
  • हाई कोर्ट ने कहा: पूरी परीक्षा योजना में हस्तक्षेप नहीं होगा
  • CGPSC और D.El.Ed. तैयारी के लिए रणनीति और समय प्रबंधन जरूरी

NEWS IN DETAIL

Bilaspur : बिलासपुर हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में 8 जून 2026 को आयोजित होने वाली CGPSC मेन्स परीक्षा (CGPSC Mains) और D.El.Ed. द्वितीय वर्ष परीक्षा (Diploma in Elementary Education) को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परीक्षा तिथियों में बदलाव करना उचित नहीं होगा, क्योंकि छात्रों के पास नवंबर 2026 में दूसरी परीक्षा में शामिल होने का वैकल्पिक अवसर मौजूद है।



याचिका क्यों दायर की गई



कवर्धा की छात्रा अंजनी यादव और बिलासपुर के महेंद्र कुमार पटेल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक ही दिन दोनों परीक्षा देना असंभव होगा। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि D.El.Ed. परीक्षा को किसी अन्य तिथि पर आयोजित कराया जाए, ताकि छात्र दोनों परीक्षाओं में बिना संघर्ष शामिल हो सकें।



याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि यदि समय-सारणी में बदलाव नहीं किया गया, तो छात्रों को अपनी प्राथमिकता के आधार पर एक परीक्षा छोड़नी पड़ेगी। वे दोनों परीक्षाओं में शामिल होना चाहते थे, और यही वजह थी कि उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल और हाई कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की।



माशिमं का पक्ष

माध्यमिक शिक्षा मंडल (Chhattisgarh Board of Secondary Education, Raipur) के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि D.El.Ed. परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है। अगर छात्र 8 जून की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो वे नवंबर 2026 में आयोजित दूसरी परीक्षा में बैठ सकते हैं।



मांडल के अधिवक्ता ने यह भी कहा कि पहले भी ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हुई थीं, जब CGPSC ने अपनी परीक्षा तिथियों में बदलाव किया था। लेकिन इस बार, छात्रों के पास वैकल्पिक अवसर उपलब्ध होने और समय-सारणी बदलने के व्यावहारिक न होने के कारण, पूरी परीक्षा कार्यक्रम में हस्तक्षेप करना उचित नहीं माना गया।



हाई कोर्ट का फैसला

जस्टिस एन.के. चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि छात्रों के पास दूसरे अवसर का विकल्प मौजूद है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश देने से इंकार कर दिया और याचिका को खारिज कर दिया। फैसले में कहा गया कि परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव करने का कोई ठोस कारण नहीं है और छात्रों के लिए वैकल्पिक अवसर पर्याप्त है।



हाई कोर्ट के निर्णय से यह स्पष्ट हो गया कि समय-सारणी और परीक्षाओं के नियोजन में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। छात्रों को अब अपनी तैयारी के हिसाब से रणनीति बनानी होगी और दोनों परीक्षा के लिए अपने समय का प्रबंधन करना होगा।



CGPSC मेन्स और D.El.Ed. परीक्षा का महत्व

छत्तीसगढ़ में CGPSC मेन्स परीक्षा सरकारी सेवाओं में चयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के भविष्य को सीधे प्रभावित करती है, जो राज्य में प्रशासनिक और सरकारी पदों के लिए तैयारी कर रहे हैं।



वहीं, D.El.Ed. परीक्षा उन छात्रों के लिए जरूरी है जो प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में शिक्षक बनना चाहते हैं। दोनों परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समय का सही प्रबंधन और रणनीति बेहद अहम है।



छात्रों के विकल्प और तैयारी की रणनीति

छात्र अब दो विकल्पों के बीच चयन कर सकते हैं। वे 8 जून की परीक्षा में शामिल होकर नवंबर में दूसरी परीक्षा का विकल्प सुरक्षित रख सकते हैं, या CGPSC मेन्स पर पूरी तरह ध्यान देकर D.El.Ed. की परीक्षा को नवंबर में दे सकते हैं।



विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छात्रों को सिलेबस का विश्लेषण, प्रैक्टिस टेस्ट, और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। तैयारी को इस तरह व्यवस्थित करना जरूरी है कि दोनों परीक्षाओं में सफलता के मौके बराबर बने रहें।



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निष्कर्ष

हाई कोर्ट का फैसला छात्रों के लिए वैकल्पिक अवसर सुनिश्चित करता है और यह स्पष्ट करता है कि समय-सारणी में बदलाव करना आवश्यक नहीं है। इस फैसले से छात्रों को अपनी तैयारी में प्राथमिकता तय करने और दोनों परीक्षा के लिए रणनीति बनाने का मौका मिलेगा।



छात्रों को अब समय का सही उपयोग और परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना होगा। CGPSC मेन्स और D.El.Ed. परीक्षा के लिए योजना बनाना अब और भी महत्वपूर्ण हो गया है।



FAQ

  1. 8 जून को D.El.Ed. परीक्षा रद्द होगी?
    नहीं, परीक्षा तय समय पर आयोजित होगी।
  2. अगर छात्र 8 जून की D.El.Ed. परीक्षा नहीं दे पाए तो क्या होगा?
    छात्र नवंबर 2026 में होने वाली दूसरी परीक्षा में बैठ सकते हैं।
  3. हाई कोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की?
    छात्रों के पास वैकल्पिक अवसर मौजूद होने और सम्पूर्ण समय-सारणी में बदलाव करना व्यावहारिक नहीं होने के कारण।

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