छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य घोटाला! 7 ठिकानों पर EOW की छापेमारी
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी EOW ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक पुराने घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। यह घोटाला स्वास्थ्य शिक्षा और जनजागरूकता कार्यक्रम से जुड़ा है। शुक्रवार को टीम ने बिलासपुर, धमतरी और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों के 7 परिसरों में एक साथ छापेमारी की। यह मामला वित्तीय वर्ष 2005-06 और 2006-07 का है। छापेमारी में कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
यह कार्रवाई करोड़ों रुपए के कथित घोटाले से जुड़ी है। मामला करीब दो दशक पुराना है, फिर भी जांच एजेंसी ने इसे गंभीरता से आगे बढ़ाया है।
EOW की टीम ने तीनों जिलों में एक साथ दबिश देकर सर्च अभियान चलाया। एजेंसी के मुताबिक इस दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं।
NRHM और RCH से जुड़ा है मामला
जानकारी के मुताबिक संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM - National Rural Health Mission) और रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ (RCH - Reproductive Child Health) योजना के तहत राशि मिली थी।
इस राशि से लोक कला जत्था के माध्यम से राज्य के तत्कालीन सभी 16 जिलों में स्वास्थ्य शिक्षा और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने थे। यह योजना ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के मकसद से बनाई गई थी।
शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप
आरोप है कि इन जागरूकता कार्यक्रमों के नाम पर शासकीय राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। इससे राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
घंटों चली इस जांच में एजेंसी को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई काफी योजनाबद्ध तरीके से की गई।
फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की धाराओं में केस दर्ज
इस मामले में EOW ने पहले ही प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। शुक्रवार की छापेमारी इसी जांच का अगला चरण है।
छापेमारी के दौरान एजेंसी ने घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। यह कार्रवाई फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत की जा रही है।
अब दस्तावेजों का हो रहा विश्लेषण
अधिकारियों के मुताबिक जब्त किए गए सभी दस्तावेजों का बारीकी से अवलोकन और विश्लेषण किया जा रहा है। इसी जांच के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।
एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
दो दशक पुराने मामले में अब आया एक्शन
यह मामला 2005-06 और 2006-07 का है, यानी करीब 20 साल पुराना। इतने लंबे समय बाद भी एजेंसी ने इसे गंभीरता से आगे बढ़ाया है।
आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जब्त दस्तावेजों की जांच पूरी होने पर ही यह साफ हो सकेगा कि इसमें कौन-कौन जिम्मेदार है।
FAQ
- छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग घोटाला क्या है?
यह मामला वित्तीय वर्ष 2005-06 और 2006-07 का है। आरोप है कि NRHM और RCH योजना के तहत स्वास्थ्य शिक्षा और जनजागरूकता कार्यक्रमों के नाम पर सरकारी राशि का कथित दुरुपयोग किया गया। - NRHM और RCH योजना क्या है?
NRHM (National Rural Health Mission) और RCH (Reproductive Child Health) केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और जनजागरूकता को बढ़ावा देना है।
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