सीजी हाईकोर्ट ने DEO और प्रिंसिपल को थमाया नोटिस
NEWS IN SHORT
- बिलासपुर हाईकोर्ट ने शिक्षक के वेतन मामले में डीईओ और प्रिंसिपल को नोटिस जारी
- संजय कुमार पांडेय ने खुद की पैरवी करते हुए कोर्ट में दायर की याचिका
- कोर्ट ने 3 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया
- याचिकाकर्ता ने वेतन का भुगतान ब्याज सहित करने की मांग की
- राज्य सरकार ने मामले को विचाराधीन बताते हुए दी प्रतिक्रिया
NEWS IN DETAIL
Bilaspur : छत्तीसगढ़ पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मस्तूरी के हिंदी लेक्चरर संजय कुमार पांडेय ने अपने लंबित वेतन भुगतान के मामले में हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए डीईओ बिलासपुर और स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने आदेश दिया कि तीन सप्ताह के भीतर इस मामले का निर्णय लिया जाए।
शिक्षक ने स्वयं किया अपनी पैरवी
संजय कुमार पांडेय ने खुद अपनी पैरवी की और कहा कि उन्होंने 22 जनवरी 2025 से 3 फरवरी 2025 तक अपने चाचा के अंतिम संस्कार के लिए अवकाश लिया था। जब अस्वस्थता के कारण वह निर्धारित तिथि पर स्कूल में कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाए, तो उन्होंने चिकित्सकीय प्रमाण पत्र सहित अपनी अनुपस्थिति के दस्तावेज प्रधानाचार्य को भेजे। बावजूद इसके, उनके चिकित्सा अवकाश पर कोई विचार नहीं किया गया और उन्हें फरवरी, मार्च और अप्रैल 2025 के महीनों का वेतन नहीं दिया गया।
राज्य सरकार की ओर से क्या कहा गया?
राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि याचिकाकर्ता का आवेदन अभी विचाराधीन है, और यदि यह लंबित है तो इस पर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
हाईकोर्ट का आदेश
कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि प्रत्येक कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर वस्तुनिष्ठ रूप से विचार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने डीईओ बिलासपुर और प्रिंसिपल को नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया कि वे याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत चिकित्सा अवकाश आवेदन पर निर्णय लें। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि याचिकाकर्ता की छुट्टी स्वीकृत होती है, तो उसके बाद देय राशि का भुगतान शीघ्र किया जाए।
याचिकाकर्ता की मांग
संजय कुमार पांडेय ने अपनी याचिका में कहा कि प्राचार्य से वेतन का भुगतान ब्याज सहित किया जाए और साथ ही विभागीय कार्यवाही की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि उन्हें उचित क्षतिपूर्ति दी जाए, क्योंकि उन्हें समय, श्रम और धन की हानि हुई है।
संबंधित पक्ष
इस मामले में मुख्य पक्षकार छत्तीसगढ़ राज्य, विद्यालय शिक्षा विभाग, लोक शिक्षा निदेशालय, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर और प्रिंसिपल, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मस्तूरी हैं।
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