भिलाई में हिट एंड रन केस, कार चालक ने युवकों को चपेट में लिया
Hit and run case in Bhilai : भिलाई से एक हिट एंड रन का एक मामला सामने आया है। खुर्सीपार चौक पर गुरुवार रात स्कूटी सवार दो युवकों सुपेला के राम नगर निवासी लक्की और उसके दोस्त फरीद कादरी को पीछे से आ रही राजस्थान पासिंग की कार आरजे 07 सीडी 5183 के चालक ने टक्कर मार दी। कार चालक ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में दोनों जमीन पर गिर गए। दोनों ने उठकर कार को रोकने की कोशिश की। कार के अगले हिस्से में फरीद खड़ा था।
यह खबर भी पढ़ें...डीएसपी के खिलाफ रेप केस दर्ज , कभी भी हो सकते हैं गिरफ्तार
कार चालक ने युवक को घसीटा
दुर्घटना के बाद मौके से फरार होने के चक्कर में कार चालक ने फरीद पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। खुद को बचाने के लिए फरीद कार के बोनट पर चढ़ गया। इसके बाद भी कार चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। वह तेज रफ्तार में गाड़ी भगाते हुए कुम्हारी थाने के पहले चौक पर पहुंच गया। इसके बाद कार को रोका जा सका।
यह खबर भी पढ़ें...पीएम नरेंद्र मोदी के संरक्षण में आज भी चल रहा है महादेव सट्टा
लक्की ने बताया कि वह एसी रिपेयर का काम करता है। रात 8 बजे वह अपने दोस्त फरीद कादरी के साथ एसी रिपेयर चला रहा था। उसे गंभीर चोटें आई है। अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं कार चालक और उसके तीन दोस्तों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वहीं एक अन्य युक्क हरीश ने बताया कि रास्ते में कार ने सात वाहनों को टक्कर मारी।
यह खबर भी पढ़ें...महादेव सट्टा एप केस में उलझे बघेल कथावाचक प्रदीप मिश्रा को लेकर क्या बोल गए
FAQ
- भिलाई में हिट एंड रन की घटना कहां हुई?
यह घटना भिलाई के खुर्सीपार चौक पर हुई। - कार चालक ने दुर्घटना के बाद क्या किया था?
कार चालक ने दुर्घटना के बाद मौके से फरार होने की कोशिश की और फरीद को घसीटते हुए कुम्हारी थाने के पहले चौक तक कार चलाते हुए गया। - लक्की और फरीद कौन थे और उन्हें कितनी चोटें आईं?
लक्की और फरीद दोनों स्कूटी सवार थे, जो एसी रिपेयर का काम करते थे। लक्की को गंभीर चोटें आईं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यह खबर भी पढ़ें...CG Breaking : डिप्टी कलेक्टर, अपर कलेक्टर सहित 11 अफसरों के ट्रांसफर
Hit and Run | Hit and run case | Bhilai News | Durg-Bhilai News | chhatisgarh durg bhilai news | CG News | cg news live news | हिट एंड रन एक्ट | हिट एंड रन एक्ट का विरोध | हिट एंड रन केस