आईएफएस पंकज राजपूत की पत्नी अदिति ने लगाए प्रताड़ना के आरोप, अफसर बोले मामला कोर्ट में होने से मीडिया ट्रायल गैर कानूनी
अदिति सिंह ने वीडियो जारी कर अपनी पीड़ा बताने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनको ससुराल पक्ष के लोग प्रताड़ित कर रहे है। यह आरोप पति समेत सास,ससुर और ननद पर भी लगाया गया है। पंकज राजपूत ने इन आरोपों को निराधार बताया है और वीडियो के जरिए निजी मसले को सार्वजनिक करने को भी आपत्तिजनक और असंवैधानिक करार दिया है।
अदिति सिंह ने लगाए ये आरोप :
2014 बैच के आईएफएस अधिकारी पंकज सिंह राजपूत से जुड़े पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। उनकी पत्नी अदिति सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर दावा किया है कि लखनऊ की फैमिली कोर्ट में मामले का फैसला उनके पक्ष में आने के बाद भी अदालती आदेशों को अमल में लाने के लिए उन्हें लगातार प्रयास करने पड़े। उनका आरोप है कि कई स्तरों पर गुहार लगाने के बावजूद जब समाधान नहीं हुआ, तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखने का फैसला किया।
वीडियो संदेश में अदिति सिंह ने अपने पति पर लगातार अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके साथ ही नहीं बल्कि उनके नाबालिग पुत्र के प्रति भी इसी तरह का व्यवहार किया जाता है। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक स्तर पर प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया है। अदिति सिंह के मुताबिक वर्ष 2020 में न्यायालय से नोटिस मिलने के बाद उनके पति ने पुत्र के लिए प्रतिमाह 8 हजार रुपये की राशि देना शुरू किया।
उनका आरोप है कि बैंक लेन-देन और विवरण में इस राशि को लगातार Expenses यानी खर्चा के रूप में दर्ज किया गया। अदिति सिंह ने कहा कि बच्चे के भरण-पोषण, शिक्षा और दूसरी आवश्यकताओं के लिए दी जाने वाली राशि को केवल खर्चा के तौर पर दर्ज किया जाना उनके प्रति जिम्मेदारी की भावना को लेकर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पांच वर्षीय पुत्र के भरण-पोषण के लिए राशि दिए जाने को लेकर भी उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अदिति सिंह का कहना है कि इस पूरे मामले को लेकर वह अपने पति के रवैये से निराश और हताश हैं।
अदिति सिंह ने एक अन्य कानूनी मामले का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि एक अदालत ने हाल ही में पंकज सिंह राजपूत की ओर से उनकी माता निर्मला देवी के खिलाफ दायर किए गए मामले को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। अदिति सिंह ने इसे भी अपने पारिवारिक विवाद से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए हैं। अदिति सिंह ने आशंका जताई कि यदि पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानवीय मूल्यों से जुड़े ऐसे मामलों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में अधिकारियों के पारिवारिक जीवन में तनाव और बिखराव की स्थिति बढ़ सकती है।
पंकज राजपूत ने नकारे आरोप :
आईएफएस पंकज राजपूत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दुर्भाग्यजनक बताया है। पंकज ने कहा कि यह एक निजी पारिवारिक मामला है जो पांच साल से कोर्ट में है। सारी बातें कोर्ट के सामने है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस निजी मसले को सार्वजनिक किया गया। यह न सिर्फ अनैतिक है बल्कि असंवैधानिक भी है। वे एक जिम्मेदार पिता हैं और अपने दायित्वों को भली भांति समझते हैं और उनको पूरा भी कर रहे हैं।
वीडियो जारी कर इस तरह का मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए था। अदिति खुद आत्म निर्भर,आर्थिक रुप से संपन्न हैं उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं हैं। लेकिन वीडियो जारी कर नितांत निजी मामले को सार्वजनिक करना आपत्तिजनक है।
शादी के 10 साल बाद विवाद :
पंकज राजपूत और अदिति सिंह के विवाह को 10 साल बीत चुके हैं। उनका एक बेटा भी है। दस साल बाद दहेज और प्रताड़ना जैसे आरोप लगना जरुर सवाल खड़े करता है। यह पारिवारिक विवाद पांच साल से चल रहा है। इसमें तलाक का केस भी शामिल है। यह मामले लखनउ फैमिली कोर्ट में विचाराधीन हैं।