विनायक को राजस्थान-एमपी से मिल रहा था तकनीकी ज्ञान, मार्च में होनी थी अफीम की कटाई

VINAY VERMA | Mar 09, 2026, 23:01 IST
Photograph: (THESOOTR)
राजस्थान और मध्यप्रदेश के कनेक्शन से अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आया है। विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार किया गया, जबकि अचला राम जाट फरार है।

दुर्ग जिले के समोदा गांव में अफीम की अवैध खेती का राजस्थान और मध्यप्रदेश कनेक्शन सामने आया है। विनायक को राजस्थान और मध्यप्रदेश से आए लोग टेक्निकल सपोर्ट दे रहे थे। बताया जा रहा है कि तैयार होने वाली सारी अफीम राजस्थान में बेचने की योजना थी।



news in short

  • अफीम की खेती का मप्र-राजस्थान कनेक्शन।
  • जोधपुर का अचला राम मास्टरमाइंड-पुलिस।
  • अंचला राम ने विनायक को अफीम खेती सिखाई।
  • खंडवा से स्किल्ड मजदूर छत्तीसगढ़ बुलाए गए।
  • विनायक सहित तीन गिरफ्तार, अचला राम फरार।

news in detail

पूर्व भाजपा नेता विनायक ताम्रकार 5 साल पहले राजस्थान निवासी अंचला राम जाट के संपर्क में आया। अंचला राम ने ही विनायक को अफीम की खेती की जानकारी दी। अंचला राम ने विनायक का संपर्क राजस्थान के अन्य लोगों से कराया।



वहीं से विनायक को अफीम की खेती का तकनीकी ज्ञान और उसके फायदे की जानकारी मिली। उन्हीं से पता चला कि फसल कैसे तैयार करनी है। कटाई कैसे होती है और उसे बेचना कहां है?



खेती की बारीकियों के लिए खंडवा से स्किल्ड लेबर बुलाए गए थे। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन अंचला राम जाट फरार हो गया है। छग पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें राजस्थान भेजी है।



अंचला राम जाट बना मास्टर माइंड

अब पुलिस अब विनायक के सहयोगी अंचला राम जाट अफीम की खेती का मास्टर माइंड बता रही है। पुलिस के अनुसार अचला राम के कहने पर ही अफीम खेती की शुरुआत हुई। लोगों को पता ना चले इसलिए पहले 110 एकड़ जमीन को फेंसिंग कर घेराबंदी की गई।



इस सबमें करीब 2 साल का समय लगा। फिर लगभग 6 एकड़ में अफीम की खेती शुरू करवाई गई। सारा कुछ गोपनीय रहे इसके लिए मध्यप्रदेश के खंडवा से स्किल्ड लेबर बुलाए गए। जिन्हें प्रतिदिन एक हजार रुपए की मजदूरी दी जा रही थी। पुलिस ने इन मजदूरों से भी पूछताछ की है। बताया जा रहा है यह खेती का तीसरा साल था।



अक्टूबर में होती थी बुआई

अफीम के बीजों की बुआई अक्टूबर महीने में की जाती थी। करीब 5 महीने में फलस लगभग तैयार हो चुकी थी। होली बाद मार्च महीने के अंत तक फूल में चीरा लगाकर दूध निकाला जाता। सूखने के बाद इसे प्रोसेसिंग के लिए राजस्थान भेजा जाता। जहां अफीम माफिया इसे एक से दो लाख रुपए प्रतिकिलो के रेट से खरीद लेते।



बाउंसर करते थे रखवाली

मामला पूरी तरीके से गोपनीय रखने के लिए पूरे खेत के चारों ओर लोहे के तार से घेराबंदी की गई थी। खेत में जाने के लिए केवल एक छोटा सा गेट था। जिसके बाहर भी बाउंसर की तैनाती की गई थी। होलि के दिन इसी बाड़े को फांदकर लकड़ी जुटाने गांव के कुछ लड़के खेत में घुस गए थे। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।



समोदा गांच का चुनाव क्यों

अफीम की खेती के लिए ज्यादा पानी की जरुरत नहीं होती लेकिन अच्छी फसल के लिए हल्की ठंड के साथ नम वातावरण उत्तम माना जाता है। इसके अलावा मिट्टी भी बलुई होनी चाहिए। इन सबके लिए उपयुक्त वातारवण समोदा गांव में मिल रहा था। शिवनाथ नदी का किनारे के कारण जमीन बलुई भी थी। इसीलिए विनायक ताम्रकार और अंचला राम ने इस जगह को चुना।



अरबों की अफीम जब्त

पुलिस के अनुसार अफीम के पौधों, फूल-पत्ती का वजन 62424,4 किलो ग्राम है। इसकी वैध बाजार की कीमत करीब 7 करोड़ 80 लाख रुपए आंकी गई है। जबकि अवैध बाजार में इसकी कीमत कई गुना अधिक बताई जा रही है। प्रोसेसिंग के बाद अफीम माफिया इसे पूरे देश में सप्लाई करते।



राजस्थान है छग का अफीम बाजार

राजस्थान के झालावाड़, बांरां, भीलवाड़ा, प्रतापगढ और चित्तौड़गढ़ जिलों में अफीम की खेती होती है। वहीं मध्यप्रदेश में अफीम की खेती प्रमुखता से मंदसौर में होती है।



इसके अलावा नीमच, झाबुआ, रतलाम, राजगढ़ के कुछ जगहों में अफीम उगाई जाती है। इनमे ंसे अधिकतर अफीम अवैध रुप से राजस्थान में ही बेची जाती है।



प्रतापगढ़ के गांव में नहीं जाती पुलिस

बताया जाता है कि राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में एक ऐसा गांव है जहां हर घर में अफीम की प्रोसेसिंग यूनिट है। इस गांव में धड़ल्ले से अवैध रुप से अफीम की खरीद बिक्री होती है। ये कारोबार लंबे समय से चल रहा है।



बड़ी बात यह है कि सारा कुछ खुलेआम होता है। पुलिस सहित पूरे प्रशासन को इस बात की खबर है। लेकिन, कोई भी अधिकारी उस गांव में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।



विनायक सहित तीन गिरफ्तार

अफीम खेती मामले में पुलिस ने विनायक ताम्रकर, गोलू ठाकुर और विकास विश्नोई को गिरफ्तार किया है। जबकि राजस्थान के जोधपुर निवासी आरोपी अचला राम जाट फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में पुलिस की टीम जोधपुर भेजी गई है। पार्टी ने भी बीजेपी नेता विनायक को निलंबित कर दिया है।



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