आजकल नेगेटिव बात कहने का फैशन, इंद्रेश महाराज बोले, धर्म पर सोच कर बोलें

Arun Tiwari | Sept 21, 2026, 18:12 IST
धर्म पर टिप्पणी का कर्म पर असर
धर्म पर टिप्पणी का कर्म पर असर
रायपुर में श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर इंद्रेश महाराज ने धर्म और कर्म का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि धर्म पर टिप्पणी करते समय मर्यादा रखनी चाहिए। सात दिवसीय कथा में ध्रुव, प्रहलाद और श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंग सुनाए जाएंगे।

Raipur : प्रसिद्ध भागवताचार्य और युवा आध्यात्मिक वक्ता इंद्रेश महाराज इन दिनों रायपुर में हैं। राजधानी के देवेंद्रनगर स्थित कृषि उपज मंडी ग्राउंड में सोमवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पहले भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।रायपुर पहुंचने पर इंद्रेश महाराज ने छत्तीसगढ़ से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के लोगों से उन्हें हमेशा खूब प्यार और स्नेह मिला है। उन्होंने धर्म और कर्म को जीवन से जोड़ते हुए कहा कि किसी भी धर्म या धार्मिक आस्था पर टिप्पणी करने का असर व्यक्ति के कर्मों पर पड़ता है। उनका संदेश था कि धर्म को लेकर बोलते समय मर्यादा और संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल नेगेटिव बोलने का फैशन बन गया है।



कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ आयोजन

श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ से पहले सोमवार सुबह श्रीराम जानकी मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा कथा स्थल तक पहुंची, जहां धार्मिक माहौल के बीच कथा का शुभारंभ हुआ। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़ा पंडाल, प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि दूर बैठे लोग भी कथा का श्रवण और दर्शन कर सकें।


आयोजन समिति के मुताबिक, कथा में सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था रखी गई है। किसी तरह के वीआईपी या विशेष पास की व्यवस्था नहीं की गई है। वरिष्ठ नागरिकों से समय से पहले कथा स्थल पहुंचने की अपील की गई है।



सात दिन अलग-अलग प्रसंगों पर कथा

इंद्रेश महाराज 21 से 27 सितंबर तक श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करेंगे। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। सात दिनों के आयोजन में भागवत के अलग-अलग महत्वपूर्ण प्रसंगों को श्रद्धालुओं के सामने रखा जाएगा।


22 सितंबर को ध्रुव चरित्र, 23 सितंबर को प्रहलाद चरित्र, 24 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और 25 सितंबर को श्री गोवर्धन लीला महोत्सव का प्रसंग होगा। 26 सितंबर को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 27 सितंबर को कथा की पूर्णाहुति होगी। इस दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कथा विश्राम, पूर्णाहुति, आरती, महाप्रसादी वितरण और आशीर्वचन का कार्यक्रम रखा गया है।



भक्ति के साथ कर्म पर भी जोर

इंद्रेश महाराज अपने प्रवचनों में धार्मिक कथाओं को रोजमर्रा के जीवन से जोड़कर समझाने के लिए जाने जाते हैं। उनके प्रवचनों में भक्ति के साथ कर्म, आचरण और जीवन में अच्छे संस्कारों पर भी जोर रहता है। रायपुर में दिए संदेश में भी उन्होंने धर्म के प्रति सम्मान और अपने कर्मों के प्रति सजग रहने की बात कही। आयोजकों को उम्मीद है कि सात दिनों तक चलने वाली इस कथा में रायपुर के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। कथा को लेकर शहर में धार्मिक माहौल बना हुआ है और आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।



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