दर्जनभर जिलों के बदलेंगे पुलिस कप्तान, बस्तर IG की कुर्सी पर मंथन
छत्तीसगढ़ में जल्द ही IPS अधिकारियों की बड़ी तबादला सूची जारी हो सकती है। गृह विभाग स्तर पर इसकी तैयारी लगभग पूरी मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इस बार तबादलों का सबसे बड़ा आधार अधिकारियों का लंबा कार्यकाल रहेगा। ऐसे कई जिले हैं जहां पुलिस अधीक्षक डेढ़ साल या उससे अधिक समय से पदस्थ हैं। सरकार अब प्रशासनिक संतुलन और नई जिम्मेदारियों के लिहाज से बड़े फेरबदल की तैयारी में है।
लंबे कार्यकाल वाले जिलों पर फोकस
सूत्रों के अनुसार जिन जिलों में बदलाव की संभावना सबसे अधिक है, उनमें जगदलपुर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, दुर्ग, बिलासपुर, सूरजपुर, बेमेतरा, मुंगेली, एमसीबी और कोरबा शामिल हैं। इन जिलों के पुलिस कप्तानों का कार्यकाल लंबा हो चुका है। कुछ अधिकारी प्रमोशन के बाद नई जिम्मेदारी के पात्र हैं, जबकि कुछ को पुलिस मुख्यालय में नई भूमिका दी जा सकती है। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को बड़े और संवेदनशील जिलों की कमान सौंपे जाने पर भी विचार चल रहा है।
IAS ट्रांसफर फॉर्मूले पर चलेगी सरकार
पिछले महीने जारी IAS अधिकारियों की तबादला सूची में सरकार ने लंबी अवधि से एक ही विभाग में पदस्थ अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर बदला था। 43 IAS अधिकारियों के तबादलों में यही नीति दिखाई दी थी। अब माना जा रहा है कि आईपीएस तबादलों में भी यही फॉर्मूला लागू होगा। लंबे समय से एक ही जिले या जिम्मेदारी में कार्यरत अधिकारियों को नई पोस्टिंग दी जा सकती है।
सुंदरराज की विदाई से खुला बदलाव का रास्ता
बस्तर पुलिस रेंज के आईजी सुंदरराज पी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में पोस्टिंग मिलने के बाद पुलिस महकमे में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। उनकी विदाई के साथ ही बस्तर रेंज में नई नेतृत्व व्यवस्था बनानी होगी। यही वजह है कि लंबे समय से लंबित मानी जा रही आईपीएस तबादला सूची अब कभी भी जारी हो सकती है।
बस्तर सबसे ज्यादा होगा प्रभावित
तबादला सूची में सबसे अधिक असर बस्तर संभाग पर पड़ने की संभावना है। बस्तर रेंज में आईजी के साथ-साथ कई जिलों के पुलिस अधीक्षक भी बदले जा सकते हैं। जगदलपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में वर्तमान एसपी लंबे समय से पदस्थ हैं। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कई अधिकारियों को मैदानी जिलों में भेजा जा सकता है और उनकी जगह नए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
बस्तर IG की दौड़ में दो बड़े नाम
बस्तर आईजी की कुर्सी को लेकर भी पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक 2004 बैच के IPS अधिकारी अजय यादव और बद्री नारायण मीणा प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। दोनों अधिकारियों के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और गृह विभाग स्तर पर होगा। माना जा रहा है कि नक्सल मोर्चे के अनुभव और प्रशासनिक रिकॉर्ड को ध्यान में रखकर चयन किया जाएगा।
बटालियनों में भी होगा बड़ा फेरबदल
आईपीएस तबादलों के साथ-साथ राज्य की सशस्त्र पुलिस बटालियनों में भी बदलाव की तैयारी है। छत्तीसगढ़ में 22 आर्म्ड फोर्स बटालियन हैं, जिनमें कई जगह कमांडेंट अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। कुछ अधिकारियों के पास दो-दो और तीन-तीन बटालियनों की जिम्मेदारी है। गृह विभाग अब इन व्यवस्थाओं को नियमित करने के मूड में दिखाई दे रहा है।
SPS अफसरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
राज्य पुलिस सेवा के 2007 और 2008 बैच के अधिकारियों को कमांडेंट पद की जिम्मेदारी देने पर विचार चल रहा है। इससे बटालियनों में स्थायी नेतृत्व मिलेगा और अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था कम होगी। माना जा रहा है कि आईपीएस सूची के साथ या उसके तुरंत बाद बटालियन स्तर पर भी नियुक्तियों और पदस्थापन का आदेश जारी किया जा सकता है। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिल सकती है।
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