छत्तीसगढ़ में धान घोटाला; 3 केंद्रों से करोड़ों का धान और बारदाना गायब, जिम्मेदारों पर FIR
NEWS IN SHORT
- जांजगीर में 1 करोड़ 46 लाख का धान खरीदी घोटाला
- किरित, बिर्रा और कड़ारी केंद्रों में धान की गड़बड़ी
- 4714.3 क्विंटल धान गायब, फर्जी एंट्री की जांच
- सात लोगों पर एफआईआर दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
- पहले भी विवादों में रहे हैं किरीत खरीदी केंद्र
NEWS IN DETAIL
Janjgir। छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में धान खरीदी केंद्रों में बड़े पैमाने पर घोटाला सामने आया है। जिले के किरीत, बिर्रा और कड़ारी धान खरीदी केंद्रों में 1 करोड़ 46 लाख रुपए का घोटाला करने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इनमें केंद्र के प्रभारी, प्रबंधक और हमाल शामिल हैं।
घोटाले का खुलासा कैसे हुआ?
धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद सहकारिता विभाग ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान किरीत, बिर्रा और कड़ारी केंद्रों में भारी अनियमितताएं पाई गईं। इनमें से 4714.3 क्विंटल धान गायब पाया गया, जो कि रिकॉर्ड में दर्ज था। आरोप है कि इन केंद्रों में स्टॉक की हेराफेरी की गई और फर्जी एंट्री करके धान की खरीद-बिक्री की गई।
क्या-क्या हुआ था?
बिर्रा खरीदी केंद्र: यहां 41 लाख 77 हजार 250 रुपए का धान और 87 हजार 400 रुपए का बारदाना गायब पाया गया।
कड़ारी खरीदी केंद्र: इस केंद्र में 1902.20 क्विंटल धान की गड़बड़ी पाई गई, जिसकी कीमत 58 लाख 96 हजार 820 रुपए थी। साथ ही 2679 नग बारदाना भी गायब था, जिसकी कीमत 87 हजार 414 रुपए थी।
किरीत खरीदी केंद्र में करीब926 क्विंटल धान और 5500 से ज्यादा बारदाने गायब मिले हैं, जिनकी कुल कीमत 28 लाख 72 हजार 700 रुपये बताई जा रही है।
एफआईआर और पुलिस की कार्रवाई
सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की उम्मीद जताई है।
पहले भी विवादों में रहा है किरीत केंद्र
यह पहली बार नहीं है जब किरीत केंद्र विवादों में आया है। वर्ष 2021-22 में राहौद खरीदी केंद्र में भी 77 लाख रुपए के धान गबन का मामला सामने आया था। इसके बाद सेवा सहकारी समिति तुलसी किरीत में भी गड़बड़ी पाई गई थी।
इस बार की गड़बड़ी के बाद पुलिस एक्टिव मोड पर
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बनाई है। साथ ही सहकारिता विभाग भी इस मामले की जांच कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों से बचा जा सके।
फर्जीवाड़ा पर नकेल कसने की तैयारी
सहकारिता विभाग और पुलिस इस घोटाले के आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए एकजुट हैं। इस तरह की घटनाओं से राज्य सरकार की छवि को नुकसान पहुंचता है, इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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