झीरम केस को लेकर राहुल गांधी से मिले कांग्रेस नेता, NIA की जांच पर उठाए सवाल
झीरम घाटी हमले को लेकर कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान 2013 के हमले से जुड़े घटनाक्रम, अब तक हुई जांच, आरोपियों पर हुई कार्रवाई और उस समय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने मामले के साजिश वाले पहलू की जांच को लेकर भी अपनी बातें राहुल गांधी के सामने रखीं।
राहुल गांधी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, फूलो देवी नेताम, अनिता योगेंद्र यादव और उमेश पटेल समेत करीब 16 नेता शामिल थे।
जांच के साजिश वाले पहलू पर उठे सवाल
मुलाकात के बाद टीएस सिंहदेव ने मीडिया से बातचीत में जांच को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि झीरम मामले में जिन लोगों को सजा मिली है, उनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन पर गांव स्तर पर खाना पहुंचाने या गड्ढे खोदने जैसे कामों से जुड़े होने की बात सामने आई थी।
सिंहदेव ने कहा कि हमले में जिन बड़े नामों की भूमिका की चर्चा हुई थी, उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर अभी भी सवाल हैं। कुछ लोगों को फरार बताया गया है और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई हुई, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
NIA जांच को लेकर भी चर्चा
कांग्रेस नेताओं ने झीरम हमले की साजिश के पहलू को लेकर भी सवाल उठाए। सिंहदेव के मुताबिक, उनका मानना है कि NIA की जांच में षड्यंत्र के पहलू को अपेक्षित तरीके से आगे नहीं बढ़ाया गया।
उन्होंने नंदकुमार पटेल और उनके बेटे से जुड़े कुछ सवालों का भी जिक्र किया और कहा कि इस दिशा में जांच आगे नहीं बढ़ी। हालांकि, इन आरोपों और दावों को लेकर संबंधित जांच रिकॉर्ड और अदालत की कार्यवाही के आधार पर स्थिति देखी जानी बाकी है।
कानूनी कार्रवाई के लिए मांगी मदद
सिंहदेव के अनुसार, कांग्रेस नेताओं ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर विधिक राय लेने में मदद मांगी है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी की ओर से इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी मांगी जानकारी
मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने 2013 के हमले से पहले और उस समय की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी मांगी। इसमें खास तौर पर यह जानकारी जुटाने की बात सामने आई कि किस नेता को कब और कितनी सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी।
इससे झीरम घाटी हमले से पहले सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है।
25 मई 2013 को हुआ था हमला
25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
घटना के बाद इसकी अलग-अलग स्तर पर जांच हुई। हालांकि, हमले की कथित साजिश और इसमें शामिल लोगों को लेकर सवाल राजनीतिक और कानूनी चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं।
राहुल गांधी कर सकते हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के बाद झीरम घाटी मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों और उपलब्ध जांच रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर अब राहुल गांधी के संभावित बयान या प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजर रहेगी।
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