झीरम घाटी हमले के मास्टरमाइंड के सरेंडर पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बयान, बोले- 80% नक्सलवाद खत्म
Raipur. छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में पुलिस और प्रशासन को एक बड़ी सफलता मिली है। साल 2013 के झीरम घाटी नक्सल हमले के मुख्य मास्टरमाइंड और नक्सली लीडर चैतू उर्फ श्याम दादा (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य) ने अपने साथी अनंत समेत 10 माओवादियों के साथ शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया है। चैतू पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ₹25 लाख का इनाम घोषित था।
इस बड़ी उपलब्धि के बाद प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।
नक्सलवाद समाप्ति की राह पर
बस्तर 2.0: युवा संभालेंगे जल, जंगल, जमीन
विजय शर्मा ने 'बस्तर 2.0' की संकल्पना पर बात करते हुए क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि बस्तर में जल, जंगल, जमीन पर बस्तर के लोगों का ही हक है। शर्मा ने विश्वास जताया कि बस्तर के युवा ही इस क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालेंगे और वे इसके लिए उत्साहित हैं। सरकार विकास और सुरक्षा की दोहरी रणनीति पर काम कर रही है ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
अर्थव्यवस्था और राजनीति पर टिप्पणी
गृह मंत्री ने राष्ट्रीय और प्रादेशिक राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने जीडीपी में बढ़ोतरी को देश के लिए एक सुखद संकेत बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के टैरिफ (प्रशुल्क) के बावजूद यह वृद्धि देश के लोगों के परिश्रम से संभव हुई है। उन्होंने कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में बड़े नेताओं के पसंदीदा लोगों को पद मिलने पर तंज कसा। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा की परंपराओं में अंतर स्पष्ट किया:
- कांग्रेस: यहां व्यक्ति प्रमुख होता है।
- भाजपा: यहां संस्था और संगठन प्रमुख होता है।
उन्होंने कहा कि इसी कारण कांग्रेस में ऐसी स्थिति पैदा होती है।
चैतू का आत्मसमर्पण, जिसने 2013 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा सहित कई कांग्रेस नेताओं की निर्मम हत्या को अंजाम दिया था, छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।
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