/sootr/media/media_files/2025/11/28/mmc-naxal-surrender-1-january-operation-pause-request-the-sootr-2025-11-28-14-21-52.jpg)
Bastar/Bhopal/Gadchiroli:मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ (MMC) स्पेशल जोनल कमेटी के सैकड़ों नक्सली अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की तैयारी में हैं। MMC जोन के प्रवक्ता और प्रमुख नक्सली लीडर अनंत ने एक पर्चा जारी कर बताया है कि इस कमेटी के सैकड़ों नक्सली 1 जनवरी को एक साथ सरेंडर करेंगे। यह सरेंडर तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री या गृहमंत्री के सामने किए जाने की बात कही गई है।
सरेंडर की तारीख बदली, सरकार से अपील
MMC जोन प्रवक्ता अनंत ने पिछले एक हफ्ते में यह दूसरा पर्चा जारी किया है, जिसमें सरेंडर की तारीख को लेकर बदलाव किया गया है। 22 नवंबर को जारी पहले पर्चे में नक्सलियों ने 15 फरवरी तक विचार करने का समय मांगा था। अब जारी किए गए पर्चे में 1 जनवरी तक ही सभी साथियों के सरेंडर करने की बात कही गई है।
अनंत ने तीनों राज्यों (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़) के मुख्यमंत्रियों से अपील की है कि उनके साथियों से बातचीत जारी रखने और प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षाबलों के नक्सल ऑपरेशन को रोक दिया जाए। यह घटनाक्रम बस्तर क्षेत्र में चल रहे नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बीच आया है।
ये खबर भी पढ़ें...
Sukma Naxal Surrender: 48 लाख के इनामी 15 माओवादियों ने किया सरेंडर, 4 हार्डकोर नक्सली भी शामिल
CG Naxal News: दंतेवाड़ा में सबसे बड़ी सफलता,एकसाथ 71 नक्सलियों ने किया सरेंडर
/filters:format(webp)/sootr/media/media_files/2025/11/28/1764314867-2025-11-28-14-10-53.jpg)
पहली बार जारी की खुली फ्रीक्वेंसी: बाऊफेंग का इस्तेमाल
नक्सलियों ने अपने साथियों तक सामूहिक निर्णय की सूचना पहुंचाने के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। नक्सलियों ने अपने साथियों से संपर्क साधने के लिए बाऊफेंग (BaoFeng) वॉकी-टॉकी की एक खुली फ्रीक्वेंसी नंबर 435.715 जारी की है। इस फ्रीक्वेंसी पर 1 जनवरी तक हर दिन सुबह 11 बजे से 11:15 बजे तक बातचीत की जाएगी।
बाऊफेंग क्या है?
बाऊफेंग एक हैंडहेल्ड वॉकी-टॉकी/रेडियो है, जो बिना मोबाइल नेटवर्क के भी दो लोगों को लंबी दूरी तक बात करने की सुविधा देता है। यह फ्रीक्वेंसी सेट करके काम करता है और अक्सर सुरक्षा गार्ड, इवेंट मैनेजमेंट, ट्रेकिंग और पुलिस-फोर्स द्वारा उपयोग किया जाता है। नक्सलियों द्वारा अपनी संचार प्रक्रिया सार्वजनिक करना एक बड़ा और दुर्लभ कदम है।
ये खबर भी पढ़ें...
नक्सली हथियार छोड़ने को तैयार! केंद्रीय कमेटी का बड़ा फैसला, MP-CG-महाराष्ट्र सरकारों को लिखा पत्र
Bijapur Naxal encounter: 3 नक्सलियों के मारे जाने की खबर, दोनों ओर से फायरिंग जारी
PLGA सप्ताह नहीं मनाने का आह्वान
सरेंडर की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए, लीडर अनंत ने अपने कैडर से तमाम गतिविधियों को विराम देने की अपील की है। उन्होंने अपने साथियों से कहा है कि वे जोश या आवेश में आकर कोई ऐसी हरकत न करें जिससे सरेंडर की प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न हो। अनंत ने स्पष्ट किया है कि इस बार नक्सली PLGA (People's Liberation Guerrilla Army) सप्ताह नहीं मनाएंगे, जो आमतौर पर उनकी प्रमुख गतिविधि का समय होता है। इस सरेंडर को तीनों राज्यों के नक्सलवाद विरोधी प्रयासों के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
- Beta
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us