बिना रिकॉर्ड के डकार गए 218 करोड़! कवर्धा शिक्षा विभाग के तत्कालीन बीईओ निलंबित
News In Short
- कर्वर्धा शिक्षा विभाग में 218 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई।
- चार वर्षों में ट्रेजरी से राशि निकली, कोई बिल या रजिस्टर रिकॉर्ड नहीं।
- ऑडिट टीम ने ऑफिस में कोई मूल दस्तावेज नहीं पाया।
- ई-कोष पोर्टल से निकासी के विवरण से पता चला कि पैसे खर्च का कोई प्रमाण नहीं।
- तत्कालीन बीईओ संजय जायसवाल निलंबित।
News In Details
Kawardha. कर्वर्धा जिले के शिक्षा विभाग में वित्तीय प्रबंधन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। पिछले चार साल में ट्रेजरी से कुल 218 करोड़ 4 लाख 87 हजार 344 रूपए निकाले गए, लेकिन इनका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड विभाग में उपलब्ध नहीं है। न तो भुगतान रजिस्टर में, न बिल-वाउचर में, न कैशबुक में, और न ही उपयोगिता प्रमाण पत्र में इन पैसों का कोई उल्लेख है।
ऑडिट में अनियमितताओं का खुलासा
5 सदस्यीय ऑडिट टीम ने 24 और 25 नवंबर 2025 को बीईओ कार्यालय कर्वर्धा का वित्तीय ऑडिट किया। ऑडिट के दौरान कार्यालय में कोई भी मूल वित्तीय दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं पाया गया। जब ई-कॉष (ई-कोष) से निकासी का विवरण देखा गया, तो पता चला कि पिछले चार वर्षों में करोड़ों रूपए ट्रेजरी से निकाले गए, लेकिन उनके उपयोग का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
ऑडिट टीम ने पूरे लेखा-जोखा में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी पाई, जिससे यह साबित होता है कि वित्तीय प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
तत्कालीन बीईओ संजय जायसवाल निलंबित
ऑडिट में अनियमितताओं की पुष्टि के बाद तत्कालीन प्रभारी बीईओ संजय जायसवाल (मूल पद: व्याख्याता एलबी) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत निलंबित कर दिया गया है। संजय जायसवाल वर्तमान में हाईस्कूल बैरख (बोड़ला) में पदस्थापना पर थे।
FAQ
- कर्वर्धा शिक्षा विभाग में कितने पैसों का घोटाला हुआ?
कर्वर्धा शिक्षा विभाग में पिछले चार वर्षों में 218 करोड़ 4 लाख 87 हजार 344 रुपये ट्रेजरी से निकाले गए, लेकिन उनके उपयोग का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला। ऑडिट टीम ने भुगतान रजिस्टर, बिल-वाउचर, कैशबुक और उपयोगिता प्रमाण पत्र में कोई दस्तावेज नहीं पाया। - कर्वर्धा शिक्षा विभाग घोटाले का खुलासा कैसे हुआ?
24 और 25 नवंबर 2025 को 5 सदस्यीय ऑडिट टीम ने बीईओ कार्यालय कर्वर्धा का वित्तीय ऑडिट किया। ऑडिट में पाया गया कि कार्यालय में कोई मूल वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे और ई-कोष से निकासी के विवरण में खर्च का कोई प्रमाण नहीं था। - कर्वर्धा शिक्षा विभाग घोटाले का जिम्मेदार कौन है?
कर्वर्धा शिक्षा विभाग में 218 करोड़ की अनियमितताओं के बाद तत्कालीन प्रभारी बीईओ संजय जायसवाल को जिम्मेदार ठहराया गया और उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत निलंबित कर दिया गया। ऑडिट में उनके कार्यालय में मूल वित्तीय दस्तावेज़ न मिलने और खर्च का कोई प्रमाण न मिलने की पुष्टि हुई।
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