कवर्धा धान घोटाला : समिति प्रबंधक और ऑपरेटर ने किया सरकारी राशि का बंदरबांट

Umeshwari Baghel | May 28, 2026, 17:23 IST
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कबीरधाम के पंडरिया और लोहारा में सरकारी धान उपार्जन में करीब डेढ़ करोड़ रुपए का गबन उजागर हुआ। कामठी समिति में 3289 क्विंटल और धरमगढ़ में 1200 क्विंटल धान की फर्जी खरीदी और रिकॉर्ड हेराफेरी पकड़ी गई है।

NEWS IN SHORT

  • पंडरिया और लोहारा में धान उपार्जन में 1.5 करोड़ का गबन।
  • कामठी समिति में 3289 क्विंटल धान फर्जी तरीके से खरीदी।
  • धरमगढ़ में 1200 क्विंटल धान हेराफेरी।
  • समिति प्रबंधक और ऑपरेटर पर गंभीर आरोप।
  • खाद्य विभाग ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए है।

NEWS IN DETAIL

Kawardha। कवर्धा धान घोटाला: कबीरधामजिले के पंडरिया और लोहारा विकासखंडों में सरकारी धान उपार्जन प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। खाद्य विभाग की जांच में लगभग 1.5 करोड़ रुपए का गबन सामने आया। फर्जी खरीदी-बिक्री और रिकॉर्ड में हेराफेरी ने प्रशासन और किसानों के बीच चिंता बढ़ा दी है।



कामठी समिति में धान की फर्जी खरीदी

पंडरिया क्षेत्र की कामठी समिति में जांच के दौरान 3289 क्विंटल धान का फर्जी खरीदी-विक्रय पकड़ा गया। विभाग के अनुसार, रिकॉर्ड में हेराफेरी और सरकारी धन का गबन हुआ है। यह मामला सीधे धान उपार्जन नीति का उल्लंघन है।



धरमगढ़ में 1200 क्विंटल धान का हेराफेरी

लोहारा विकासखंड के धरमगढ़ में भी लगभग 1200 क्विंटल धान के हेराफेरी का खुलासा हुआ। दोनों जगहों को मिलाकर प्रशासन ने अनुमानित डेढ़ करोड़ रुपए का गबन माना है। इससे जिले की प्रशासनिक प्रक्रिया और सरकारी उपार्जन की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।



समिति प्रबंधक और ऑपरेटर पर गंभीर आरोप

जांच में यह सामने आया कि प्रभारी प्रबंधक दयाराम पुसऊ, ऑपरेटर और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर राशि का बंदरबांट किया। खाद्य विभाग ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध माना है। दोषियों से पूरी राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



खाद्य अधिकारी का बयान और कार्रवाई

खाद्य अधिकारी चंद्रशेखर देवांगन ने कहा कि यह मामला ‘शासन को षड्यंत्रपूर्वक आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला अपराध’ है। उन्होंने समिति प्रबंधक, ऑपरेटर और अन्य दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।



किसानों और संगठनों की प्रतिक्रिया

घोटाले के उजागर होने के बाद किसानों और संगठनों में नाराजगी है। किसान संघों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रणाली सुधार की मांग की। उनका कहना है कि इससे भविष्य में किसानों के हितों की सुरक्षा और सरकारी उपार्जन प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहनी चाहिए।



FAQ

  1. कबीरधाम धान घोटाला कितनी राशि का है?
    लगभग 1.5 करोड़ रुपए का गबन उजागर हुआ है।
  2. घोटाले में कौन आरोपी है?
    समिति प्रबंधक दयाराम पुसऊ, ऑपरेटर और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
  3. किस क्षेत्र में घोटाला हुआ?
    पंडरिया और लोहारा विकासखंड में।
  4. प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
    दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कर वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई।

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