दो महीने में उखड़ी दो करोड़ की सड़क, डिप्टी सीएम के इलाके में बना था रोड
Raipur : छत्तीसगढ़ में सड़कों का तो भगवान ही मालिक है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा के क्षेत्र कवर्धा में बनी ढाई करोड़ की सड़क ढाई महीने भी नहीं चली। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई थी। हालत ये है कि इस नई की नई सड़क में पूरा का पूरा ट्रक धंस गया।
हैरानी की बात ये है कि इस विभाग का जिम्मा विजय शर्मा के ही पास है। ठेकेदारों और अधिकारियों का गठजोड़ इतना निडर हो गया है कि इनको कोई कार्रवाई का डर ही नहीं रहा। यह है छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन की सड़क जिसमें सीधे सीधे भ्रष्टाचार का डामर डाल दिया गया है।
सड़क किनारे लगा बोर्ड
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना यानी पीएम जनमन योजना
सड़क का नाम - खरिया से अगरी
जिला - कवर्धा
लंबाई - 3.60 किलोमीटर
लागत - 248.99 लाख
ठेकेदारा का नाम - तिलकराम चंद्रवंशी
5 वर्ष संधारण की राशि - 16.99 लाख
भूपेश बघेल ने पोस्ट किया सड़क वीडियो
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस सड़क का पूरा वीडियो पोस्ट किया है। यह सड़क लोग अपने हाथ से उखाड़ कर बता रहे हैं। इस सड़क में सिर्फ गिट्टी डाली गई है। भूपेश बघेल ने अपने पोस्ट में लिखा कि ये उखड़ती हुई सड़क देखिए। कमाल ये है कि यह सड़क दो महीने पहले ही करोड़ों की लागत से बनाई गई है।
और उससे भी बड़े कमाल की बात ये है कि यह सड़क रील वाले गृहमंत्री और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का दायित्व संभालने वाले मंत्री विजय शर्मा के ही गृह निर्वाचन क्षेत्र की है। डबल इंजन सरकार की तरह ही यह दलदली से मेन रोड खरिया से अगरी (बी )पीएम जनमन सड़क पहली ही बारिश की परीक्षा में फेल हो गई है। भ्रष्टाचार में डूबी सरकार में जिस प्रकार सड़क उखड़ रही है, उसी तरह अब इस सरकार को उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है।
सवालों के घेरे में सड़क
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत दलदली से मेन रोड खरिया होते हुए अगरी (बी) तक करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित सड़क पहली ही बारिश में अपनी गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। निर्माण कार्य पूरा हुए अभी महज दो महीने ही बीते हैं, लेकिन सड़क कई स्थानों पर उखड़ने लगी है।
इससे न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं बल्कि ग्रामीणों में भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को लंबे समय तक बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद थी।
बरसात के दिनों में दलदली और आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानी को देखते हुए इस सड़क का निर्माण कराया गया था। लेकिन पहली ही बारिश ने सड़क निर्माण की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। जगह-जगह डामर की परत उखड़ने लगी है और कई हिस्सों में सड़क क्षतिग्रस्त दिखाई देने लगी है।
भ्रष्टाचार का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया होता और तकनीकी मानकों का सही तरीके से पालन किया गया होता, तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। लोगों का मानना है कि निर्माण के दौरान लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग के कारण करोड़ों रुपए की लागत से बनी सड़क पहली ही बारिश का सामना नहीं कर सकी।
सड़क खराब होने से ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ गई है। क्षतिग्रस्त हिस्सों से दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। बारिश के दौरान उखड़े हुए हिस्सों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में इसकी स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।
अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब सड़क का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है, तब इतनी कम अवधि में उसका क्षतिग्रस्त होना निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं ताकि लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें, लेकिन यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा तो सरकारी धन का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा।
क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही सड़क की तकनीकी जांच कराकर गुणवत्ता के अनुरूप दोबारा मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और टिकाऊ सड़क सुविधा मिल सके।
IMP FACTS
कवर्धा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क दो महीने में खराब हो गई।
सड़क निर्माण की लागत करीब 248.99 लाख रुपए बताई गई है।
सड़क का नाम खरिया से अगरी (बी) है।
सड़क की कुल लंबाई 3.60 किलोमीटर है।
सड़क निर्माण का जिम्मा ठेकेदार तिलकराम चंद्रवंशी को दिया गया था।
सड़क के पांच साल के संधारण के लिए 16.99 लाख रुपए की राशि निर्धारित है।
पहली बारिश में कई जगह सड़क की डामर परत उखड़ गई।
ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सड़क का वीडियो जारी कर सरकार पर निशाना साधा है।
यह सड़क डिप्टी सीएम विजय शर्मा के गृह विधानसभा क्षेत्र कवर्धा में बनी है।
FAQ
- कवर्धा की खराब हुई सड़क किस योजना के तहत बनी थी?
यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएम जनमन योजना) के तहत बनाई गई थी। - कवर्धा में सड़क निर्माण की लागत कितनी थी?
खरिया से अगरी (बी) सड़क निर्माण की लागत करीब 248.99 लाख रुपए थी। - सड़क खराब होने पर क्या मांग की गई है?
ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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