केशकाल में बन रहा है छत्तीसगढ़ का पहला ट्विन टनल,130 KM घटेगी रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे की दूरी

Harrison Masih | Oct 11, 2025, 12:55 IST
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छत्तीसगढ़ के केशकाल क्षेत्र की माँझीनगढ़ पहाड़ियों में बन रहा है राज्य का पहला ट्विन टनल, जो रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी 130 किमी तक घटा देगा। 2.8 किमी लंबा यह टनल भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत तैयार हो रहा है।

Keshkal. छत्तीसगढ़ में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य का पहला ट्विन टनल (Twin Tunnel) केशकाल विधानसभा क्षेत्र के बड़ेराजपुर विकासखंड के माँझीनगढ़ पहाड़ियों में तेजी से बन रहा है। इस टनल के तैयार हो जाने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी लगभग 130 किलोमीटर कम हो जाएगी। यह टनल भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) के अंतर्गत निर्मित की जा रही है और इसे छत्तीसगढ़ के सड़क इतिहास का मील का पत्थर माना जा रहा है।



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कहां बन रहा है ट्विन टनल,क्या है इसकी खासियत?

केशकाल घाट से जाम की समस्या होगी खत्म

केशकाल घाट में अक्सर बड़े वाहनों और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। इस टनल के बनने के बाद यह परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही केशकाल बाईपास रोड और भारतमाला सड़क परियोजना के तहत वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किए जा रहे हैं, जिससे भारी वाहनों को सीधा मार्ग मिलेगा और घाट में ट्रैफिक दबाव नहीं रहेगा।



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सुरक्षा और आधुनिक तकनीक से लैस टनल

टनल में हर 500-500 मीटर पर आपातकालीन वॉल (Emergency Wall) बनाया जा रहा है ताकि यदि कोई वाहन खराब हो जाए या दुर्घटना हो, तो दूसरे लेन से तुरंत निकला जा सके। इसके अलावा टनल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है —



  • वेंटिलेशन सिस्टम (Ventilation System)
  • सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस
  • इमरजेंसी एस्केप रूट्स
  • टेलीफोन और कम्युनिकेशन सिस्टम
  • फायर अलार्म और सेफ्टी सेंसर

टनल के भीतर हर तकनीकी पहलू पर सख्ती से निगरानी रखी जा रही है ताकि सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित की जा सके।



टनल मैनेजर जी. पुल्लाय्या ने दी जानकारी

टनल परियोजना (Keshkal Twin Tunnel Project) के मैनेजर जी. पुल्लाय्या के अनुसार: “सितंबर 2026 तक हमारा टनल का कार्य पूर्ण हो जाएगा। अभी पहला भाग 2.8 किमी की खुदाई पूरी हो चुकी है, जिसकी सफाई जारी है। दूसरा भाग भी नवंबर तक पूरा हो जाएगा। सुरक्षा कारणों से किसी बाहरी व्यक्ति को फिलहाल प्रवेश की अनुमति नहीं है जब तक एनएचएआई (NHAI) से औपचारिक अनुमति न मिल जाए।”



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मुख्य जानकारी एक नजर में

बिंदुविवरण
स्थानमाँझीनगढ़ पहाड़ियाँ, बड़ेराजपुर (केशकाल विधानसभा)
लंबाई2.8 किलोमीटर (ट्विन टनल – दो हिस्सों में)
लेन व्यवस्था3-3 लेन (अलग-अलग दिशा के लिए)
परियोजनाभारतमाला प्रोजेक्ट के तहत
कार्य आरंभजनवरी 2024
लक्ष्य पूर्णतासितंबर 2026
स्थितिपहला भाग पूर्ण, दूसरा भाग नवंबर 2025 तक तैयार

छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी को नई उड़ान

यह परियोजना न केवल रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे की दूरी घटाएगी बल्कि छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक संपर्क को भी गति देगी। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।



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FAQ

  1. छत्तीसगढ़ का पहला ट्विन टनल कहाँ बनाया जा रहा है?
    छत्तीसगढ़ का पहला ट्विन टनल केशकाल विधानसभा क्षेत्र के बड़ेराजपुर विकासखंड के अंतर्गत माँझीनगढ़ पहाड़ियों में बनाया जा रहा है।
  2. केशकाल ट्विन टनल परियोजना की लंबाई क्या है?
    टनल की कुल लंबाई 2.8 किलोमीटर है, जो दो हिस्सों में विभाजित है—एक आने वाले और दूसरा जाने वाले वाहनों के लिए। यह परियोजना जनवरी 2024 में शुरू हुई थी और सितंबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
  3. छत्तीसगढ़ में ट्विन टनल बनने से क्या फायदा होगा?
    इस टनल के बन जाने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी 130 किमी कम हो जाएगी और केशकाल घाट के ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। साथ ही यह मार्ग व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक कनेक्टिविटी को नई गति देगा।
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