छत्तीसगढ़ में खनिज ऑनलाइन 2.0 का नया दौर; दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति, अब घर बैठे निकलेगी रॉयल्टी पर्ची और ट्रांजिट पास
NEWS IN SHORT
- खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल से बढ़ी पारदर्शिता और नियंत्रण
- रेत खदानों में ई-टेंडरिंग, कीमतों पर पड़ेगा असर
- डीएमएफ 2.0 पोर्टल से फंड में पारदर्शिता आयेगी
- बस्तर के आदिवासियों को सीधा फायदा, टिन की कीमत में चार गुना वृद्धि
- खनिज विभाग की डिजिटल निगरानी से अवैध खनन पर कड़ी नज़र
NEWS IN DETAIL
Raipur। रायपुर :छत्तीसगढ़ सरकार ने खनिज कारोबार में पारदर्शिता लाने और राजस्व में वृद्धि करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सीएम साय के नेतृत्व में खनिज विभाग ने खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल को लागू किया है। इस नए डिजिटल सिस्टम के बाद, खदान संचालकों को अब रॉयल्टी पर्ची लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
ई-रॉयल्टी और ई-ट्रांजिट पास 24 घंटे ऑनलाइन
अब खनिज कारोबारियों को ई-रॉयल्टी और ई-ट्रांजिट पास की सुविधा 24 घंटे ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इससे न केवल समय और लागत की बचत होगी
बल्कि सिस्टम में मानवीय हस्तक्षेप कम होने के कारण गड़बड़ियों पर भी अंकुश लगेगा। यह पहल खनिज कारोबार में पारदर्शिता को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
खनिज निगरानी में रियल टाइम सुधार
नई व्यवस्था के तहत खदानों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। खनिज विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इससे अवैध उत्खनन, ओवरलोडिंग और बिना परमिट खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
पहले मैनुअल प्रक्रियाओं के कारण देरी और अनियमितताओं की शिकायतें आती थीं, लेकिन अब हर ट्रांजैक्शन का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा, जिसे किसी भी समय जांचा जा सकेगा।
डीएमएफ फंड पर बढ़ी निगरानी
राज्य में जिला खनिज संस्थान न्यास फंड (डीएमएफ) में हर साल करीब 2 हजार करोड़ रुपये खर्च होते हैं। पहले इस फंड के उपयोग में पारदर्शिता की कमी और मनमानी के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अब डीएमएफ 2.0 पोर्टल के
जरिए सभी प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृतियां ऑनलाइन होंगी। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि पैसा किस योजना में और किस उद्देश्य से खर्च किया जा रहा है।
रेत खदानों में नई नीति से कीमतों में सुधार की उम्मीद
राज्य में रेत खदानों के संचालन को लेकर लंबे समय से विभिन्न नियमों के कारण असंतुलन था। अब वन स्टेट-वन पॉलिसी लागू की गई है, जिसके तहत खदानों का आबंटन ई-टेंडरिंग के माध्यम से किया जा रहा है।
अब तक करीब 200 नई खदानों की नीलामी हो चुकी है, जिससे रेत की सप्लाई बढ़ने और कीमतों में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
बस्तर में आदिवासी परिवारों को मिलेगा सीधा फायदा
(छत्तीसगढ़ खनिज क्षेत्र)बस्तर संभाग में टिन संग्रह करने वाले आदिवासी परिवारों के लिए सरकार ने खरीदी दर को 640 रुपये से बढ़ाकर 2800-2900 रुपए प्रति किलो कर दिया है।
अब इन परिवारों को नकद भुगतान की बजाय आधार आधारित प्रणाली से सीधे बैंक खाते में राशि भेजी जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और आदिवासियों की आय में सीधा इजाफा होगा।
सिस्टम से बढ़ेगा नियंत्रण
सीएम विष्णुदेव सायके निर्देश पर खनिज विभाग में डिजिटल निगरानी और ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया है, जिससे पूरे खनिज क्षेत्र में नियंत्रण मजबूत हुआ है। जमीनी स्तर पर अवैध खनन और स्थानीय अनियमितताओं में कमी आई है।
इस बदलाव से छत्तीसगढ़ में खनिज कारोबार की पारदर्शिता में सुधार होने और अवैध गतिविधियों पर काबू पाने की उम्मीद जताई जा रही है।
Imp Facts
- खनिज ऑनलाइन 2.0 से रॉयल्टी और ट्रांजिट पास अब 24 घंटे ऑनलाइन होंगे
- रेत खदानों की नीलामी से सप्लाई बढ़ेगी, कीमतों में सुधार होगा
- डीएमएफ 2.0 से फंड का खर्च अब ऑनलाइन ट्रैक होगा
- बस्तर में टिन की कीमत 640 रुपये से बढ़कर 2800-2900 रुपए हुई
- आधार आधारित भुगतान से आदिवासियों की आय में वृद्धि होगी
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