छत्तीसगढ़ में श्रमिकों की मजदूरी बढ़ी, अब प्रतिदिन मिलेंगे 300 रुपए
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले अकुशल श्रमिकों की मजदूरी बढ़ा दी गई है। अब श्रमिकों को 261 रुपए की जगह 300 रुपए प्रतिदिन मजदूरी मिलेगी। नई दर 1 जुलाई 2026 से लागू हो गई है। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण के तहत संशोधित मजदूरी दर जारी की है।
हर दिन 39 रुपए अधिक मिलेंगे
नई मजदूरी दर लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को हर कार्य दिवस पर 39 रुपए अधिक मिलेंगे। पहले एक दिन के काम के लिए 261 रुपए दिए जाते थे। अब यही राशि बढ़कर 300 रुपए हो गई है। पुरानी मजदूरी की तुलना में यह बढ़ोतरी करीब 15 प्रतिशत है।
इस फैसले का लाभ उन श्रमिकों को मिलेगा जो ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी रोजगार योजना के तहत अकुशल श्रम करते हैं। मजदूरी बढ़ने से काम करने वाले ग्रामीण परिवारों की दैनिक आय में सीधा इजाफा होगा।
1 जुलाई से लागू हुई नई मजदूरी दर
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सहित अलग-अलग राज्यों के लिए नई मजदूरी दरें तय की हैं। मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ में अकुशल हस्त श्रम की मजदूरी 300 रुपए प्रतिदिन तय की गई है।
नई दर 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जाएगी। इस तारीख से योजना के तहत काम करने वाले पात्र श्रमिकों की मजदूरी नई दर के आधार पर तैयार होगी। राज्य सरकार ने योजना के क्रियान्वयन के लिए जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पूरे देश में लागू हुआ नया ग्रामीण रोजगार मिशन
विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू किया गया है। छत्तीसगढ़ में भी इसी दिन से योजना प्रभावी हो गई है।
राज्य के गांवों में श्रमिकों को नई योजना और मजदूरी दर की जानकारी दी जा रही है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से लोगों को रोजगार के नियम और भुगतान व्यवस्था के बारे में बताया जाएगा। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से ग्रामीण रोजगार को अधिक व्यवस्थित किया जाएगा।
2 जुलाई को गंडईखुर्द में होगा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम
छत्तीसगढ़ में योजना से जुड़ा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम 2 जुलाई 2026 को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में होगा।
इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया जाएगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार का प्रावधान
योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में काम की उपलब्धता बढ़ाना और परिवारों को आय का साधन देना है।
रोजगार की मांग करने के बाद काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान है। पात्रता और भुगतान योजना के तय नियमों के आधार पर होगा।
15 दिन के भीतर मजदूरी भुगतान का दावा
योजना में मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था रखी गई है। श्रमिकों को भुगतान सीधे तय प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। सरकार ने भुगतान व्यवस्था को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने की बात कही है।
श्रमिकों के लिए डिजिटल जॉब कार्ड की सुविधा भी दी जाएगी। काम की उपस्थिति और कार्य की प्रगति दर्ज करने के लिए तकनीक आधारित प्रणाली का उपयोग होगा। इससे रोजगार और मजदूरी का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा।
ग्राम सभा तय करेगी गांव के काम
नई योजना के तहत ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी। गांव की जरूरत के अनुसार कामों का चयन किया जाएगा।
योजना में जल संरक्षण और सिंचाई से जुड़े काम शामिल होंगे। ग्रामीण सड़क निर्माण और वृक्षारोपण के काम भी कराए जाएंगे। इसके अलावा टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाएगा।
ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास पर भी जोर
मिशन में ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और आजीविका से जुड़े कामों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इसके तहत युवाओं को रोजगार योग्य बनाने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में जरूरी विकास कार्य पूरे करना है। मजदूरी दर बढ़ने से योजना के तहत काम करने वाले श्रमिकों को अब प्रतिदिन 300 रुपए का भुगतान मिलेगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
नई मजदूरी दर 1 जुलाई 2026 से लागू हुई।
मजदूरी 261 रुपए से बढ़कर 300 रुपए प्रतिदिन हुई।
श्रमिकों को रोजाना 39 रुपए अधिक मिलेंगे।
लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के अकुशल श्रमिकों को मिलेगा।
योजना में सालाना 125 दिन रोजगार का प्रावधान है।
मजदूरी भुगतान 15 दिनों के भीतर किया जाएगा।
श्रमिकों को डिजिटल जॉब कार्ड भी दिए जाएंगे।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में नई मजदूरी दर कितनी है?
अब अकुशल ग्रामीण श्रमिकों को 300 रुपए प्रतिदिन मजदूरी मिलेगी। - नई मजदूरी दर कब से लागू हुई है?
नई मजदूरी दर 1 जुलाई 2026 से लागू हुई है। - योजना के तहत कितने दिन रोजगार मिलेगा?
ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों तक रोजगार देने का प्रावधान है।
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