लेंसकार्ट विवाद की आग रायपुर तक; शोरूम में घुसकर हिंदू संगठन ने कर्मचारियों को लगाया टीका

Harrison Masih | Apr 21, 2026, 17:29 IST
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लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद अब रायपुर तक पहुंच गया है, जहां धर्म जागरण समिति ने शोरूम पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और कंपनी पर हिंदू धार्मिक प्रतीकों के खिलाफ नीति अपनाने का आरोप लगाया।

News In Short

    • लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद रायपुर तक पहुंचा, शोरूम में विरोध प्रदर्शन।
    • धर्म जागरण समिति ने जय श्री राम के नारे लगाकर विरोध जताया।
    • तिलक, कलेवा और जनेऊ पर रोक लगाने के आरोप लगाए गए।
    • कंपनी ने सभी धार्मिक प्रतीकों के सम्मान की बात कहकर सफाई दी।
    • सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक मुद्दा बन रहा है।

    News In Details

    सोशल मीडिया से शुरू हुआ लेंसकार्ट (Lenskart) ड्रेस कोड विवाद अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक पहुंच गया है। मंगलवार को धर्म जागरण समिति की सह संयोजिका भारती वैष्णव अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक लेंसकार्ट शोरूम पहुंचीं और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “जय श्री राम” के नारे लगाए और कंपनी की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई।



    शोरूम में पहुंचकर किया विरोध, लगाए जय श्री राम के नारे

    प्रदर्शन के दौरान भारती वैष्णव ने शोरूम कर्मचारियों से बातचीत की और उनके नाम पूछने के बाद कुछ कर्मचारियों को तिलक भी लगाया। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर कोई कंपनी “हिंदू विरोधी” गतिविधियां करती है तो उसका विरोध किया जाएगा।



    Lenskart controversy


    तिलक, कलेवा और जनेऊ पर रोक का आरोप

    धर्म जागरण समिति की सह संयोजिका भारती वैष्णव ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी की ड्रेस कोड नीति में यह कहा गया है कि कर्मचारी तिलक, कलेवा और जनेऊ नहीं पहन सकते।



    उन्होंने आरोप लगाया कि जहां एक ओर हिंदू प्रतीकों पर रोक की बात की जा रही है, वहीं मुस्लिम कर्मचारियों को हिजाब पहनने की अनुमति दी जा रही है। इसी को लेकर उन्होंने कंपनी की नीति पर सवाल उठाए और विरोध दर्ज कराया।



    कंपनी ने पहले ही दी सफाई

    इस विवाद पर लेंसकार्ट पहले ही अपनी सफाई दे चुका है। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बयान जारी करते हुए कहा कि उनके स्टोर स्टाइल गाइड को स्टैंडर्डाइज किया जा रहा है और इसे पारदर्शिता के साथ लागू किया जाएगा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान किया जाता है और इन्हें कंपनी की पहचान का हिस्सा माना गया है।



    साथ ही कंपनी ने कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उसे खेद है और आगे की नीतियां समानता और सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित होंगी।



    मामला क्यों बढ़ा विवाद?

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद यह मुद्दा तेजी से विवाद का रूप लेता जा रहा है। रायपुर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद यह मामला अब और अधिक चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया और तेज हो सकती है।



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