छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में अचानक क्यों उमड़ी 10 राज्यों की भीड़?

Umeshwari Baghel | Jul 26, 2026, 22:13 IST
डोंगरगढ़ में हुआ अरबों का बड़ा खेला
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में फॉरेक्स ट्रेडिंग ठगी के आरोप को लेकर 10 राज्यों से 100 से ज्यादा निवेशक पहुंचे। निवेशकों ने लॉन्ग एशिया प्लेटफॉर्म पर अरबों रुपये फंसाने का आरोप लगाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली, जांच शिकायत के बाद होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • फॉरेक्स ठगी का आरोप, डोंगरगढ़ पहुंचे 10 राज्यों के निवेशक
  • लॉन्ग एशिया पर अरबों की ठगी का दावा, सड़कों पर उतरे निवेशक
  • निवेशकों का हंगामा, आरोपी से जुड़े व्यक्ति के घर का घेराव
  • फॉरेक्स ट्रेडिंग में पैसा फंसा, देशभर से डोंगरगढ़ पहुंचे लोग
  • 100 से ज्यादा निवेशकों का प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Dongargarh। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में आज रविवार को ऑनलाइन निवेश से जुड़ा बड़ा विवाद सामने आया। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे 100 से ज्यादा निवेशकों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लॉन्ग एशिया (Long Asia) के जरिए करोड़ों-अरबों रुपये की ठगी का आरोप लगाया। निवेशकों का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने के बाद अब वे अपनी रकम वापस पाने के लिए परेशान हैं।



निवेशकों के डोंगरगढ़ पहुंचने के बाद रेलवे चौक के पास स्थित एक मकान के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। बताया जा रहा है कि यह मकान मामले से जुड़े एक व्यक्ति का है। निवेशकों ने वहां पहुंचकर विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की। भीड़ बढ़ने के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।



10 राज्यों से पहुंचे निवेशक, डोंगरगढ़ में किया प्रदर्शन

निवेशकों के मुताबिक वे पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश सहित करीब 10 राज्यों से डोंगरगढ़ पहुंचे हैं। उनका आरोप है कि ऑनलाइन मीटिंग, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए जोड़ा गया।



निवेशकों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें अच्छा रिटर्न मिला। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा और धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग इस नेटवर्क से जुड़ते चले गए। कई लोगों ने अपनी बचत की रकम लगाने के साथ ही बैंक से लोन लेकर भी निवेश किया।



फरवरी 2026 से बंद हुआ पैसा निकालना

पीड़ित निवेशकों का आरोप है कि फरवरी 2026 के बाद अचानक प्लेटफॉर्म से पैसे निकालने की सुविधा बंद हो गई। कंपनी की ओर से तकनीकी समस्या का हवाला दिया गया, लेकिन इसके बाद भी निवेशकों को उनकी रकम वापस नहीं मिली।



डोंगरगढ़ में हुआ अरबों का बड़ा खेला


निवेशकों का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क से देशभर के बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं और लाखों लोगों का पैसा फंसा हुआ है। उनका आरोप है कि कुल नुकसान अरबों रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, निवेशकों के इन दावों की अभी तक पुलिस या किसी जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।



आरोपी से जुड़े व्यक्ति के घर के बाहर जुटी भीड़

अपनी रकम वापस पाने की मांग को लेकर डोंगरगढ़ पहुंचे निवेशकों ने मामले से जुड़े बताए जा रहे एक व्यक्ति के घर का घेराव कर दिया। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से इलाके में हलचल बढ़ गई।



मौके पर स्थानीय लोग भी पहुंच गए। उन्होंने निवेशकों से अपील की कि वे कानून अपने हाथ में न लें और पूरी कार्रवाई पुलिस के जरिए करें।



सूचना मिलने के बाद डोंगरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।



थाने पहुंचे निवेशक, लेकिन नहीं दी लिखित शिकायत

घटना के बाद निवेशक डोंगरगढ़ थाने पहुंचे और थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर से मुलाकात की। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। थाना प्रभारी ने बताया कि कई लोगों ने ऑनलाइन ठगी की बात बताई है, लेकिन अभी तक किसी भी व्यक्ति ने लिखित शिकायत नहीं दी है। पुलिस ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार जांच की जाएगी।



उन्होंने निवेशकों से यह भी कहा कि जिस स्थान से उनके साथ ऑनलाइन ठगी हुई है, वहां संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं। जरूरत पड़ने पर डोंगरगढ़ पुलिस जांच में सहयोग करेगी।



निवेशकों ने लगाए कई लोगों पर आरोप

नागपुर से पहुंचे निवेशक रविशंकर बाघ ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराया और अब बड़ी संख्या में लोगों की रकम फंस गई है।



उन्होंने आरोप लगाया कि कुलजीत सिंह भाटिया, जोगेंद्र वर्मा, अभय कुनले और मयंक सहित कुछ लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। निवेशकों ने कहा कि वे जल्द ही राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक और रेंज आईजी से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। हालांकि, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



क्या है लॉन्ग एशिया प्लेटफॉर्म?

लॉन्ग एशिया खुद को एक ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताता है। इसके जरिए विदेशी मुद्रा और अन्य वित्तीय उत्पादों में निवेश का दावा किया जाता है।



हालांकि, भारत में किसी भी फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को काम करने के लिए तय नियमों का पालन करना होता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और नियामकीय मंजूरी की जांच जरूर करें।



पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल डोंगरगढ़ से जुड़े इस मामले में निवेशकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, निवेशक अपनी जमा रकम वापस पाने के लिए अधिकारियों से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।



FAQ

  1. लॉन्ग एशिया फॉरेक्स ट्रेडिंग मामला क्या है?
    लॉन्ग एशिया प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश कराने के बाद पैसे वापस नहीं मिलने का आरोप निवेशकों ने लगाया है। निवेशकों का दावा है कि इसमें बड़ी संख्या में लोगों की रकम फंसी हुई है।
  2. डोंगरगढ़ में निवेशक क्यों पहुंचे थे?
    देश के करीब 10 राज्यों से आए निवेशक आरोपी से जुड़े बताए जा रहे व्यक्ति से जवाब और कार्रवाई की मांग को लेकर डोंगरगढ़ पहुंचे थे। उन्होंने घर के बाहर प्रदर्शन भी किया।
  3. क्या पुलिस ने ठगी की पुष्टि कर दी है?
    नहीं, पुलिस ने अभी किसी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस के अनुसार लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

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