महंत बोले रामभद्राचार्य ठग और धीरेंद्र शास्त्री फ़र्ज़ी बाबा, जगद्गुरु ने कहा आजमाकर देख लो

Arun Tiwari | May 26, 2026, 09:38 IST
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छत्तीसगढ़ में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा जगद्गुरु रामभद्राचार्य और धीरेंद्र शास्त्री को ठग और 'फर्जी' बताने पर सियासत गरमा गई है। रामभद्राचार्य और बीजेपी ने इस पर तीखा पलटवार किया है।

RAIPUR : छत्तीसगढ़ की राजनीति में धर्म और संतों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा जगद्गुरु रामभद्राचार्य और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर की गई टिप्पणी के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। महंत के बयान पर न केवल जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने तीखा जवाब दिया, बल्कि भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस पर सनातन विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला है।



जगद्गुरु नहीं रामभद्राचार्य:

मनेन्द्रगढ़ दौरे के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए चरणदास महंत ने कहा कि वे रामभद्राचार्य को “जगद्गुरु” नहीं मानते और चिरमिरी में चल रही उनकी कथा में शामिल नहीं होंगे। महंत ने आरोप लगाया कि कुछ धार्मिक गुरु भाजपा के प्रचारक की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “ऐसे बाबा लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, ज्ञान के माध्यम से ठग रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री जैसे सभी बाबा फर्जी हैं।”



महंत ने कांग्रेस नेताओं से भी ऐसे आयोजनों से दूरी बनाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आस्था भगवान में है और वे “कण-कण में भगवान” मानने वाले व्यक्ति हैं। महंत के इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।



योग्यता की परीक्षा ले लें महंत:

महंत के बयान पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कथा के दौरान व्यासपीठ से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चरणदास महंत उन्हें जगद्गुरु नहीं मानते हैं तो वे खुली चुनौती देते हैं कि उनके ज्ञान और योग्यता की परीक्षा ले लें। रामभद्राचार्य ने कहा कि जगद्गुरु बनने के लिए तीन ग्रंथों पर भाष्य लिखना अनिवार्य होता है और वे सभी कसौटियों पर खरे उतरते हैं। उन्होंने कहा, “मैं ऐसा जगद्गुरु नहीं हूं जिसे कोई भी चुनौती दे दे। मैं 22 भाषाओं में धाराप्रवाह बोल सकता हूं।”



रामभद्राचार्य ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि रामभक्तों पर लाठी और गोलियां चलाने वालों को आज संतों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान वे जेल गए, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने क्या योगदान दिया, इसका जवाब देना चाहिए। रामभद्राचार्य ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी अपेक्षाकृत बेहतर थे, लेकिन उसके बाद की राजनीति में संतों के प्रति सम्मान का अभाव दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि “संतों के बारे में कैसे बोला जाता है, इतनी भी कॉमन सेंस नहीं बची है।



संतों को फ़र्ज़ी कहना शर्मनाक:

बीजेपी ने भी इस पूरे विवाद को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मुख्य प्रदेश प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि चरणदास महंत का बयान कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति में अंधी हो चुकी है और गांधी परिवार को खुश करने के लिए संतों का अपमान कर रही है।



संतोष पांडेय ने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र संतों को “फर्जी” कहना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने महंत पर राहुल गांधी, उदयनिधि स्टालिन और ममता बनर्जी जैसे नेताओं की राह पर चलने का आरोप लगाया। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को भगवान राम के अस्तित्व और राम मंदिर पर सवाल उठाने में कभी संकोच नहीं हुआ और अब वही लोग धार्मिक ज्ञान बांटने का प्रयास कर रहे हैं।



चिरमिरी में चल रही कथा:

चिरमिरी में 17 मई से 26 मई तक जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी शामिल हो चुके हैं।



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