गांजा तस्कर पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, छत्तीसगढ़ सरकार को भेजा नोटिस
NEWS IN SHORT
- महासमुंद पुलिस ने 24 किलो गांजा जब्त कर आरोपी को जेल भेजा
- धनेश्वर साहू की दूसरी जमानत हाई कोर्ट में खारिज
- आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी के जरिए मांगी जमानत
- NDPS एक्ट के तहत मामला संगठित अपराध का प्रतीक
- सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी भेजा
NEWS IN DETAIL
Bilaspur। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में कोमाखान पुलिस ने ओड़िशा के एक गांजा तस्कर के कब्जे से 24 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इस कार्रवाई में आरोपी धनेश्वर साहू को गिरफ्तार कर नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजा गया। धनेश्वर साहू पिछले साढ़े तीन महीने से जेल में बंद हैं और उनकी दूसरी जमानत याचिका बिलासपुर हाई कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका और सुनवाई
धनेश्वर साहू ने अपनी जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की है। यह याचिका जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी. मोहाना की डिवीजन बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए प्रस्तुत की गई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया और जवाब पेश करने के लिए चार सप्ताह की मोहलत दी। कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश भी दिया।
मामला कैसे उजागर हुआ
महासमुंद की कोमाखान पुलिस को एक मुखबिर से गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने पहले एक सह-आरोपी को पकड़ा, जिसके पास से 24 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान उसने धनेश्वर साहू का नाम उगला, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धनेश्वर को भी गिरफ्तार कर लिया।
याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि धनेश्वर साहू के खिलाफ अभी तक आरोप तय नहीं किए गए हैं। वह 17 फरवरी 2026 से जेल में बंद हैं।
आरोप और पुलिस की दलील
महासमुंद पुलिस ने धनेश्वर साहू के खिलाफ NDPS एक्ट, 1985 की धारा 20(बी)(ii)(C) के तहत एफआईआर दर्ज की है। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि जब्त की गई 24 किलोग्राम गांजा व्यावसायिक मात्रा से अधिक है। इसके अलावा, आरोपी का नाम सह-आरोपी के बयान में सामने आया है और यह संगठित अपराध प्रतीत होता है। आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
न्यायालय की राय
सिंगल बेंच की सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ अभी तक आरोप तय नहीं किए गए हैं। लेकिन 24 किलोग्राम गांजा की मात्रा और सह-आरोपी के बयान के आधार पर यह मामला संगठित अपराध का प्रतीक है। इसलिए, यह याचिका नियमित जमानत के लिए उपयुक्त नहीं है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि धनेश्वर साहू की दूसरी जमानत याचिका इस स्तर पर खारिज की जाती है और ट्रायल कोर्ट को मुकदमे की कार्यवाही शीघ्रता से समाप्त करने के लिए स्वतंत्र माना जाता है।
IMP FACTS
महासमुंद जिले के कोमाखान पुलिस ने 24 किलोग्राम गांजा जब्त किया।
आरोपी धनेश्वर साहू को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
धनेश्वर साहू पिछले साढ़े तीन महीने से जेल में बंद हैं।
हाई कोर्ट ने उनकी दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
धनेश्वर साहू ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर जमानत मांगी।
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को चार सप्ताह में जवाब पेश करने का नोटिस जारी किया।
जब्त गांजा की मात्रा व्यावसायिक स्तर से अधिक और यह संगठित अपराध प्रतीत होता है।
ट्रायल कोर्ट मुकदमे की कार्यवाही शीघ्रता से पूरा करने के लिए स्वतंत्र है।
FAQ
- धनेश्वर साहू से कितनी मात्रा में गांजा जब्त की गई थी?
सह-आरोपी के कब्जे से कुल 24 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। - हाई कोर्ट ने धनेश्वर साहू की जमानत क्यों खारिज की?
जब्त गांजा की मात्रा व्यावसायिक स्तर से अधिक थी और यह संगठित अपराध प्रतीत होता था। - सुप्रीम कोर्ट ने मामले में क्या कदम उठाया है?
कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया और जवाब पेश करने के लिए चार सप्ताह की मोहलत दी।
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